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जन्माष्टमी 2018 : सिंघाड़ा मोरधन कटलेट रेसिपी, जन्माष्टमी को बनाएं यादगार

कृष्ण की बचपन की नटखट अठखेलियों और बड़े-बड़े शत्रुओं को धूल चटाने वाली लीलाओं को देश भर में एक बार फिर झांकियों के जरिए जीवंत करने का समय करीब आ गया है। जी हां, 2 सितंबर 2018 को कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार है।

जन्माष्टमी 2018 : सिंघाड़ा मोरधन कटलेट रेसिपी, जन्माष्टमी को बनाएं यादगार
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कृष्ण की बचपन की नटखट अठखेलियाों और बड़े-बड़े शत्रुओं को धूल चटाने वाली लीलाओं को देश भर में एक बार फिर झांकियों के जरिए जीवंत करने का समय करीब आ गया है। जी हां, 2 सितंबर 2018 को कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार है।

आपको पता तो होगा ही कि मोरपंख से कृष्ण को कितना लगाव था। इतना लगाव कि उन्होंने मोरपंख को अपने मस्तक पर हमेशा के लिए धारण कर लिया। शास्त्रों के मुताबिक, मोरपंख के बिना कृष्ण की पूजा को भी अधूरा माना जाता है। इसलिए आज हम आपको जन्माष्टमी के इस खास त्योहार पर सिंघाड़ा मोरधन कटलेट रेसिपी के बारे में बता रहे हैं।

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सिंघाड़ा मोरधन(समा के चावल) कटलेट रेसिपी की सामग्री :

मोरधन (समा के चावल): 1 कटोरी, सिंघाड़े का आटा : 1/2 कटोरी, उबले मैश किए आलू : 2, कटी हरी मिर्च : 2, बारीक कटा हरा धनिया : 1 टी स्पून, जीरा : 1/4 टी स्पून, नीबू का रस : 1 टी स्पून,सेंधा नमक : 1/2 टी स्पून, तलने के लिए तेल : आवश्यकतानुसार।

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सिंघाड़ा मोरधन(समा के चावल) कटलेट की विधि :

1. सबसे पहले मोरधन को लगभग 1 घंटे पहले भिगो दें ।

2. अब इसमें तेल को छोड़कर सारी सामग्री अच्छी तरह मिलाएं।

3. तैयार मिश्रण में से 1 चम्मच मिश्रण हथेली पर रखकर मनचाहे आकार में कटलेट बनाएं।

4. गर्म तेल में धीमी आंच पर सुनहरा होने तक तलें। सिंघाड़ा मोरधन कटलेट तैयार है।

5. अब तैयार सिंघाड़ा मोरधन कटलेट को प्लेट में रखकर गर्मागर्म चाय के साथ सर्व करें।

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