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सुबह उठते ही होता है सिर में दर्द...? जानें कारण, लक्षण और उपचार

क्या हर सुबह उठते ही आपको सिर में तेज दर्द का अहसास होता है? क्या आप हर दिन सबसे पहले सिरदर्द के लिए दवाई का सेवन करते हैं? क्या सिर के दर्द के कारण आपकी हर सुबह खराब हो जाती है? अगर इन सभी सवालों का जवाब हां है तो इसे हल्के में बिल्कुल भी न लें।

सुबह उठते ही होता है सिर में दर्द...? जानें कारण, लक्षण और उपचार

क्या हर सुबह उठते ही आपको सिर में तेज दर्द का अहसास होता है? क्या आप हर दिन सबसे पहले सिरदर्द के लिए दवाई का सेवन करते हैं? क्या सिर के दर्द के कारण आपकी हर सुबह खराब हो जाती है? अगर इन सभी सवालों का जवाब हां है तो इसे हल्के में बिल्कुल भी न लें। आमतौर पर लोग समझते हैं कि काम का तनाव या गलत लाइफस्टाइल सिर दर्द का कारण बनते हैं। लेकिन महज देर रात तक जागना या फिर काम की अधिकता ही सिरदर्द की वजह नहीं होती, बल्कि मार्निंग हेडेक के पीछे अन्य भी कई कारण हो सकते हैं। चलिए जानते हैं इसके बारे में।

होती हैं कई वजहें

मार्निंग हेडेक को बेहद गंभीरता से लिया जाना चाहिए। अगर लगातार कई दिनों तक यह समस्या बनी रहती है तो तुरंत डाॅक्टर के पास जाना चाहिए। हर सुबह होने वाले सिरदर्द के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे माइग्रेन इसका एक मुख्य कारण हो सकता है। दरअसल, सुबह चार से आठ-नौ बजे के बीज शरीर कुछ नेचुरल पेनकिलर्स जैसे एंडार्फिन और एनकेफलिनों को रिलीज करता है। यह आपके रक्तचाप व रक्तवाहिकाओं के फैलाव व संकुचन को प्रभावित करते हैं। खासतौर से, माइग्रेन के पेशेंट को इसका अहसास काफी ज्यादा होता है, इसलिए उन्हें सुबह उठते ही तेज सिरदर्द होता है।

बीमारी बनती है कारण

माइग्रेन व तनाव के अतिरिक्त भी कई तरह की बीमारियां भी मार्निंग हेडेक को जन्म देती हैं। इनमें हेमोरेज, साइनोसाइटिस, ब्रेन ट्यूमर, उच्च रक्त चाप की समस्या, डिप्रेशन, स्लीप एप्निया, इनसोमनिया अर्थात रात को ठीक तरह से नींद न आने की समस्या आदि प्रमुख होते हैं। वहीं कुछ स्थितियों में कई तरह की दवाईयों का सेवन, रात्रि में अत्यधिक काॅफी या अल्कोहल का सेवन भी नींद में खलल पैदा करता है और रात को ठीक तरह से नींद न आने के कारण व्यक्ति को सुबह उठने के कारण सिर में भारीपन महसूस होता है।

पैरालिसिस, मिरगी जैसे परिणाम

जो लोग सुबह के सिरदर्द को नजरअंदाज करते हैं या फिर हर सुबह सिर्फ दवाई लेकर ही काम चला लेते हैं, उन्हें बाद में इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। अगर मार्निंग हेडेक पर सही तरह से ध्यान देकर इसका इलाज न करवाया जाए तो इससे भविष्य में मनुष्य को पैरालिसिस, मिरगी के दौरे व असमय ही बेहोश होने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती है।

ऐसे करें इलाज

अगर आपको सप्ताह में दो से तीन बार मार्निंग हेडेक होता है तो समझ लीजिए कि डाॅक्टर से मिलने का वक्त आ गया है। डाॅक्टर से कंसल्ट करने व एमआरआई व ईईजी जैसे टेस्ट करवाने के बाद आपको सिरदर्द की असली वजह के बारे में पता लग जाता है। साथ ही जिसके कारण इसका इलाज बेहद आसान व प्रभावी हो जाता है। अगर सिरदर्द की वजह रात में ठीक तरह से सो पाना नहीं है तो आप उन कारणों पर काम करें।

मसलन, रात में टीवी टाइम कम करें। रात में अल्कोहल या कैफीन का सेवन करने से परहेज करें। वहीं तनाव को कम करने के लिए हर सुबह थोड़ी देर मेडीटेशन करें। इससे भी माइंड रिलैक्स होता है और रात में नींद अच्छी आती है। वहीं दवाइयों के कारण सिरदर्द होता है तो अपने डाॅक्टर की सलाह पर दवाइयों में आवश्यक बदलाव करें। वहीं कुछ स्थितियों में दवाइयों के सेवन से मार्निंग हेडेक का इलाज संभव है।

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