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नियमित योगासन से पाएं स्वस्थ तन-स्वस्थ मन

हमें अपनी दिनचर्या में न सिर्फ योगाभ्यास को शामिल करना होगा

नियमित योगासन से पाएं स्वस्थ तन-स्वस्थ मन
योग
बदलती जीवनशैली और गलत आहार लेने के कारण आज के दौर में लोग बीपी, शुगर, हार्ट प्रॉब्लम, माइग्रेन, स्पॉन्डिलाइटिस आदि बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं। हमारी दिनचर्या कैसी है यानी हम कैसा जीवन जीते हैं और हम किस तरह का आहार लेते हैं, इसका हमारी सेहत से गहरा नाता है।
ये दोनों ही बातें हमारे जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। लेकिन जब हम इन दोनों को (कई बार एक को भी) सही तरीके से व्यवस्थित नहीं कर पाते हैं, तो हमारा मन असंतुलित हो जाता है। जब मन असंतुलित होता है तो हमारा तन यानी हमारी बॉडी भी धीरे-धीरे असंतुलित हो जाती है और हम बीमार हो जाते हैं।
लेकिन नियमित योग करने से न सिर्फ हम इन बीमारियों से बचे रह सकते हैं, बल्कि इनसे पूरी तरह छुटकारा भी पा सकते हैं। इसके लिए हमें अपनी दिनचर्या में न सिर्फ योगाभ्यास को शामिल करना होगा, बल्कि अपनी जीवनशैली और आहार पद्धति में भी सकारात्मक बदलाव लाना होगा।
तन-मन का रिश्ता
हमारे तन और मन में गहरा संबंध होता है। ये दोनों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह से एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। इसलिए सेहतमंद बने रहने के लिए हमारे मन का शांत रहना बहुत जरूरी होता है। अगर मन-मस्तिष्क शांत नहीं है, उसे कोई बात परेशान कर रही है तो उसकी सामान्य गतिविधियां प्रभावित होती हैं और उसके भीतर अवरोध (ब्लॉकेज) बन जाते हैं।
जैसे-जैसे हमारे मन के ये अवरोध (माइंड ब्लॉकेज) बढ़ते जाते हैं, उसका दुष्प्रभाव हमारे शरीर पर पड़ने लगता है। जब ऐसा होता है तब हमें महसूस होता है कि हमारा शरीर जकड़ गया है, शिथिल हो गया है। धीरे-धीरे हम बीमार हो जाते हैं। असल में हमारे मस्तिष्क में अवरोध होने से हमारे शरीर में प्रवाहित होने वाली ऊर्जा ठहर जाती है।
इससे हमारे शरीर के लचीलेपन पर असर पड़ता है। तो इन अवरोधों को दूर करने के लिए पूरे शरीर में ऊर्जा को प्रवाहित करना होता है। इस ऊर्जा का प्रवाह ही हमारे शरीर को गतिशीलता और लचीलापन प्रदान करता है। जब हम नियमित रूप से योग आसन करते हैं, तो इससे हमारा प्राण संचालन यानी ऊर्जा का प्रवाह नियमित रूप से अपनी गति से प्रवाहित होता रहता है।
इस तरह ऊर्जा के प्रवाह होने से हमारा मन-मस्तिष्क हमेशा शांत और एकाग्र बना रहता है। इस तरह मन के एकाग्र होने से हम हमेशा ताजगी महसूस करते हैं। तन और मन के बीच का यह संबंध ही योग का मूल है।
नीचे की स्लाइड्स में पढ़िए, योग से जुडी महत्वपूर्ण जानकारियां -
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