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पुरुषों को भी स्तन कैंसर का खतरा, अब मत लगाना इसे मुंह

अपने पुरुष स्तन कैंसर के पहले चरण में उसे उपचार मिल गया है और अब वह ठीक है।

पुरुषों को भी स्तन कैंसर का खतरा, अब मत लगाना इसे मुंह
नई दिल्ली. ग्रेटर नोएडा के रहने वाले एक व्यवसायी विशाल राठी (बदला हुआ नाम) एक हंसमुख जीवन जी रहे थे। रोजाना हर शाम काम के बाद घर लौटते समय नियमित रूप से चिकन मटन चॉप के साथ शराब पेय का आनंद लेते थे। विशाल को विशेष रूप से ऐसा करना पसंद था। लेकिन जब उसकी उम्र 43 की हुई तब 2013 की सर्दियों में उसने नेजिस किया की उसकी छाती में एक तरफ से उभार आने लगे थे। सीने के उस हिस्से में त्वचा नारंगी रंग की हो गई थी। विशाल ने जल्दबाजी में चिकित्सक से अपॉइंटमेंट लेकर दिखाना सही समझा। चिकित्सक के पास जांच में यह पता चला की विशाल को 'पुरुष स्तन कैंसर' है।
डेलीमेल की रिपोर्ट के मुताबिक, फोर्टिस अस्पताल में वरिष्ठ ऑन्कोलॉजिस्ट सलाहकार डॉ विकास गोस्वामी जो राठी का इलाज कर रहे थे ने कहा, 'यह उसका भाग्य अच्छा है कि उसने समय पर ध्यान दे दिया और उस बीमारी के प्रारंभिक चरण में अस्पताल के लिए आ गया। वह अपने पुरुष स्तन कैंसर के पहले चरण में था, उपचार मिल गया है और अब वह ठीक है।'
डॉ गोस्वामी ने कहा, 'ज्यादातर पुरुष जागरूकता की कमी और उपहास बन जाने के डर से इस बीमारी को पहचानने में देर कर देते हैं और तब तक यह मामला हाथ से निकल जाता है।'
महिला स्तन कैंसर के बारे में तो लोग जानते हैं लेकिन पुरुष स्तन कैंसर को बहुत ही कम लोग जानते हैं। महिलाओं में स्तन कैंसर की सिकार कई नामी गिरामी फिल्मी हस्तियों को भी हुई है जिसमें से हॉलीवुड अभिनेत्री एंजेलिना जोली भी शामिल हैं। साल 2013 मे एंजेलिना को अपने स्तन को मास्टेकटोमी के द्वारा उलाज कराना पड़ गया था।
क्यों कुछ पुरुषों में स्तन कैंसर होते हैं और कुछ में नहीं हैं यह स्पष्ट नहीं है। लेकिन इस जोखिम के कारकों में से परिवार के इतिहास में अगर किसी को कैंसर था तो यह वहां से भी आ सकता है। या फिर शराब, मोटापा, यकृत रोग, विरासत में मिला जीन म्यूटेशन, रेडिएशन या तीव्र गर्मी के कारण भी हो सकता है।
अध्ययन के अनुसार, भारत में पैदा हुए 30 लड़कियों में से एक को उसके शरीर में जीवनकाल के दौरान स्तन कैंसर विकसित होता है। लेकिन पुरुषों में स्तन कैंसर 400 में से किसा एक पुरुष को ही हो सकता है।
ऐसे रोगी के लिए जीवित रहने की दर केवल 73 प्रतिशत है। इसका कारण यह है कि पुरुषों में अल्प स्तन वसा ऊतक कैंसर को शरीर में गहरे प्रसार करने की अनुमति देते हैं और कुछ ही समय में यह शरीर मे फैलने लग जाते हैं।
डॉ मीनू वालिया, पटपड़गंज में मैक्स कैंसर सेंटर में मेडिकल ऑन्कोलॉजी के निदेशक ने कहा, 'लोग पुरुष स्तन कैंसर के बारे में बहुत कम जानते हैं, और यह अनियंत्रित शराब के सेवन से संबंधित है। एक क्षतिग्रस्त लिवर एक आदमी के शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर (महिला हार्मोन) को नियंत्रित करने में असमर्थ है। इस गाइनेकोमैस्टिया या बढ़े हुए स्तन जो लंबे समय में कैंसर का रूप ले लेते हैं। सिरोसिस या जिगर अन्य बीमारियों से क्षतिग्रस्त से पीड़ित लोगों के लिए यह जीवन के लिए घातक साबित हो सकता है।'
डॉ दीपक राउतरे, वरिष्ठ शल्य ऑन्कोलॉजिस्ट ने कहा, 'अत्यधिक शराब के सेवन से एक आदमी के शरीर पर कई असर पड़ता है। यह एक ऐसी बीमारी को जन्म देता है जिसे हम 'फेमिनाइजिंग सिंड्रोम' कहते हैं। बालों का झड़ना, वृषण का सिकुड़ना, स्तनों को बढ़ना और वसा जो शरीर पर जमा हैं उनका भी बदलना इसके लक्षण हैं।'
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