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सीधे कैंसर को बुलावा देती है नाइट शिफ्ट, बिगड़ जाता है हार्मोंस का संतुलन

नाइट शिफ्ट में काम करने वालों को अपनी हेल्थ के लिए बहुत ही ज्यादा गंभीर हो जाना चाहिए।

सीधे कैंसर को बुलावा देती है नाइट शिफ्ट, बिगड़ जाता है हार्मोंस का संतुलन
नई दिल्ली. टाइम को बांटकर शिफ्ट में काम करना आज के व्यावसायिक दौर में 24 घंटे चलने वाले सेवा सेक्टर की मजबूरी बन चुकी है। जबकि वर्कर्स के लिए अपनी रोजी-रोटी चलाने के चलते शिफ्ट में काम करना उनकी मजबूरी है। लेकिन सुबह, दोपहर और शाम की शिफ्ट में काम करना तो किसी भी ऑफिस की डेली रूटीन का हिस्सा हो सकता है, लेकिन इसमें सबसे खतरनाक होता है, नाइट शिफ्ट में काम करना। डॉक्टरों के मुतबिक रात में काम करने वाले व्यक्ति को सूर्य से मिलने वाले विटामिन डी की तो कमी होती है, जिससे डायबिटीज होने का खतरा पैदा होता है।
इससे कई हार्मोंस का संतुलन बिगड़ता है, जिससे मनोचिकित्सकीय बदलाव भी आते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक ह्यूमन बॉडी में एक हार्मोन मेलाटोनिन होता है, जो केवल नींद में बनता है, चूंकि नींद ठीक से पूरी होती नहीं है, जिससे यह हार्मोन कम बनता है और इसके बेहद ही घातक असर होते हैं। जैसा की पहले कहा, चूंकि रात में काम करने से हर व्यक्ति प्रकृति के चक्र के एकदम विपरित होता है, तो उसके शरीर में दिन में होने वाली सारी सारी क्रियाएं रात में नहीं होती हैं, क्योंकि अधिकांश आंतरिक क्रियाएं, कोशिकाओं में हार्मोंस का उत्सर्जन नींद में ही होता है, और दिन में सोने और रात को जागने से सारी चक्र बिगड़ता है। लिहाजा कैंसर का खतरा होता है। इसके अलावा नींद ठीक से नहीं होने के चलते इसका असर सीधे-सीधे मस्तिष्क पर होता है। व्यक्ति, चिड़चिड़ा हो जाता है। उसे बात-बात पर इरीर्टेशन होता है और कई तरह के मानसिक रोगों का शिकार हो जाता है। नई दिल्ली। यदि आप कहीं काम कर रहे हैं और आपकी ड्यूटी रात की पारी की है, तो यकीन मानिए आप कैंसर सहित कई मनोरोग और गंभीर बीमारियों को बुलावा दे रहे हैं।
नाइट शिफ्ट में काम करने वालों को अपनी हेल्थ के लिए बहुत ही ज्यादा गंभीर हो जाना चाहिए। जो लोग नाइट शिफ्ट करते हैं, उन्हें कैंसर होने का सबसे ज्यादा खतरा होता है। हाल ही में हुई शोध से पता चला है कि प्रकृति के स्वभाविक चक्र से उलट जाकर, गहरी नींद लेने की बजाय रात में जागना, ऊपर से तनाव लेना, कुछ भी खाते रहना और फिर बाद में दिन में जाकर सोने पर भी ठीक से सो नहीं पाना, जिंदगी का यह पूरा उल्टा चक्र किसी भी अच्छे खासे आदमी को अस्पतालों के चक्कर लगवा सकता है।
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