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एक सिगरेट छीन लेती है जिंदगी के 11 मिनट: रिपोर्ट

डब्ल्यू एच ओ की रिपोर्ट के मुताबिक, एक सिगरेट जिंदगी के 11 मिनट और सिगरेट का एक पैकेट 3 घंटे 40 मिनट छीन लेता है।

एक सिगरेट छीन लेती है जिंदगी के 11 मिनट: रिपोर्ट

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर कहा है कि मानव स्वास्थ्य के साथ ही पर्यावरण पर भी दुष्प्रभाव डालने वाले तंबाकू के बढ़ते उपयोग पर रोक जनभागीदारी और सख्त नियमों के अनुपालन से ही संभव है।

उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के हवाले से कहा एक सिगरेट जिंदगी के 11 मिनट और सिगरेट का एक पैकेट 3 घंटे 40 मिनट छीन लेता है।

जो युवा लड़के-लड़किया कम उम्र में धूम्रपान करते हैं उनमें से 50 फीसदी की मौत तंबाकू से होने वाली बीमारी के कारण हो जाती है और सामान्य व्यक्ति के मुकाबले धूम्रपान करने वाले शख्स की जिंदगी 22 से 26 प्रतिशत तक कम हो जाती है।

नड्डा ने बुधवार को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए एक वॉकथॉन आयोजित की। वॉकथॉन में तंबाकू और उसके उत्पादों का मानव स्वास्थ्य के साथ ही अर्थव्यवस्था और पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को बैनरों और पोस्टरों के जरिए दशार्या गया।

स्वास्थय और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए सरकार ने जीएसटी के अंतर्गत सिगरेट और तंबाकू जैसे उत्पादों को हतोत्साहित करने के लिए इन पर ज्यादा सेस लगाया है ताकि तंबाकू उत्पादों का दाम बढ़े और उपभोक्ता के पॉकेट पर ये भारी पड़े।

जीएसटी की लगाम

जीएसटी काउंसिल द्वारा तय किए गए सेस रेट का सबसे ज्यादा असर पान मसाला, गुटखा, सिगरेट और तंबाकू पर पड़ेगा। 60फीसदी सेस तो तंबाकू पर 71-204फीसदी तक लेवी लगेगी।

वहीं खैनी, जर्दा पर 160फीसदी तक सेस लगाने का प्रपोजल है। इसी तरह फिल्टर-नॉन फिल्टर सिगरेट की विभिन्न कैटेगरी पर 5फीसदी सेस देना होगा।

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