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मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे: पीरियड्स के दिनों में रखें इन बातों का खास ध्यान, नहीं तो हो जाएगी मुसीबत

मेंस्ट्रुअल साइकिल (पीरियड्स) के दौरान हाइजीन यानी साफ-सफाई का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। हाइजीन की अनदेखी से कई तरह की मेडिकल प्रॉब्लम हो सकती हैं। आज भी पीरियड्स पर खुलकर बातचीत नहीं की जाती है। यही वजह है कि इस दौरान साफ-सफाई को लेकर महिलाओं और युवतियों को पर्याप्त जानकारी नहीं होती है।

मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे: पीरियड्स के दिनों में रखें इन बातों का खास ध्यान, नहीं तो हो जाएगी मुसीबत

मेंस्ट्रुअल साइकिल (पीरियड्स) के दौरान हाइजीन यानी साफ-सफाई का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। हाइजीन की अनदेखी से कई तरह की मेडिकल प्रॉब्लम हो सकती हैं। पीरियड्स के दौरान हाइजीन को लेकर किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और किस तरह के सैनेटरी पैड्स यूज करने चाहिए? इस बारे में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नूपुर गुप्ता कई उपयोगी जानकारियां दे रही हैं।

आज भी पीरियड्स पर खुलकर बातचीत नहीं की जाती है। यही वजह है कि इस दौरान साफ-सफाई को लेकर महिलाओं और युवतियों को पर्याप्त जानकारी नहीं होती है।

अगर मेंस्ट्रुअल हाइजीन को लेकर अलर्ट न रहा जाए तो इससे संक्रमण हो सकता है, जो पूरे स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।

ऐसे में पीरियड्स के दौरान हाइजीन से कुछ बातों को जानना जरूरी है।

समस्याएं-समाधान

पीरियड्स की अवधि 2-7 दिन रहती है, इन दिनों ब्लीडिंग होती रहती है, जिसके लिए सैनेटरी पैड्स यूज करने पड़ते हैं। पैड्स लगाने की वजह से कई तरह की समस्याएं भी होती हैं।

रैशेज

साफ-सफाई का विशेष ध्यान न रखने और समय पर पैड्स न बदलने से कई महिलाओं को जांघों या वैजाइनल एरिया के आस-पास रैशेज हो जाते हैं, इससे बचने के लिए इस क्षेत्र को सूखा और साफ रखें।

अगर आपको फिर भी यह समस्या होती है, तो किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ को दिखाएं। वह आपको मेडिकेटेड पावडर देंगे। इसके अलावा रैशेज की समस्या में नियमित अंतराल पर पैड्स बदलें, वैजाइना एरिया को सूखा रखें।

नहाने के बाद और सोने से पहले प्रभावित क्षेत्र पर एंटीसेप्टिक ऑइंटमेंट लगाएं। इससे रैशेज ठीक हो जाएंगे और खुजली भी नहीं होगी।

इंफेक्शन

चूंकि ब्लीडिंग के कारण पैड्स गीले हो जाते हैं और पैड्स के कारण वैजाइना एरिया में पसीना भी अधिक आता है। ऐसे में माइक्रोजर्म्स के पैदा होने की संभावना बढ़ती है।

इससे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, वैजाइनल इंफेक्शन और स्किन रैशेज का खतरा बढ़ जाता है। अगर आप साफ-सफाई का ध्यान रखेंगी तो वैजाइना या यूरिनरी ट्रैक्ट के संक्रमण का खतरा कम हो जाएगा।

ईचिंग

अगर आप गंदे, सूखे, फटे हुए पैड को लंबे समय तक इस्तेमाल करती हैं, तो एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है। जिसके कारण जलन और खुजली हो सकती है।

