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बदलते मौसम में घर को पॉल्यूशन फ्री बनाने के तरीके

अब तक आपने बॉडी डिटॉक्स के बारे में सुना होगा, लेकिन क्या आप जानती हैं कि आपके घर को भी डिटॉक्स करने की जरूरत होती है। जानिए, किस तरह अपने घर के हर कोने को डिटॉक्स किया जाए, पॉल्यूशन फ्री बनाया जाए।

बदलते मौसम में घर को पॉल्यूशन फ्री बनाने के तरीके

Pollution Free Tips For Home : जब सर्दी का मौसम था, तब आप घर को गर्म रखने के लिए रात-दिन दरवाजे, खिड़की बंद रखती थीं, इससे घर तो गर्म रहता है लेकिन वेंटिलेशन ना होने से घर के भीतर का प्रदूषण स्तर बढ़ जाता है। यह प्रदूषण आपके और घर के सदस्यों के लिए समस्या बन सकता है, कई तरह की प्रॉब्लम हो सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि मौसम बदलते ही घर को डिटॉक्स करें। जब घर डिटॉक्स होता है तो अंदर के प्रदूषण का स्तर अपने आप ही कम हो जाता है।

रसोई से करें शुरुआत

रसोई में खाना पकाने से घर की हवा में कार्बन मोनोक्साइड का लेवल बढ़ता है, इससे थकान, सिरदर्द, उल्टी, आलसपन जैसी समस्या हो सकती है। रसोई में इस्तेमाल होने वाले क्लीनिंग प्रोडक्ट्स में मौजूद खतरनाक केमिकल से हाथ, नाक और गले में खराश होती है। घर की हवा को शुद्ध बनाने वाले एयर फ्रेशनर भी फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे में किचेन की हवा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए गैस के बर्नर की साफ-सफाई जरूरी है। बर्नर से निकलने वाली पीली रोशनी का मतलब है उससे ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड का निकलना। इसके लिए बर्नर को हटाकर दोबारा लगाना चाहिए। बर्नर अगर गंदा है तो उसे साबुन मिले पानी में निकालकर साफ करें। किचेन में लगे एग्जॉस्ट फैन पर जमी धूल मिट्टी और चिकनाई से भी प्रदूषण होता है। एग्जॉस्ट फैन के फिल्टर को खोलकर पानी से साफ करें। उसके पंखों को गीले कपड़े से रगड़ें। किचेन की सफाई के लिए केमिकल बेस्ड क्लीनिंग प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कम से कम करें। अगर करना ही हो तो खुले स्थान पर करें जिससे घर के भीतर की हवा प्रदूषित न हो। संभव हो तो ईको-फ्रेंडली प्रोडक्ट्स चुनें।

बाथरूम-बेसमेंट की सफाई

घर में बाथरूम ऐसी जगह है, जहां नमी के कारण फंगस हो सकती है। बाथरूम की दीवारों में सीलन से फंगस और दीमक फैलती है। इससे सिरदर्द, कफ, आंख और गले में जलन होती है। बाथरूम की दीवारों की नमी हटाने के लिए चौथाई कप क्लोरीन में छह कप पानी डालकर साफ करें। बाथरूम के रबर के मैट्स को इसी सॉल्यूशन से धोकर उन्हें धूप में सुखाएं। प्लास्टिक के पर्दे को भी साबुन से धोकर उन्हें धूप में रखें। बाथरूम को टॉक्सिंस फ्री बनाने के लिए एग्जॉस्ट फैन को अच्छी तरह साफ करें।

लिविंग रूम-बेडरूम

लिविंग रूम, बेडरूम में रखे सामान और फर्नीचर की धूल-मिट्टी को साफ करें। एयरकंडीशनर के फिल्टर में जमी गंदगी कई तरह के प्रदूषक तत्वों का घर हो सकती है। उसकी ग्रिल को हटाकर साफ करें। एयरकंडीशनर की सर्विस कराकर उसे आने वाले दिनों के लिए तैयार करें।

फर्नीचर

डबल बेड, सोफा, कुर्सियां और घर के दूसरे फर्नीचर की धूल मिट्टी को वैक्यूम क्लीनर से साफ करें। घर के पिलो अगर वॉशेबल हैं तो इन्हें धोएं और धोकर धूप में सुखाएं। बिल्डिंग मैटीरियल से पैदा होने वाली गंधहीन, रंगहीन गैसें भी घर को प्रदूषित करती हैं, इनसे डिटॉक्सीफाई करने के लिए घर की नियमित रंगाई, पुताई कराएं।

इन्हें भी आजमाएं

-रसोई की सिंक को बोरॉक्स पाउडर और नींबू के रस से साफ करें। स्टील की सिंक के लिए सूखे आटे का इस्तेमाल करें।
-बाथरूम की टाइल्स के दाग-धब्बों को हाइड्रोजन पैरॉक्साइड से साफ करें।
-रसोई की बंद नाली में एक कप नमक, एक कप बेकिंग सोडा डालकर वहां उबलता पानी डालें और साफ करें।
-बाथरूम के शावर के बंद छेदों को खोलने के लिए सफेद सिरके में थोड़ी देर भिगोकर रखने के बाद इसे सूखे कपड़े से साफ करें।
इन सभी बातों को आजमाकर आप अपने घर को डिटॉक्स कर सकती हैं, साफ-सुथरा और सुंदर बना सकती हैं।
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