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क्या है रसगुल्ला डे और आखिर क्यों मनाया गया

आज तक आपने चिल्ड्रन्स डे, फादर्स और मदर्स डे सुना और मनाया होगा, लेकिन क्या कभी रसगुल्ला डे या रसगुल्ला दिवस मनाते देखा या सुना है, तो आपका जवाब न में होगा। दरअसल अब देश में पहली बार त्योहारों की ही तरह रसगुल्ले को महत्व देते हुए, पश्चिम बंगाल में सरकार ने रसगुल्ले डे को मनाने की शुरूआत की है।

क्या है रसगुल्ला डे और आखिर क्यों मनाया गया
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आज तक आपने चिल्ड्रन्स डे, फादर्स और मदर्स डे सुना और मनाया होगा, लेकिन क्या कभी रसगुल्ला डे या रसगुल्ला दिवस मनाते देखा या सुना है, तो आपका जवाब न में होगा। दरअसल अब देश में पहली बार त्योहारों की ही तरह रसगुल्ले को महत्व देते हुए, पश्चिम बंगाल में सरकार ने रसगुल्ले डे को मनाने की शुरूआत की है।
इसलिए आज हम आपको रसगुल्ला डे के मनाए जाने की वजह और उससे जुड़ी बातों के बारे में बता रहे हैं। जिससे आप रसगुल्ले और उसके महत्व को जाने सकें।

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पश्चिम बंगाल सरकार ने रसगुल्ले को भौगोलिक पहचान (जीआई टैग) मिलने के एक साल पूरा होने पर बुधवार को रसगुल्ला दिवस आयोजित किया। रसगुल्ले को पश्चिम बंगाल का रोसोगोल्ला जीआई टैग मिला है। न्यू टाउन क्षेत्र में इको पार्क के एक हिस्से में बनाए गए मिष्ठी हब में लगाए गए विभिन्न स्टालों पर रसगुल्लों के विभिन्न प्रकारों को प्रदर्शित किया गया।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने ट्विटर पर लिखा कि बांग्लार रोसोगोल्ला (बंगाली रसगुल्ला) को आज ही के दिन पिछले साल जीआई टैग (भौगोलिक पहचान) मिला था। हम इस मधुर अवसर को कोलकाता के मिष्ठी हब में रसगुल्ला दिवस के रूप में मना रहे है। सभी का स्वागत है।'
पिछले साल नवंबर के महीने में पश्चिम बंगाल को रसगुल्ले के लिए जीआई टैग मिला था। जीआई टैग एक ऐसा चिह्न है जो एक विशेष स्थान से उत्पन्न होने वाले उत्पाद की पहचान कराता है।

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