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मुरादाबादी दाल बनाने की विधि, सभी के स्वास्थय के लिए है फायदेमंद

मुरादाबादी दाल जिसके हैे सभी दिवाने

मुरादाबादी दाल बनाने की विधि, सभी के स्वास्थय के लिए है फायदेमंद

नई दिल्ली. मुरादाबाद के लोग जब दूसरे शहर से अपने बच्चों की शादी करते हैं तो खासतौर से ये फरमाइश रखते हैं की दावत में मुरादाबादी दाल का भी इंतजाम हो। दूसरी चाट की तरह पेट पर इस दाल का कोई बुरा असर नहीं होता है। बाबा रामदेव ने भी इस दाल के महत्व को समझा है और आप इस दाल का स्वाद पतंजलि योगपीठ की कैंटीन में चख सकते हैं।

ये दाल बनाने में बेहद सरल है और खाने में पौष्टिक- मैं आपको इसे बनाने की विधि बताती हूं।

सामग्री:

धुली मूंग की दाल (एक मुठ्ठी प्रति व्यक्ति काफ़ी होती है)

स्वाद के हिसाब से नमक

एक या दो काग़ज़ी नींबू

छौंक के लिये: हिसाब से घी, थोड़ी सी हींग और पांच-दस साबुत लाल मिर्च

थोड़ा सा भुने जीरे का पाउडर

बनाने की विधि:

वैसे तो उस्तादों का कहना है कि इस दाल का स्वाद तभी आता है जब इसे चीड़ की सौंधी लकड़ियों की मंद आंच पर मिट्टी की हांडी में चार से पांच घन्टे पकाया जाय। लेकिन सुविधा के लिए प्रेशर कुकर से काम चलाया जा सकता है। कुकर में हिसाब से पानी और नमक डालकर आठ से दस मिनट तक पकाएं और इस पकी हुई दाल को बढ़िया से घोट लें। अगर ज़्यादा गाढ़ी दिख रही हो तो पानी डाल कर थोड़ा और उबाल लें। कुछ लोग इस में करी पत्ता भी डाल कर उबालते हैं। इस में स्वाद के हिसाब ही से थोड़ा सा नींबू का रस और जीरे का पाउडर डाल कर फिर से घोटें।

नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, मुरादाबादी दाल बनाने का एक और तरीका -

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