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जानिए क्या है मौत का चौथा सबसे बड़ा कारण, आप भी रहें सावधान

एक लाख से भी ज्यादा फेफड़ों की बीमारी से ग्रस्त।

जानिए क्या है मौत का चौथा सबसे बड़ा कारण, आप भी रहें सावधान
जबलपुर। क्रॉनिक पल्मोनरी डीसीज (सीओपीडी) दुनियाभर में मौतों का चौथा सबसे बड़ा कारण है। इससे हर साल 3 मिलियन से ’यादा मौते होती है। भारत में लगभग 30 मिलियन लोगों को सीओपीडी से प्रभावित होने का अनुमान है और हर साल आधे मिलियन लोग मौत का शिकार होते है। जबलपुर जैसे शहर में लगभग 1 लाख लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं। यहां इसका सबसे बड़ा कारण आधुनिकता की दौड़ में धुम्रपान की गलत लत और वायू प्रदुषण है।
उपरोक्त जानकारी शहर के जाने माने छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय भारती व डॉ. ब्रम्हा प्रकाश ने ब्रीथ फ्री अभियान के तहत वर्ल्ड सीओपीडी डे 19 नवंबर के मौके पर आयोजित जनजागृति पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए दी। उन्होने बताया कि इस बीमारी के प्रति जनजागृति फैलाने के लिए हर साल वर्ल्ड सीओपीडी डे मनाया जाता है। इस साल 19 नवम्बर को विश्व सीओपीडी दिवस 2014 के रुप में मनाया जा रहा है। सीओपीडी एक फेफडों का रोग है जो धीरे-धीरे मरीज की सांसे छीन लेता है। इस रोग में धुंए व अन्य नुकसानदायक कणों के कारण स्वास्थ्य नली व फेफडों में सुजन आ जाती है। आमतौर पर यह बीमारी वयस्कों में होती है। हमारे देश में 30 साल से अधिक उम्र के 5 प्रतिशत पुरुष व 2.7 प्रतिशत स्त्रियों में ये बीमारी फैली है।
जबलपुर की बात करें तो यंहा के लगभग एक लाख लोग इस भयानक बीमारी का शिकार हैं। ग्लोबल बर्डन आॅफ डिसीस स्टडीज के अनुसार सन् 2020 तक सीओपीडी मौत का तीसरा सबसे बड़ा कारण बन जाएगा। इस बीमारी के बढ़ने का सबसे बड़ा कारण ये है कि सीओपीडी से पीड़ित 25 से 50 प्रतिशत लोग जानते ही नहीं है उन्हें यह बीमारी है। क्योंकि सीओपीडी की आरंभिक अवस्थाएं अक्सर पहचानी नहीं जाती है।
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