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न्यूट्रीशस डाइट: इन 6 चीजों को खाने से बुढ़ापे तक दिखेंगी जवान

बढ़ती उम्र का असर सबसे पहले चेहरे और त्वचा पर नजर आता है। लेकिन न्यूटीएंट्स से भरपूर डाइट रेग्युलर ली जाए तो बढ़ती उम्र के असर को कम किया जा सकता है। साथ ही चेहरे की दमक को भी बरकरार रखा जा सकता है। जानिए, कैसी डाइट आपकी ब्यूटी को बढ़ाने में हेल्पफुल हो सकती है?

न्यूट्रीशस डाइट: इन 6 चीजों को खाने से बुढ़ापे तक दिखेंगी जवान

अपनी ब्यूटी को बनाए रखने, इसमें इजाफा करने के लिए महिलाएं हर संभव कोशिश करती हैं। महंगे मेकअप प्रोडक्ट, होममेड फेसमास्क, तरह-तरह की क्रीम का इस्तेमाल करती हैं, लेकिन कई बार इन सबके बावजूद उनके चेहरे की रंगत पर कोई असर नजर नहीं आता है।

यही नहीं एजिंग शाइन भी ज्यादा नजर आने लगते हैं,लेकिन जरूरी है कि न्यूटीएंट्स से भरपूर डाइट ली जाए तो पॉजिटिव रिजल्ट मिलते हैं, साथ ही त्वचा पर निखार और रौनक नजर आती है।

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विटामिन ई

विटामिन ई को एक्सपर्ट्स ब्यूटी विटामिन भी कहते हैं। इसका नियमित इस्तेमाल फ्री रेडिकल्स से बचाव करता है। अल्ट्रावॉयलेट रेज, स्ट्रेस और पॉल्यूशन से बॉडी सेल्स को जो नुकसान पहुंचता है,उसकी भरपाई इस विटामिन से की जा सकती है।

विटामिन ई के साथ-साथ अनसैचुरेटेड फैट्स को शामिल किया जाए तो इससे काफी फायदा मिलता है। अनसैचुरेटेड फैट्स से कोशिकाओं की दीवारें लचीली और नर्म होती हैं, जिससे पौष्टिक तत्व उन तक आसानी से पहुंच जाते हैं।

आपको विटामिन, अनसैचुरेटेड फैट्स का कॉम्बिनेशन व्हीट जर्म, फ्लैक्स सीड्स, सनफ्लॉवर ऑयल, नट्स और एवोकाडो जैसे फूड्स आइटम्स में मिल जाएगा।

महिलाओं को रोज 11-12 मिग्रा इस विटामिन का सेवन करना चाहिए। यह मात्रा 50 ग्राम बादाम या एक टी-स्पून व्हीट जर्म से मिल सकती है।

कैरोटीनॉयड्स

तेज धूप, प्रदूषित वातावरण में ज्यादा देर रहने से स्किन एजिंग के शाइन ज्यादा दिखने लगते हैं। इनसे बचने के लिए कैरोटीनॉयड्स बेस्ड फूड्स का इस्तेमाल करें।टमाटर,गाजर और आम में कैरोटीनॉयड्स भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

एक गिलास गाजर का रस या एक-दो बड़े चम्मच टमाटर का गूदा रोज खाना भी फायदेमंद रहता है। लंबे समय तक इनके सेवन से अल्ट्रावॉयलेट रेज से 75 फीसदी तक बचाव किया जा सकता है। इसके अलावा ग्रीन टी भी इसका एक अच्छा सोर्स है।

ग्रीन टी में सेल्स को प्रोटेक्ट करने वाले कंपाउंड बहुत होते हैं। इसमें मौजूद पोलीफेनॉल्स अल्ट्रावॉयलेट रेज से होने वाले नुकसान को कम करते हैं। इसके लिए दिन में दो या तीन कप ग्रीन टी लेना फायदेमंद होता है।

विटामिन बी

विटामिन बी मेटाबॉलिज्म को ठीक रखता है। साथ ही बॉडी सेल्स को जल्दी रिपेयर करने में भी अहम रोल अदा करता है। विटामिन बी ओट फ्लेक्स, व्हीट जर्म और बनाना में भरपूर मात्रा में होता है। इनके सेवन से सेल्स का रिजेनरेशन जल्दी होता है।

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फाइटोहार्मोंस

उम्र बढ़ने के साथ हमारा शरीर, त्वचा को नर्म, लचीली और कसा हुआ रखने वाले केमिकल का उत्पादन कम कर देता है। इस प्रोसेस को धीमा करने के लिए शुरू से ही फाइटोहार्मोन युक्त फूड्स का सेवन करना चाहिए।

सोयाबीन में फाइटोहार्मोन काफी मात्रा में होता है। इसके अलावा हरी पत्तेदार सब्जियों, तिल में भी यह पाया जाता है। मेनोपाज के बाद महिलाओं को इनका सेवन जरूर करना चाहिए।

वॉटर (पानी)

शरीर में वाटर यानी पानी की कमी से स्किन में झुर्रियों और बालों में रूखेपन की समस्या हो सकती है। पानी की कमी से त्वचा में ढीलेपन और नमी की कमी की समस्या भी होती है।

इसके लिए पर्याप्त मात्रा में पानी तो पीना ही चाहिए, साथ ही फल, सलाद और सब्जियां भी खूब खानी चाहिए। खासकर तरबूज, खीरा, ककड़ी का सेवन करना चाहिए, इनमें भरपूर मात्रा में पानी मौजूद होता है।

सिलिकॉन

कनेक्टिव टिश्यूज को हेल्दी बनाने के लिए अपनी डाइट में सिलिकॉन जरूर शामिल करना चाहिए। यह स्किन की कसावट बरकरार रखने में मददगार होता है। इसके सेवन से कोलैजन फाइबर्स की बनावट मजबूत होती है, जिससे स्किन की चमक बढ़ती है। यह मकई और बाजरा में भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

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