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कैंसर को रोकने में मदद करेगा ''नैनोडिस्क्स''

नैनोडिस्क्स शरीर के अंदर मौजूद कैंसर सेल्स को खत्म करती है

कैंसर को रोकने में मदद करेगा
नई दिल्ली. कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से जहां अधिकांश लोग पीड़ित हैं तो वहीं अधिकांश ऐसे लोग हैं जिनकी कैंसर से मौत तक हो जाती है। लेकिन कैंसर की इलाज की दिशा में वैज्ञानिकों ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ऐसी नैनोडिस्क्स डेवलप की गई हैं जिसकी मदद से कैंसर के मरीजों के मुताबिक वैक्सीन तैयार की जा सकती है।
दरअसल, यह वैक्सीन शरीर के अंदर मौजूद कैंसर सेल्स को खत्म करती है और दोबारा कैंसर को होने से रोकती है। इस नैनोडिस्क टेक्नॉलजी का परीक्षण उन चूहों पर किया गया, जिनमें मेलानॉमा और कोलॉन कैंसर के ट्यूमर्स थे। टीका लगने के बाद चूहे के रक्त में मौजूद 27 फीसदी टी-सेल्स ने ट्यूमर्स को निशाना बनाया।
बता दें कि जब इम्यून चेकपॉइंट इंहिबिटर्स के साथ नैनोडिस्क टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया, तो इलाज के 10 दिनों के अंदर ट्यूमर्स खत्म हो गए। इम्यून चेकपॉइंट इंहिबिटर्स पहले से मौजूद टेक्नोलॉजी है, जिसकी मदद से ट्यूमर से लड़ने की टी-सेल की क्षमता को बढ़ाया जाता है।
70 दिनों के इंतजार के बाद शोधकतार्ओं ने उसी चूहे के शरीर में दोबारा उसी ट्यूमर सेल्स को जब प्रविष्ट करने की कोशिश की तो शरीर के इम्यून सिस्टम ने ट्यूमर्स को बढ़ने नहीं दिया। इससे पता चलता है कि नैनोडिस्क टेक्नॉलजी के इस्तेमाल से लम्बे समय तक कैंसर सेल्स को पहचानने की इम्यून सिस्टम की शक्ति बढ़ती है, जिससे कैंसर दोबारा होने का खतरा नहीं रहता है।
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