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मोटापे से बचने के लिए ये काम तक करने लगते हैं लोग

मोटापा से निजात पाने के लिए एक्सरसाइज के अलावा दुनियाभर में लोग क्या-क्या तरीके अपनाते हैं

मोटापे से बचने के लिए ये काम तक करने लगते हैं लोग
नई दिल्ली. मोटापा से निजात पाने के लिए कुछ सामान्य नियमों और एक्सरसाइज के अलावा दुनियाभर में लोग क्या-क्या तरीके अपनाते हैं, यह जानकर आप दंग रह जाएंगे। आज अपनी इस रिपोर्ट के माध्यम से हरिभूमि अपने पाठकों को बताएगा कि दुनिया में मोटापे से बचने के लिए लोग क्या-क्या करते हैं...
इन देशों में मोटापे से बचने के लिए लोग अपनाते हैं ये तरीका
फ्रांस: फ्रांस के 92 फीसदी परिवार रात का भोजन साथ-साथ करते हैं। 'इंटरनेशनल एंड अमरीकन एसो. ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रीशनिस्ट' के अध्यक्ष फ्रेड पेस्काटोर कहते हैं, लोग इस परंपरा से दूर हो रहे हैं लेकिन मानसिक व शारीरिक सेहत के लिहाज से यह काफी महत्त्वपूर्ण है।
जर्मनी: जर्मनी के कम से कम 75 फीसदी लोग सुबह का नाश्ता जरूर करते हैं। इनका नाश्ता हैल्दी होता है जैसे फल, साबुत अनाज और ब्रेड। स्वस्थ रहने के लिए न्यूट्रीशियन सुबह का नाश्ता जरूरी बताते हैं। ब्रिटिश शोधकर्ताओं के अनुसार जो लोग सुबह का नाश्ता नहीं करते उनका ब्रेन उन्हें हाई कैलोरीफूड खाने के लिए उकसाता है। ऐसे में जर्मनवासियों की यह आदत अच्छी मानी जा सकती है।
रूस: यहां की 51 फीसदी शहरी आबादी अपनी छुट्टियां और वीकेंड ग्रामीण या कस्बाई घरों में बिताती हैं। प्राय: हर घर में एक गार्डन जरूर होता है, जहां रूसी लोग अपनी जरूरत और पसंद के मुताबिक फल और सब्जियां उगाते हैं। ताजा और ऑर्गेनिक फल-सब्जियों के कारण उनका भोजन पोषक तत्त्वों से भरपूर होता है। साथ ही गार्डन की देखभाल में भी शारीरिक व्यायाम अच्छा खासा हो जाता है।
पोलैण्ड: पोलैण्डवासी अपने फूड बजट का मात्र 5 फीसदी घर से बाहर खाने पर खर्च करते हैं। इससे न सिर्फ वे पैसे की बचत करते हैं, बल्कि बाहर का तलाभुना और गरिष्ठ भोजन करने से भी बच जाते हैं। 'दी ओम्नीवोरस डाइलेमा' किताब के लेखक व सामाजिक कार्यकर्ता मिशेल पोलेन कहते हैं, जो लोग घर पर भोजन पकाते-खाते हैं वे दूसरों की तुलना में मोटे और ओवरवेट कम होते हैं। हमारे यहां बाहर भोजन करने की संस्कृति नहीं है।
ब्राजील: ब्राजील के लोग सिर्फ कार्निवाल में उछल-कूद और नाच-गाकर ही अपना वजन नहीं घटाते हैं बल्कि ये अपने पारंपरिक भोजन (चावल और बींस) को पसंद करते हैं। ओबेसिटी रिसर्च जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक चावल-बींस की डाइट से (नॉनवेज भोजन की तुलना में) मोटापे के खतरे को 14 फीसदी कम किया जा सकता है। इसमें फाइबर खूब होते हैं।
