Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

बच्चों की आंखों को नुकसान पहुंचाता है मोबाइल, जानें बच्चों को इनसे दूर रखने के तरीके

आज के परिवेश में नवजात बच्चे से लेकर बढ़ रहे बच्चे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बेहद करीब हैं। आज के दौर में अधिकतर घरों में कम उम्र के बच्चे मोबाइल, टैब और लैपटॉप पर नजरें गड़ाए दिख जाते हैं। छोटी उम्र में ऐसा करने से बच्चों की आंखों पर प्रतिकूल असर डालते हैं।

बच्चों की आंखों को नुकसान पहुंचाता है मोबाइल, जानें बच्चों को इनसे दूर रखने के तरीके

आज के परिवेश में नवजात बच्चे से लेकर बढ़ रहे बच्चे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बेहद करीब हैं। आज के दौर में अधिकतर घरों में कम उम्र के बच्चे मोबाइल, टैब और लैपटॉप पर नजरें गड़ाए दिख जाते हैं। छोटी उम्र में ऐसा करने से बच्चों की आंखों पर प्रतिकूल असर डालते हैं।

नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स के डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेत्र विज्ञान केंद्र के प्रोफेसर रोहित सक्सेना का मानना है कि मोबाइल, टैब और लैपटॉप पर ज्यादा समय बिताने और बाहरी गतिविधियों की कमी से बच्चों की दूर की नजर कमजोर हो रही है।

लगातार नजदीक से देखने के कारण आंखों पर जोर पड़ता है और आंखों की मांसपेशियां कमजोर होती हैं।

ये पड़ता है असर

बच्चे जितना समय मोबाइल, टैब या लैपटॉप आदि पर बिताते हैं, उसमें से 30 से 40 प्रतिशत समय नजदीक की चीजें देखने में लगा रहे हैं। इससे उनकी दूर की नजर धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है।

इस वजह से आंखों पर पड़ता है असर

दरअसल, हमारी आंखें दूर को चीजें देखने में भी सक्षम होती हैं, लेकिन लगातार नजदीक का देखने से बच्चों की आंखें नजदीक की चीजें देखने की आदी हो रही हैं, जिससे बच्चों की दूर की नजर कमजोर हो रही हैं।

यह भी पढ़ें: इस वजह से 9 महीने से पहले ही हो जाता है शिशु का जन्म, करानी पड़ती है प्रीमैच्योर डिलीवरी

बच्चों को मोबाइल से दूर करने का तरीका

शहरीकरण के इस दौर में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों ने हम सबके जीवन में इतने अंदर तक पैठ बना ली है कि हर घर में बच्चे इन उपकरणों की लत में फंस रहे हैं।

बच्चों की इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की चपेट में आने से बचने के लिए कम से कम रोजाना एक घंटे उन्हें बाहर के खेलों में बिताने को प्रोत्साहित करना चाहिए। ऐसा करने से आंखों की मांसपेशियों को आराम मिलेगा और दूर की नजर खराब होने का खतरा 20 प्रतिशत तक कम हो जाएगा।

अंधेरे में मोबाइल चलाना है घातक

बचपन से ही दूर की नजर कमजोर होने या चश्मा लगने का हानिकारक प्रभाव यह है कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे चश्मे का नंबर बढ़ता है। उम्र बढ़ने के साथ–साथ आंख का पर्दा पतला होता जाता है।

इसके अलावा पर्दे के क्षतिग्रस्त होने का खतरा रहता है। इसके अलावा रात के अंधेरे में मोबाइल चलाने से आंखों पर तीव्र दबाव पड़ता है और आंखों के पूर्णतया क्षतिग्रस्त होने का खतरा रहता है।

Next Story
Top