Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

इस वजह से प्रेग्नेंसी में महिला को दी जाती है आयरन की गोलियां

प्रेग्नेंसी में महिलाओं को अपनी डाइट में आयरन की मात्रा डॉक्टर की सलाह के अनुसार जरूर शामिल करनी चाहिए। यह महिला और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए जरूरी है। गर्भवती महिलाओं के लिए आयरन का सेवन बहुत जरूरी है।

इस वजह से प्रेग्नेंसी में महिला को दी जाती है आयरन की गोलियां

प्रेग्नेंसी में महिलाओं को अपनी डाइट में आयरन की मात्रा डॉक्टर की सलाह के अनुसार जरूर शामिल करनी चाहिए। यह महिला और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए जरूरी है। गर्भवती महिलाओं के लिए आयरन का सेवन बहुत जरूरी है, इस बारे में गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. शशि प्रभा पूरी जानकारी दे रही हैं।

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का भोजन पौष्टिक होना चाहिए। इस दौरान डाइट में आयरन का शामिल होना आवश्यक है। इसे या तो आहार में शामिल किया जाए या गोलियों के जरिए लिया जाए।

आयरन की सही मात्रा लेने से न सिर्फ गर्भवती महिलाएं स्वस्थ रहती हैं, गर्भ में पल रहे शिशु का विकास भी ठीक से होता है। दरअसल, आयरन खून में हीमोग्लोबिन बनाता है।

यह भी पढ़ें: मानसून में इंफेक्शन के रहते हैं ज्यादा चांसेस, रखें इन बातों का ध्यान

हीमोग्लोबिन, कोशिकाओं में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है, जिससे खाना पचने की क्रिया होती है। साथ ही आयरन के कई और लाभ गर्भवती महिलाओं और गर्भस्थ शिशु को होते हैं।

आयरन के लाभ

  • आयरन मां और शिशु दोनों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, जिससे मां-शिशु बीमारियों और कई तरह के संक्रमण से बचे रहते हैं।
  • प्रसव के समय स्त्री के शरीर में खून की काफी आवश्यकता होती है। आयरन भरपूर मात्रा में खून बनाकर इनकी कमी को पूरा करता है।
  • शरीर में आयरन की सही मात्रा प्रसव के समय होने वाले खतरे की संभावना कम कर देता है। इससे प्रसव के समय सामान्य ब्लीडिंग होती है।
  • जब गर्भशय में भ्रूण का विकास होता है तो उसकी मांसपेशियों के निर्माण और शरीरिक विकास में आयरन की जरूरत पड़ती है, जो कि मां के खून से बच्चे को मिलता है।
  • इसीलिए गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर आयरन की खुराक बढ़ा देते हैं।
  • आयरन बच्चे के पूर्ण विकास के लिए जरूरी है।
  • आयरन सही से मिलने पर बच्चे के शरीर के अंगों का सही से निर्माण होता है, जिससे बच्चे के सभी अंग पूर्ण रूप से विकसित होते हैं।
  • आयरन युक्त भोजन, होने वाले बच्चे को वजन की कमी से बचाता है।
  • कई बार जन्म के समय बच्चों का वजन बहुत कम होता है, जिसकी वजह से उन्हें कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं।
  • लेकिन गर्भवती महिलाएं अगर आयरन युक्त आहार का भरपूर सेवन करेंगी तो जन्म के समय शिशु का वजन नियंत्रित रहेगा।
  • आयरन युक्त भोजन गर्भावस्था के बाद किसी स्त्री के शरीर के सामान्य स्थिति में लाने में भी सहायक होता है।
  • ऑपरेशन के बाद अकसर महिलाओं में खून की कमी हो जाती है।
  • ऐसे में जब शरीर में आयरन की पर्याप्त मात्रा रहेगी, तो प्रसव के बाद होने वाली दिक्कतों से राहत आसानी से मिलती है।

यह भी पढ़ें: फैमिली प्लानिंग के बाद भी गर्भधारण में आ रही है दिक्कत तो इन बातों पर करें गौर

रखें ध्यान

  • आयरन युक्त भोजन, दवाएं डॉक्टर की सलाह से ही लें।
  • अधिक आयरन की मात्रा भी डायबिटीज, उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं को बढ़ाती हैं, साथ ही इससे भ्रूण को भी खतरा होता है।
  • कुछ आयरन की दवाइयों के साइड इफेक्ट भी हैं, जिन्हें केवल डॉक्टर ही बता सकते हैं।
  • ऐसे में आयरन लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
Next Story
Top