स्विट्जरलैंड: यहां के बाशिंदे मूसली यानी ओट, फल और सूखे मेवों से बने दलिए के शौकीन हैं। यह वेट कंट्रोल कर सेहतमंद रखने के लिए बेहतरीन फूड है। यह डिश एक स्विस डॉक्टर ने मरीजों को पौष्टिक और सुपाच्य भोजन देने के मकसद से करीब सौ साल पहले तैयार की थी।
मैक्सिको: यहां के लोगों ने अपने भोजन का समय दोपहर 2 से 4 बजे के बीच का तय कर रखा है। इससे रात को अधिक खाने से बच जाते हैं। रात को कम खाने से सुबह अच्छी भूख लगती है और पेट भी दुरुस्त रहता है। साथ ही आप हैवी नाश्ता लेने में सक्षम रहते हैं। सुबह का नाश्ता वेट कंट्रोल करने में मददगार होता है क्योंकि यह डायटीशियंस का माना हुआ फैट फाइटिंग रूल है।
नीदरलैड्स: नीदरलैड्स के 54 फीसदी लोग अपने दैनिक कार्यों, शॉपिंग व ऑफिस जाने के लिए साइकिल का प्रयोग करते हैं। नीदरलैंडवासी हर साल औसत 866 किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय करते हैं। यही मोटापे से लडऩे का इनका मूल मंत्र है। सही स्पीड में साइकिल चलाकर हम प्रति घंटे 550 कैलोरी आराम से बर्न कर सकते हैं। यहां के लोग ऑयल फिश को डाइट में शामिल करते हैं जो ओमेगा-3 फैटी एसिड का अच्छा स्त्रोत है।
इंडोनेशिया: यहां के बाशिंदे अक्सर उपवास पर रहते हैं या दिन में कुछ नहीं खाते हैं। एक अन्य परंपरा के अंतर्गत ये कुछ खास दिनों में सिर्फ सादा चावल और पानी लेते हैं। इससे खाने पर रह रहकर ब्रेक लगता रहता है। पाचनतंत्र को आराम मिलते रहने से भोजन का पाचन भी ठीक से हो जाता है।
जापान: दुनिया के सबसे सेहतमंद और दीर्घायु लोगों के देशों की सूची में शुमार जापान के लोग रोजाना दिन में एक बार 20 से 30 मिनट की झपकी जरूर लेते हैं। 'पावर स्लीप' नामक चर्चित किताब के लेखक और कोर्नेल यूनिवर्सिटी के स्लीप रिसर्चर जेम्स मास कहते हैं, नींद की कमी से वजन बढ़ता है। अच्छी नींद लेने वाले वेट कंट्रोल के मिशन में कामयाब रहते हैं।
हंगरी: यहां के लोग खीरा, पत्तागोभी, शिमला मिर्च और टमाटर का अचार बनाकर खाते हैं। ये अचार ऑयली व स्पाइसी नहीं होते। इनका स्वाद तीखा व खट्टा रहता है। सिरके में डूबे ये अचार स्लिम रखने में मददगार होते हैं। सिरके का प्रमुख तत्त्व एसीटिक एसिड रक्तचाप घटाने, ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रखने और शरीर में फैट बनने की प्रक्रिया पर नियंत्रण रखता है।
थाईलैंड: थाई फूड दुनिया में सबसे ज्यादा मसालेदार माना गया है। 'अमरीकन सोसायटी फॉर न्यूट्रीशन' के पूर्व अध्यक्ष प्रो. जेम्स हिल बताते हैं, 'तेज मिर्च वाला भोजन मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है। साथ ही भोजन की गति नियंत्रित करता है, इससे आपको पेट भरने का अहसास समय से हो जाता है। जबकि जल्दी-जल्दी भोजन करने पर जब तक आपको पेट भर जाने का अहसास होता है तब तक आप ज्यादा खा चुके होते हैं। ऐेसे में थाइलैंडवासी ऐसा भोजन करके ज्यादा खाने से बच जाते हैं।
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