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न्यूट्रीशस डाइट और राइट लाइफस्टाइल से दें ब्रेस्ट कैंसर को मात

ब्रेस्ट कैंसर की आशंका को कम करने के लिए लाइफस्टाइल में पॉजिटिव चेंजेज, न्यूट्रीशस डाइट बहुत मददगार है। जानिए, ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के लिए कैसी हो आपकी लाइफस्टाइल और डाइट।

न्यूट्रीशस डाइट और राइट लाइफस्टाइल से दें ब्रेस्ट कैंसर को मात
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ब्रेस्ट कैंसर की आशंका को कम करने के लिए लाइफस्टाइल में पॉजिटिव चेंजेस, न्यूट्रीशस डाइट बहुत मददगार है। जानिए, ब्रेस्ट कैंसर से बचाव के लिए कैसी हो आपकी लाइफस्टाइल और डाइट।

सारी दुनिया में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर सबसे ज्यादा पाया जाने वाला कैंसर है। ‘एशिया-पैसिफिक जर्नल ऑफ क्लिनिकल ओंकोलॉजी’ के मुताबिक भारत में एक लाख महिलाओं में से 25 से अधिक महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर का शिकार हो जाती हैं।

इनमें से लगभग आधी यानी 12.7 प्रतिशत की मृत्यु हो जाती है। हालांकि कुछ मामलों में इसकी रोकथाम महिला के हाथ में नहीं होती जैसे कैंसर की फैमिली हिस्ट्री, नॉन कैंसरस ब्रेस्ट डिजीज की हिस्ट्री, घने ब्रेस्ट टीश्यू या कैंसर का जोखिम बढ़ाने वाली जेनेटिक कंडीशन।

लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि कम से कम 25 से 35 फीसदी मामलों में कुछ सामान्य कदम उठाकर इस समस्या से बचाव संभव है। ‘वर्ल्ड कैंसर रिसर्च फंड, लंदन’ की सीनियर साइंटिस्ट सुजाना ब्राउन कहती हैं कि आपको कभी भी बीमारी के आगे हार नहीं माननी चाहिए और न खुद को पावरलेस समझना चाहिए।

सुजाना की संस्था और ‘अमेरिकन इंस्टिट्यूट फॉर कैंसर रिसर्च’ ने मिलकर कम से कम 100 वैज्ञानिक अध्ययनों का विश्लेषण और दुनिया की लाखों महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों और उनकी आदतों का अध्ययन करने के बाद पाया कि जीवनशैली में बदलाव और कुछ आदतों को शामिल करके ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को कम करना बहुत हद तक संभव है।

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न्यूट्रीशस डाइट टिप्स :

1.फिजिकली एक्टिव रहें

नियमित रूप से एक्सरसाइज करना और शारीरिक रूप से सक्रिय रहना, ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को कम करता है। ऐसे में स्वस्थ जीवनशैली अपनाते हुए कम से कम 40 मिनट वॉक, साइकिल चलाने, रोप जंपिंग, जॉगिंग, एरोबिक, स्विमिंग और योगासन जैसे उपाय अपनाएं। शारीरिक गतिविधियों से दूर रहना इसका जोखिम बढ़ाता है।

‘टाटा मेडिकल सेंटर, कोलकाता’ की सीनियर कैंसर सर्जन और कंसल्टेंट डॉ. रोजीना अहमद कहती हैं, ‘फिजिकली एक्टिव रहना रोग के वापस लौटने के खतरे को भी कम करता है। आप वॉक करें या एक्सरसाइज, कुछ भी करें लेकिन शारीरिक गतिविधि में संलग्न रहें।’

2.वेट कंट्रोल

मोटापा, ओवरवेट होना या अचानक शरीर का वजन बढ़ना ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम बढ़ा सकता है। मेनोपोज के बाद ऐसा होने से जोखिम और भी बढ़ जाता है, इसलिए अपना वजन मेंटेन रखें।

खुद को हेल्दी वेट की रेंज में रखने का सबसे बढ़िया तरीका है बीएमआई के मुताबिक वेट मेंटेन रहे। अध्ययन बताते हैं कि भारतीय महिलाओं में इस रोग का सबसे ज्यादा खतरा 40 से 50 वर्ष की उम्र में होता है।

‘कैंसर केयर मानिटोबा, कनाडा’ की विशेषज्ञ डॉ. जूलियन किम कहती हैं, ‘रजोनिवृत्ति के बाद आदर्श वजन के बाद प्रति 10 किलो वजन बढ़ने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा 18 फीसदी तक बढ़ सकता है।’ यानी उसी उम्र की दूसरी महिला से 18 फीसदी ज्यादा खतरा ज्यादा वजन वाली महिला को हो सकता है।

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3.अच्छी नींद लें

शरीर को हर रोज कम से कम 7 घंटे का शारीरिक और मानसिक आराम चाहिए, इसलिए रात को सात घंटे सुकून की नींद जरूर लें। रात को ठीक से नींद न लेना कई मानसिक और शारीरिक बीमारियों का सबब बन सकता है और साथ ही ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम भी बढ़ा सकता है।

‘कैंसर सेंटर फॉर हीलिंग, इरविन, कैलिफोर्निया’ की संस्थापक और मेडिकल डायरेक्टर लीघ एरिन कोनियली ने अपनी किताब ‘द कैंसर रिवॉल्यूशन’ में लिखा है कि आप कम सोती हैं तो आपके शरीर में नेचुरल किलर सेल्स कम बनते हैं, जो ट्यूमर सेल्स से शरीर की रक्षात्मक प्रणाली की पहली लाइन हैं।

इसके साथ ही कम सोने से शरीर से टॉक्सिन निकलने की प्रक्रिया भी बाधित होती है। शरीर में टॉक्सिन जमा होने से कैंसर सहित कई बीमारियों का खतरा बढ़ता है।

4.अच्छी डाइट लें

नेचुरोपैथ डॉ. विभा अग्रवाल कहती हैं, ‘वसा युक्त भोजन से तौबा करें और अपनी डेली डाइट में फल, सब्जियां, दालें, सूखे मेवे, सीड्स, लो-फैट डेयरी प्रोडक्ट (दूध, दही, पनीर) शामिल करें Æ। हरी पत्तेदार सब्जियां, पत्तागोभी, खीरा जैसी सब्जियां ब्रेस्ट कैंसर की रोकथाम करती हैं। कैल्शियम और कैरोटीनॉयड्स युक्त सब्जियां और फलों (खुबानी, गाजर, पालक) का सेवन भी लाभकारी है।

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