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मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया का डॉक्टरों को निर्देश, कैपिटल लैटर में लिखे दवाई का पर्चा

डॉक्टर की लिखावट को लेकर कई दशकों से माथापच्ची होती रही है।

मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया का डॉक्टरों को निर्देश, कैपिटल लैटर में लिखे दवाई का पर्चा
दिल्ली. डॉक्टरों की आप लिखें, आप ही बांचों वाली पर्ची नहीं चलेगी। अब उन्हें सभी दवाओं के नाम कैपिटल यानी अंग्रेजी के बड़े अक्षरों में लिखना होगा। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने इसके निर्देश जारी कर दिए हैं। अलबत्ता यहां के डॉक्टर इससे सहमत नहीं है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि ऐसा फरमान ही मूर्खतापूर्ण है।उल्लेखनीय है कि डॉक्टर की लिखावट को लेकर कई दशकों से माथापच्ची होती रही है।
कई दफा डॉक्टर दवाओं के नाम ऐसी रट्टामार शैली में लिखते हैं कि खुद मेडिकल स्टोर वाले भी सिर पकड़ लेते हैं। दूसरे शहर या राज्य में इलाज कराने गए मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता रहा है। इसे लेकर मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने 8 अप्रैल को प्रिसक्रिप्शन का फॉरमैट चेंज करने का निर्र्देश जारी किया है। पर्चे में दी जगह पर डॉक्टर को अपना नाम, दवा स्टोर का नाम और तारीख भी लिखनी होगी।

यह होगा फायदा
डॉक्टरों की साफ राइटिंग नहीं होने की वजह से मरीज की हिस्ट्री व दवाएं जानने में मुश्किल होती है। सारी जानकारी कैपिटल लेटर में होने पर मरीज को दूसरे देश या राज्य में डॉक्टरों से सलाह लेने में कोई परेशानी नहीं होगी। मरीज को यह जानने में आसानी होगी कि डॉक्टर ने मरीज को कौन सी दवा लिखी है।
एमपीएमसी अध्यक्ष डॉ. केके ठस्सू का कहना है कि प्रदेश के सभी सीएमएचओ, सिविल सर्जन, यूनाइटेड डॉक्टर्स फोरम को एमसीआई के फॉरमैट के साथ निर्देश जारी कर दिए गए है। फॉरमैट मिलने के बाद भी अगर वे निदेर्शों का पालन नहीं करते तो काउंसिल के नियमों के तहत इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। हम उम्मीद करते हैं कि यह 20 अपै्रल से पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगा।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, क्या होगा फॉरमैट में -
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