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जुंबा डांस:फिट रहने का म्यूजिकल फंडा

एक घंटे जुंबा डांस करने पर आमतौर पर एक दिन में 300 से 600 कैलोरी तक बर्न हो सकती है।

जुंबा डांस:फिट रहने का म्यूजिकल फंडा

नई दिल्ली.अगर आप म्यूजिक बीट्स पर थिरकते हुए फिट रहना चाहते हैं, तो जुंबा डांस आपके लिए परफेक्ट है। इससे न सिर्फ वेट लॉस होता है, बल्कि हमारी बॉडी टोन होती है और मसल्स फ्लेग्जिबल बनते हैं। यह फिटनेस एक्सरसाइज कई बीमारियों से भी बचाती है।

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हममें से कई लोग सिर्फ इसलिए एक्सरसाइज कंटिन्यू नहीं कर पाते हैं, क्योंकि उसे करते हुए हमें बोरियत महसूस होती है। इससे हम अनफिट हो जाते हैं। लेकिर अगर आप जुंबा डांस करते हैं, तो न सिर्फ आप फिट रहते हैं, बल्कि इसे करते हुए आप एंज्वॉय भी करते हैं। असल में जुंबा इंटरनेशनल रिद्म बेस्ड कार्डियो एक्सरसाइज है, जिसमें लैटिन अमेरिकन म्यूजिक बीट्स पर थिरकना होता है।

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इस एक्सरसाइज को करते हुए आप सालसा, बचाटा, क्यूब्रिटा, रेगेटन, कुंबिया और बेली डांस के माध्यम से अपनी बॉडी को फिट रखते हैं। इस फिटनेस प्रोग्राम में एक्सरसाइज के स्टेप्स को, इन सभी डांस फॉर्म्स में मर्ज कर, कराया जाता है। चूंकि इसे ग्रुप में किया जाता है, इसलिए इसे पार्टी एक्सरसाइज भी कहा जा सकता है। इसे 12 से 65 साल तक के व्यक्ति कर सकते हैं।

फायदे

जुंबा डांस खुद को फिट रखने का एक मजेदार तरीका है। इस डांस के दौरान बजने वाले मयूजिक हमें थिरकने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे वेट लॉस होता है और हमारी बॉडी फिट होती है। एक घंटे जुंबा डांस करने पर आमतौर पर एक दिन में 300 से 600 कैलोरी तक बर्न हो सकती है। असल में इसके जरिए हमारी बॉडी वेट के अकॉर्डिंग कैलोरीज बर्न होती हैं। जैसे 50-60 किलो वेट का कोई व्यक्ति अगर रोज जुंबा डांस करे तो उसकी तकरीबन 300 कैलोरी और 60-80 किलो वेट के व्यक्ति की करीब 500 कैलोरी बर्न होती है।

इसे करने के लिए किसी ट्रेनर की जरूरत नहीं होती, बस एक जोड़ी फिट जूते चाहिए होते हैं। इससे टांगों की बेहतर एक्सरसाइज होती है। इसके स्टेप्स को हम अपनी क्षमता के अनुसार बढ़ा भी सकते हैं।

चूंकि जुंबा एरोबिक्स कैटेगरी की एक्सरसाइज है, इसलिए इसे रेग्युलर करने से हार्ट डिजीज, ओबेसिटी, थायरॉयड आदि बीमारियों के होने की संभावना कम हो जाती है। चूंकि इसे म्यूजिक के साथ किया जाता है, इसलिए इसे करने से हमारा मूड फे्रश होता है और हम रिलैक्स हो जाते हैं। इससे टेंशन दूर हो जाती है।

इससे हमारे मसल्स फ्लेग्जिबल बनते हैं। इसे करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। डाइजेस्टिव सिस्टम हेल्दी बना रहता है।

यह हमारी बॉडी को बैलेंस्ड और फ्लेग्जिबल बनाता है। यही कारण है कि इसे करने से हमारे शोल्डर और हिप्स ईजिली मूव कर पाते हैं।

इस डांस को करते वक्त काफी उछल-कूद होती है, इससे हम गहरी सांसें लेते हैं, जिससे हमारे लंग्स को काफी तेज गति से अपना काम करना पड़ता है। इससे लंग्स हेल्दी बनते हैं।

इस डांस स्टेप्स को हम अपनी जरूरत के अनुसार ढाल सकते हैं।

नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, खास टिप्स -

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