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कुदरत के अदभुत नजारे संजोए है माथेरान

यहां देखने के लिए 20 से ज्यादा व्यू प्वाइंट, झीलें और पार्क हैं जिनमें मंकी प्वाइंट, इको प्वाइंट, मनोरमा प्वाइंट, सनराइज और सनसेट प्वाइंट प्रमुख हैं।

कुदरत के अदभुत नजारे संजोए है माथेरान

महाराष्ट्र का खूबसूरत हिल-स्टेशन माथेरान दुनिया भर की उन गिनी-चुनी जगहों में से एक है जहां किसी भी किस्म के मोटर वाहन के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी है। इस तरह यह न सिर्फ एक प्रदूषण रहित बल्कि अपने आपमें विशेष और बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है।

रायगढ़ जिले में स्थित माथेरान को देश के सबसे छोटे हिल स्टेशन का दर्जा प्राप्त है। वैसे यहां सवारी के लिए घोड़े, खच्चर, टट्टू, हाथ से खींचने वाले रिक्शे और पालकी उपलब्ध रहते हैं लेकिन आप चाहें तो पैदल घूम कर भी पूरे हिल स्टेशन का मजा ले सकते हैं। माथेरान में घूमते हुए सैलानियों को कुदरत से बेहद निकटता का एहसास होता है।

यहां देखने के लिए 20 से ज्यादा व्यू प्वाइंट, झीलें और पार्क हैं जिनमें मंकी प्वाइंट, इको प्वाइंट, मनोरमा प्वाइंट, सनराइज और सनसेट प्वाइंट प्रमुख हैं। लिटिल चॉक और चॉक पॉइण्ट से नवी मुंबई की ओर के बेहद खूबसूरत और आकर्षक नजारों का लुत्फ लिया जा सकता है।

माथेरान में जहां बादलों से घिरे पहाड़ और पहाड़ों से गिरते झरनों के खूबसूरत और आकर्षक नजारे बेहद मनमोहक लगते हैं वहीं पेड़ों के घने आवरण से बीच में पहाड़ी के नीचे की घाटियां, तीव्र ढलानों, पठारों और मैदानों के कई विहंगम दृश्य भी देखने को मिल जाते हैं।

पेड़ों की घनी दीवारों के बीच जैसे खिड़कियां-सी खुलती हैं जहां से इन अद्भुत नजारों का आनंद लिया जा सकता है। माथेरान में चारों ओर छायादार घने पेड़ और हरियाली से लदी समतल पहाड़ियां भी हैं जहां सब तरफ लहरदार पैदल रास्ते मौजूद हैं।

दरअसल पूरे माथेरान में पैदल रास्ते भी कच्ची-पक्की पगडंडियों के तौर पर ही मिलते हैं जिनके जरिए नीचे घाटी की तरफ जाने पर उस झील तक भी पहुंचा जा सकता है जहां से पूरे माथेरान में पानी की सप्लाई होती है।

वैसे तो सालभर ही माथेरान में कुदरती सुंदरता के अद्भुत नजारे देखने को मिलते हैं लेकिन जून से अगस्त यानी बारिश के महीनों को छोड़कर बाकी समय मौसम बेहद सुहावना रहता है।

बारिश के मौसम में बादलों के बीच दूर-दूर तक नजारे कम देखने को मिलते हैं साथ ही यहां कच्ची सड़क होने से फिसलने का खतरा भी बढ़ जाता है लेकिन बारिश के मौसम का भी यहां अपना अलग मजा है।

माथेरान पहुंचने के लिए मुंबई के करीब नेरूल जंक्शन से दो फुट चौड़ी नैरो गेज लाईन पर चलनेवाली टॉय-ट्रेन सबसे बेहतर विकल्प हैं जो लगभग इक्कीस किमी का सफर तय कर सवारियों को माथेरान बाजार के बीच स्थित रेलवे स्टेशन तक पहुंचाती है।

यह टॉय ट्रेन भारत के सबसे घुमावदार रेल पथ पर चलती है, जिसका ग्रेडियेन्ट 1:20 है।

लगभग 2 से ढाई घंटे की इस छोटी से यात्रा में इतने तीखे और घुमावदार मोड़ हैं कि कई बार सवारियों को अपने कोच की सीट पर बैठे-बैठे अचानक अगला कोच या कहीं-कहीं रेलवे ट्रेक पर घुमाव लेते हुए पूरी ट्रेन ही नजर आ जाती है ऐसे में ये दृश्य काफी आकर्षक लगता है।

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