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डिलीवरी डेट के करीब आते ही जरूर करें ये काम, प्रसव में नहीं आएगी कोई दिक्कत

Pregnancy Care Tips: मां बनना किसी भी महिला के लिए एक खूबसूरत एहसास होता है। इस सफर के दौरान हर महिला कई उतार-चढ़ाव से गुजरती है। प्रेग्नेंसी में महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं, इसके साथ ही उनका दिमाग भी कई तरह के इमोशन से गुजरता है। प्रेग्नेंट महिलाओं के मन में डिलीवरी को लेकर के कई डर होते हैं।

डिलीवरी डेट के करीब आते ही जरूर करें ये काम, प्रसव में नहीं आएगी कोई दिक्कत
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Pregnancy Care Tips: मां बनना किसी भी महिला के लिए एक खूबसूरत एहसास होता है। इस सफर के दौरान हर महिला कई उतार-चढ़ाव से गुजरती है। प्रेग्नेंसी (Pregnancy) में महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं, इसके साथ ही उनका दिमाग भी कई तरह के इमोशन से गुजरता है। प्रेग्नेंट महिलाओं (Pregnant Women) के मन में डिलीवरी डेट (Delivery Date) को लेकर के कई डर होते हैं। जैसे जैसे उनकी डिलीवरी डेट नजदीक आती है, वैसे वैसे ये डर और भी गहरे होते जाते हैं। ज्यादातर महिलाएं चाहती हैं कि उनकी डिलीवरी आसानी से बिना किसी के कॉम्प्लीकेशन के निपट जाए। नॉर्मल डिलीवरी (Normal Delivery) के लिए महिलाएं कई जतन भी करती है। तो आज हम उनके लिए कुछ टिप्स लेकर के आएं हैं, जिन्हे रोजाना करने से नॉर्मल डिलीवरी में मदद मिलेगी।

पेरिनेम की मालिश करें (Massage Your Perineum)

लगभग 34 सप्ताह से, व्हीटजर्म ऑयल (Wheatgerm Oil) या मीठे बादाम के तेल (Sweet Almonds Oil) का उपयोग करके अपने पेरिनेम यानि योनि और एनल के बीच के एरिया को धीरे से मालिश करना शुरू करें। इससे आप नॉर्मल डिलीवरी में होने वाले अत्याधिक दर्द से बच पाएंगे।

पोछा लगाएं (Mopping the Floor)

नॉर्मल डिलीवरी के लिए आखिरी यानी तीसरे ट्राईमेस्टर में ज्यादा एक्टिव रहना चाहिए। इसके लिए आप घर के छोटे मोटे काम करने शुरु कर देनें चाहिए। ऐसा कहते हैं कि नॉर्मल डिलीवरी के लिए नौंवा महीना शुरु होते ही बैठकर धीरे- धीरे पोंछा लगाना शुरु कर देना चाहिए। बैठकर पोंछा लगवाने से पेल्विस मसल्स की अच्छे से एक्सरसाइज हो जाती है, इसके साथ ही इससे वह फ्लेक्सिबल हो जाती है। इस कारण आपको नॉर्मल डिलीवरी में आसानी होती है।

उड़द दाल का पानी (Drink Urad Dal Water)

ऐसा सुना जाता है कि नौवां महीना शुरु होते ही प्रेग्नेंट महिलाओं को उड़द की दाल के पानी में घी डालकर पीना चाहिए। कहते हैं कि इससे योनि में चिकनाहट आ जाती है और डिलीवरी आसानी से हो जाती है।

मेडिटेशन (Meditation)

प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए अपने स्ट्रेस लेवल को मेंटेन करने बहुत जरूरी होता है। अगर महिलाएं प्रेग्नेंसी के दौरान स्ट्रेस में रहती हैं, तो इससे डिलीवरी में कॉम्प्लीकेशंस पैदा हो सकते हैं। इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान अपने स्ट्रेस लेवल को मेंटेन करने के लिए मेडिटेशन करें। इसके साथ ही आप कोई ब्रीदिंग एक्सरसाइज भी कर सकती हैं, जिससे आपका सांसो पर कंट्रोल अच्छा रहे।

नोट- यहां बताए जा रही टिप्स को तभी करें जब आपकी प्रेग्नेंसी में किसी तरह की कोई कॉम्प्लीकेशन न हो। इसके अलावा इन चीजों को करने से पहले एक बार एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले लें। प्रेग्नेंसी में एक्सपर्ट्स की सलाह लिए बिना कोई भी काम न करें।

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