क्लीनिंग प्रोसेस

  • वैजाइना एरिया को क्लीन करने का अपना ही क्लीनिंग मैकेनिज्म होता है, जो इस तरह से काम करता है कि अच्छे और बुरे बैक्टीरिया का संतुलन बना रहे।
  • साबुन से धोने से अच्छे बैक्टीरिया भी मर सकते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
  • वैजाइना वॉश का इस्तेमाल भी न करें, इससे नेचुरल प्रोटेक्टिव फ्लोरा मर जाएंगे।
  • आप चाहें तो गुनगुने पानी का इस्तेमाल कर सकती हैं।
  • एक्सटर्नल पार्ट में साबुन लगा सकती हैं, लेकिन वैजाइना के अंदर साबुन बिल्कुल न लगाएं।
  • हमेशा आगे से पीछे की ओर वॉश करें, कभी भी विपरीत दिशा में इस पार्ट को न धोएं ताकि गुदा मार्ग से संक्रमण फैलने का डर न रहे।
  • प्राइवेट पार्ट्स को धोने के बाद अतिरिक्त पानी पोंछने के लिए मुलायम, सूखे टॉवल का यूज करें।
  • टॉयलेट पेपर से साफ न करें। पीरियड्स के दौरान रोज नहाएं।
  • नहाने से न केवल शरीर साफ रहता है बल्कि प्राइवेट्स पार्ट्स की भी अच्छी तरह सफाई हो जाती है। इससे मूड भी बेहतर रहता है।

सैनेटरी पैड का यूज

संक्रमण और स्किन रैशेज से बचने के लिए पैड्स को नियमित अंतराल पर बदलें। नॉर्मली पैड्स को छह घंटे में बदल लेना चाहिए। अगर ब्लीडिंग अधिक हो रही है, तो 3-4 घंटे में पैड बदलें।

ब्लीडिंग अधिक होने पर रात में भी एक बार पैड बदल लें। सैनेटरी पैड को बदलने से पहले वैजाइना एरिया को अच्छी तरह साफ कर लें। अगर पानी से साफ कर पाना संभव न हो तो टिशू पेपर से साफ करें। सैनेटरी पैड्स को फेंकने के बाद हैंड वॉश करें।

सैनेटरी पैड्स सेलेक्शन

  • ऐसे सैनेटरी पैड्स चुनें, जो आपके लिए आरामदायक हों। बाजार में कई तरह के पैड्स उपलब्ध हैं, आप अपनी जरूरत के हिसाब से चुन सकती हैं।
  • अगर आपको हैवी ब्लीडिंग नहीं होती है तो आप रेग्युलर पैड्स का इस्तेमाल करें।
  • अगर रेग्युलर साइज जल्दी भर जाता है, तो लार्ज पैड्स का इस्तेमाल करें।
  • पूरे पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग एक समान नहीं रहती है, इसलिए सभी दिनों एक जैसे सैनेटरी पैड्स इस्तेमाल करना समझदारी नहीं है।
  • आपको दो तरह के पैड्स इस्तेमाल करना चाहिए, जिनकी सोखने की क्षमता अलग-अलग हो।
  • आजकल बाजार में रात के लिए भी खास तरह के पैड्स मिलने लगे हैं, ये अधिक लंबे, अधिक चौड़े होते हैं।
  • इनकी सोखने की क्षमता भी अधिक होती है ताकि आप आराम से सो सकें।
  • हमेशा विंग्स वाले सेनेटरी पैड्स का इस्तेमाल करें, यह पैड्स को ठीक तरह से होल्ड करके रखते हैं। लीकेज का खतरा भी नहीं रहता।
  • बाजार में ओडर लॉक टेक्नोलॉजी वाले सेनेटरी पैड्स भी उपलब्ध हैं, जो आपको क्लीन और फ्रेश फील कराते हैं।

कपड़े का इस्तेमाल

अगर आप कपड़े का इस्तेमाल करती हैं, तो ध्यान रखें कि कपड़ा कॉटन का हो और अच्छी तरह साफ हो। हर महीने एक ही कपड़े का इस्तेमाल करना है, तो उसे अच्छी तरह धोकर सुखा लें और फोल्ड करके साफ जगह पर रखें।

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