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माइग्रेन को हल्के में लेना हो सकता है भारी

सिरदर्द बढ़कर माइग्रेन का रूप ले लेता है।

माइग्रेन को हल्के में लेना हो सकता है भारी
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दिन भर तेज धूप में घूमने से भी सिरदर्द होता हैं एवं लंबे समय तक भूखे रहने से भी सिरदर्द की शिकायत होती है। सिरदर्द बढ़कर माइग्रेन का रूप ले लेता है।

माइग्रेन आज युवाओं में बढ़ती एक आम समस्या है। नार्मल सिरदर्द जो कि बुखार या किसी और कारण से होता है, वो इतना दर्दनाक नहीं होता है, लेकिन माइग्रेन से होने वाला सिरदर्द असहनीय होता है।

असहनीय सिरदर्द का कारण सिर्फ माइग्रेन ही नहीं, बल्कि ट्यूमर, हिमोरेग, मेनिनजाइटिस जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं। सिरदर्द की चिकित्सा से जुड़ी फिजिशियन की पहली चिन्ता भी इन बीमारियों का पता लगाना ही होती है।

न्यूरोलोजिकल इवैल्युएशन, फिजिकल एक्जा़म और बहुत से टेस्ट करके सिरदर्द के कारणों को जाना जा सकता है। यह पता लगाना बहुत जरूरी होता है कि कहीं सरदर्द का कारण हाइपर्टेंशन, इन्फेक्शन या बुखार तो नहीं।

यह हो सकते हैं कारण

युवाओं में बढ़ते सरदर्द के बहुत से कारणों में से एक कारण है, हमारे देश की आर्थिक स्थिति। माइग्रेन का एक कारण बढ़ता डिप्रेशन भी हो सकता है। युवाओं में नौकरी को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है एवं बढ़ती बेरोजगारी की वजह से हर कोई तनाव में है।

शोध के अनुसार ऐसा पाया गया है कि माइग्रेन युवावस्था में शुरू होता है और मेनोपाज के समय खत्म होता है। तनाव के कारण सिरदर्द जीवन में कभी भी हो सकता है।

माइग्रेन या विभिन्न प्रकार के सिरदर्द को पहचानने के लिए कोई क्लिनिकल टेस्ट नहीं होता और ना ही इनसे बचने के लिए कोई एक रेमेडी काम करती है। ऐसी स्थिति में पेनकिलर ना खाकर प्राकृतिक उपचार जैसे योगा और मेडिटेशन की मदद से फिट रहने का प्रयास करना चाहिए।

सिरदर्द से बचने के लिए कुछ टिप्स

नार्मल सरदर्द से बचने के लिए आप तनाव से बचें।

कम्प्यूटर से दूर रहने की कोशिश करें।

सिरदर्द को मामूली दर्द समझ कर लापरवाही नहीं करें।

सिरदर्द के कारणों को जानने की कोशिश करें।

माइग्रेन से होने वाला सरदर्द

माइग्रेन सिर के एक तरफ होने वाला दर्द है और कभी कभी तो अटैक के समय दर्द की जगह भी बदल जाती है। कुछ लोगों को यह दर्द सिर के बीचोबीच में होता है और कुछ लोगों को सिर के दोनों तरफ। माइग्रेन से होने वाला दर्द कभी भी हो सकता है और अलग अलग लोगों में इसका प्रकार अलग-अलग होता है। माइग्रेन से होने वाले सिरदर्द में अक्सर भूख नहीं लगती और उल्टियां होती हैं। माइग्रेन से पीड़ित लोगों के नेसल पैसेज अकसर लाल हो जाते हैं, उन्हें अचानक ही बहुत तेज सरदर्द होता है और उनकी आंखें भी लाल हो जाती हैं।

माइग्रेन से बचने के कुछ सरल तरीके

हर रोज 14 से 16 गिलास पानी पीएं।

सलाद और फल खूब खाएं, खासकर गाजर खूब खाएं।

हर रोज ठण्डे पानी से सर जरूर धोएं।

सोने से पहले हर रात को नाक में बादाम का तेल डालें।

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