Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

जिंदादिल और खुशहाल जिंदगी है जीनी, तो अपने बच्चों सीखें ये खास बातें

बच्चों के व्यवहार और आदतों से अभिभावक भी बहुत कुछ सीख सकते हैं। उनकी आदतों को अपने व्यवहार में लाकर जिंदगी को खुशियों से भरा जा सकता है। एक बार बच्चे जैसा बनकर तो देखिए, जिंदगी कितनी खूबसूरत हो जाएगी।

जिंदादिल और खुशहाल जिंदगी है जीनी, तो अपने बच्चों सीखें ये खास बातें
X

बच्चे की पहली शिक्षिका मां होती है। वही बच्चे को अच्छी आदतें और संस्कार देती है, लेकिन ऐसा नहीं है कि आप ही बच्चे को सब कुछ सिखाती हैं। जिंदगी से जुड़ी ऐसी बहुत सी बातें हैं, जिसे आप भी अपने बच्चों से सीख सकती हैं। अगर आप उन छोटी-छोटी आदतों को अपने जीवन में शुमार करती हैं तो यकीनन एक खुशमिजाज और तनावमुक्त जीवन जी पाएंगी।

बच्चों से सीखें जिंदगी जीने का सलीका :

भावनाओं को व्यक्त करना

छोटे बच्चे अपनी भावनाओं को मन में दबाते नहीं हैं। वह जो कुछ भी महसूस करते हैं, उसे सबके सामने व्यक्त कर देते हैं, फिर चाहे उनका मन रोने का हो या हंसने का, वे खुलकर अपनी फीलिंग्स को एक्सप्रेस करते हैं। जबकि बड़े लोग चाहते हुए भी अपनी भावनाओं को मन में दबाए-छिपाए रहते हैं।

इससे वे अकसर तनाव से घिरे रहते हैं, उनके जीवन से हंसी-मुस्कुराहट दूर हो जाती है। ऐसी स्थिति से बाहर आने के लिए जरूरी है, बच्चों की तरह मन साफ रखा जाए और अपनी भावनाओं को व्यक्त किया जाए।

खुद के लिए समय

आज के समय में लोग अपने कामों में इस कदर व्यस्त रहते हैं कि वे खुद को समय नहीं देते हैं। जबकि तन और मन को तंदुरुस्त रखने के लिए खुद को समय देना बहुत जरूरी है। इस बात के लिए भी बच्चों से इंस्प्रेशन ली जा सकती है।

जैसे बच्चे स्कूल और घर में पढ़ाई करने के बाद अपने खेलने- कूदने और एंज्वॉयमेंट के लिए टाइम भी मैनेज कर लेते हैं। कुछ इसी तरह आप भी अपने कामों के बीच में से अपने लिए समय जरूर निकालें। बच्चों के साथ, पार्टनर के साथ समय बिताएं। इससे आपको तनाव से मुक्ति मिलेगी।

छोटी खुशियों को जीना

आज के दौर में हमारी इच्छाओं की लिस्ट बहुत लंबी होती जा रही है। भौतिक चीजों को पाने के लिए हम रात-दिन परेशान रहते हैं और इनके मिलने पर भी संतुष्ट नहीं होते हैं। लेकिन बच्चे छोटी-छोटी बातों में ही अपने लिए खुशियां खोज लेते हैं। उन्हें खुश होने के लिए ढेर सारे पैसों या सुख-सुविधाओं की जरूरत नहीं होती।

वे तो अपने दोस्तों के साथ खेल-कूद कर भी खुश हो जाते हैं या पैरेंट्स से मिले छोटे से गिफ्ट से भी मुस्कुराने लगते हैं। छोटी-छोटी बातों में खुश रहने की आदत बच्चों को कभी भी उदास नहीं होने देती। आप भी हमेशा खुश रहने के लिए छोटी-छोटी बातों को अहमियत दें।

पुरानी बातों को भूलना

बड़े लोग अकसर मन दुखाने वाली बातों को भूलते नहीं हैं। इस वजह से सामने वाले व्यक्ति के साथ रिश्ते कभी सहज नहीं रह पाते हैं। जबकि बच्चे अपने दोस्तों से आज रूठते हैं और अगले दिन फिर दोस्ती कर लेते हैं। बच्चे कभी भी दिल दुखने वाली बात को याद नहीं रखते हैं। बच्चों जैसा ही व्यवहार हम भी अपने रिश्तों और अपनों के साथ करें तो सबके साथ नाता बना रहेगा।

और पढ़े: Haryana News | Chhattisgarh News | MP News | Aaj Ka Rashifal | Jokes | Haryana Video News | Haryana News App

Next Story