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कर्जत पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है, जानिए इसकी खूबसूरती के बारे में

ऐसे स्पॉट कम ही होते हैं, जहां टूरिस्ट्स कई तरह के एंज्वॉयमेंट कर सकते हैं। महाराष्ट्र में मुंबई के पास स्थित करजत ऐसा ही खूबसूरत स्थान है। यहां आप प्राचीन ऐतिहासिक किलों को देख सकते हैं, राफ्टिंग और ट्रैकिंग का मजा ले सकते हैं, खूबसूरत वादियों से रूबरू होने के साथ नेचुरोथैरेपी भी करवा सकते हैं।

कर्जत पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है, जानिए इसकी खूबसूरती के बारे में

कर्जत वह स्थान है, जहां कोंकण का तटीय मैदान समाप्त होता है। मुंबई (महाराष्ट्र) के पास स्थित एक छोटी-सी सिटी का छोटा-सा गांव करजत, पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। मुंबई से 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह पर्यटन स्थल मॉनसून के दौरान और उसके तुरंत बाद बहुत हरा-भरा हो जाता है। यहां कई जलप्रपात और छोटे झरने पहाड़ों की ढलानों से नीचे गिरते हैं, जिन्हें देखना बहुत मोहक लगता है।

अलग-अलग एक्टिविटीज

कई पर्यटक यहां वजन घटाने, तरो-ताजा महसूस करने के लिए आते हैं, नदी के तट पर स्थित एक्यूपंचर, एक्यूप्रेशर और एरोमाथैरेपी सहित सभी प्राकृतिक थेरेपी सेंटर्स भी मौजूद हैं। यहां स्थित हेल्थ रिजॉर्ट्स में पूरे शरीर की मालिश, मड बाथ, हाइड्रोथैरेपी और थर्मोलियम कलर ट्रीटमेंट का आनंद लिया जा सकता है।

इसके साथ ही चट्टानों को काटकर बनाई गई प्राचीन गुफाओं को देख सकते हैं। अगर आप रोमांच के शौकीन हैं तो विशाल मराठा किलों पर चढ़ सकते हैं या कुछ ईजी ट्रैकिंग कर सकते हैं या उल्हास नदी में मानसून व्हाइट-वाटर राफ्टिंग का मजा भी ले सकते हैं।

कोंडाना गुफाएं

कोंडाना गांव के घने जंगलों में प्राचीन बौद्ध गुफाएं स्थित हैं। जिनमें स्तूप, विहार और मूर्तियां मौजूद हैं। 1900 में आए भूकंप के कारण ये गुफाएं क्षतिग्रस्त हो गई थीं, लेकिन इनकी भव्यता आज भी देखने योग्य है। चट्टानों को काटकर बनाई गई मूर्तियां अद्भुत हैं।

पैठ किला ट्रैक

पैठ गांव में स्थित इस किले को पैठ किला कहा जाता है। यह करजत में ट्रैकर्स के बीच इसलिए मशहूर है क्योंकि इसकी ऊंचाई कम है और इस पर आसानी से चढ़ा जा सकता है। किले के नीचे गुफा में एक छोटा मंदिर है।

अपने कीप के आकार के गुबंद (कोटलीगढ़) और मध्य में तराशी गई चट्टानों और सीढ़ियों के कारण यह अनूठा दिखता है। ट्रैकिंग आरंभ करने के लिए करजत से पैठ के निकट स्थित अंबीवली गांव तक बस लेकर अंबीवली उतरकर पैठ गांव के रास्ते से किले तक की चढ़ाई आसानी से की जा सकती है।

रिवर राफ्टिंग

मानसून के दौरान करजत के निकट उल्हास नदी के ऊपरी भागों में राफ्टिंग के लिए जाना आसान होता है। यह पूरी तरह एक मौसमी गतिविधि (जुलाई-अक्टूबर) है। यह ट्रिप पर्याप्त वर्षा पर निर्भर करता है।

इसका आरंभिक बिंदु करजत से लगभग 15 किमी. दूर कोंडाना गांव में है। एडवांस इंफॉर्म करने पर पहाड़ की ढलानों पर स्थित दूसरी शताब्दी की बौद्ध गुफाओं तक जाने की भी व्यवस्था हो सकती है।

कैसे पहुंचें

मुंबई से करजत पहुंचने के लिए केवल दो घंटे की रोड ट्रैवलिंग करनी होगी। मुंबई आप देश के किसी भी हिस्से से रेल या हवाई जहाज से पहुंच सकते हैं।

कब जाएं

यहां घूमने का बेहतरीन समय मॉनसून में ही होता (जून से सितंबर) है। हालांकि यह क्षेत्र नवंबर-दिसंबर में भी पर्यटकों से गुलजार रहता है। लेकिन फरवरी से मई तक यहां बहुत गरमी होती है, इसलिए इस दौरान जाने से बचना चाहिए।

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