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स्टेम सेल ट्रांसप्लांट, जानिए कैसे संभव है आईएलडी ट्रीटमेंट

आईएलडी ट्रीटमेंट संभव है इलाज, जानिए कैसे

स्टेम सेल ट्रांसप्लांट, जानिए कैसे संभव है आईएलडी ट्रीटमेंट
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कारण

वातावरण में फैले रासायनिक प्रदूषक तत्व अर्थात केमिकल पॉल्यूटेंट जैसे एस्बेस्टस और अन्य रासायनिक पदार्थ जब शरीर में पहुंचते हैं तो फेफड़े पर असर डालते हैं। कीमोथेरेपी के बाद कैंसर रोगियों और सीने की रेडियोथेरेपी के बाद रोगी में इस बीमारी के होने की संभावना रहती है। सीने में बार-बार होने वाले इंफेक्शन से भी बीमारी होती है। ल्यूपस, स्क्लीरोडर्मा और आर्थाराइटिस भी इसके कारक हो सकते हैं। इस बीमारी के होने का शक होने पर सीने का एक्सरे, सी.टी. स्कैन, पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट कराना चाहिए।

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