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बच्चों को सिखाएं खर्च-बचत का सही तरीका

सही खर्च, बचत और बजट की प्लानिंग बड़ों के लिए ही नहीं बच्चों के लिए भी जरूरी है। तभी वे पैसों की अहमियत को समझना सीखते हैं। लेकिन यह आदत बच्चे में तभी विकसित होगी, जब पैरेंट्स उन्हें सही गाइडेंस देंगी।

बच्चों को सिखाएं खर्च-बचत का सही तरीका
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आमतौर पर पैरेंट्स को यही लगता है कि पैसों से जुड़े इश्यूज बच्चों के लिए नहीं होते हैं। यह पूरी तरह घर के बड़ों के जरिए हैंडल किया जाने वाला मामला होता है, जबकि ऐसा नहीं है। बचपन से ही अगर बच्चों में पैसों को लेकर समझ विकसित न की जाए तो बड़े होने पर सेविंग्स करने और बजट बनाने में उन्हें समस्या आ सकती है।

इस तरह की आदत उनके भविष्य के लिए सही नहीं है। बच्चों को ऐसी समस्या न आए, इसके लिए जरूरी है पैरेंट्स उन्हें खर्च करने का तरीका, बचत जैसी बातों को लेकर कॉन्शस रहना सिखाएं।

कितना हो जेब खर्च

बच्चे का जेब खर्च कितना हो, इस पर हर पैरेंट्स की अपनी-अपनी राय हो सकती है। लेकिन बच्चे की पॉकेटमनी न बहुत ज्यादा हो और न बहुत ज्यादा कम। पॉकेटमनी तय करने के लिए बच्चे के क्या-क्या बुनियादी खर्च हैं, इसकी लिस्ट बनाएं। उस खर्च के हिसाब से बच्चे का जेबखर्च तय करें।

बजट बनाएं

बच्चे के कुछ मांगने पर उसे वह चीज तुरंत उपलब्ध करवा देना, उसके खर्च की कोई लिमिट सेट न करना, ये सभी बातें बच्चे को फिजूलखर्च करने वाला बनाती हैं। इस सिचुएशन से बचने के लिए जरूरी है कि बच्चे को बजट बनाने की समझ विकसित की जाए। इसके लिए बच्चे को अपने खर्च का हिसाब रखने को कहें।
बच्चे को अपनी जरूरत के लिए पैसा पॉकेटमनी में से खर्च करने को कहें। ऐसा करके पैरेंट्स अपने बच्चों को पैसों के मामले में जिम्मेदार बना सकते हैं, जिससे वह धीरे-धीरे बजट बनाना सीख सकता है।

सेविंग्स की आदत

अगर बच्चे अपने जेब खर्च से पैसा बचा लेते हैं तो उसमें कुछ और पैसे जोड़कर उसे बचत करने के लिए मोटिवेट करें। हालांकि बच्चों के लिए पैसा बचाना काफी मुश्किल होता है। लेकिन उन्हें यह बताएं कि किसी खास खिलौने या किताब को लेने के लिए उन्हें अपने छोटे-छोटे खर्चों को कम करना होगा। इस तरह बच्चा सेविंग करना भी सीख जाएगा।

खुद बनें रोल मॉडल

पैरेंट्स के खर्च करने का तरीका, बाजार में किसी सामान को खरीदने के लिए उसकी कीमत की जांच करना, मोलभाव करने की आदत, गैर जरूरी चीजों में खर्च न करना जैसी आदतों से बच्चों को बहुत कुछ सीखने को मिलता है। बच्चे को सेविंग सिखाने के लिए पैरेंट्स भी घर के खर्चों में कटौती करके उनके रोल मॉडल बन सकते हैं।

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