logo
Breaking

International Yoga Day 2018: सुबह इस योग को करने से रात में आएगी अच्छी नींद

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2018 के लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर लोग एक साथ योग करते हैं। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम इस साल देहरादून में होगा। शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिए उसे आराम देना बेहद जरूरी है।

International Yoga Day 2018: सुबह इस योग को करने से रात में आएगी अच्छी नींद

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2018 (International Yoga Day 2018) के लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर लोग एक साथ योग करते हैं। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य कार्यक्रम इस साल देहरादून में होगा। शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिए उसे आराम देना बेहद जरूरी है।

शरीर को पूर्ण आराम तभी मिलता है, जब वह नींद की अवस्था में होता है। वैज्ञानिकों के अनुसार जब हम नींद में होते हैं तब हमारे शरीर के कोशिका स्तर में सुधार होता है, शरीर के सभी अंगों को आराम मिलता है और विषाक्त पदार्थों का निष्कासन होता है।

लेकिन कई बार ऐसा होता है कि आपको रात में नींद नहीं आती और आप अपने को थका हुआ महसूस करते हैं। रात में नींद न आना अनिद्रा का लक्षण है।

अनिद्रा क्या है

यह एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें व्यक्ति को रात में नींद नहीं आती, जिसके कारण वह दिन में भी थकान और चिड़चिड़ापन महसूस करता है। अनिद्रा एक ऐसी स्थिति है जो हर 20 भारतीयों में से एक को प्रभावित करती है।

ज्यादा समय तक ऐसी स्थिति बनी रहने से शरीर पर प्रतिकूल असर पड़ता है और आप बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिए 6 से 8 घंटे सोना जरूरी है। अनिद्रा को दूर करने के लिए योग एक अहम भूमिका निभाता है।

यदि आपकी पर्याप्त नींद नहीं होती, तो योग इसमें सहायता करेगा। निरंतर योग के अभ्यास से कई रोगों का निदान हुआ है जिसमें अनिद्रा और असामान्य नींद की आदतें शामिल हैं।

दिन के अंत में योग तनाव से मुक्ति देता है जिससे रात में अच्छी नींद आती है। आज हम आपको कुछ ऐसे आसन बता रहे हैं जिसके द्वारा आप रात में अच्छी और गहरी नींद में सो सकते हैं।

पश्चिमोत्तासन

इस आसन को करने से दिमाग शांत होता है और आप आराम महसूस करते हैं।

विधि

  • इस आसन को करने के लिए अपने पैरों को सीधा फैलाकर जमीन पर बैठें।
  • अब अपने हाथों को सिर के ऊपर ले जाएं तथा धीरे-धीरे आगे की ओर झुके।
  • अपने हाथों की उंगलियों से अपने पैरों की उंगलियों को छूने का प्रयास करें और अपने सिर को घुटनों से लगाने का प्रयास करें।
  • इस आसन का उद्देश्य आपको आराम पहुंचाना है आपको तनाव में लाना नहीं।
  • अतः इसे आराम से करें। हो सकता है कि आप अपने पैरों की उंगलियों का न छू पाएं परंतु समय के साथ-साथ इसमें सुधार हो जाएगा।
  • जब आप आगे की ओर झुकें तो सांस छोड़ें और ऊपर उठते समय सांस लें।

उत्तनासना

  • इस आसन को करने के लिए सीधे खड़े रहें।
  • अपने हाथों को आगे की ओर से सिर के ऊपर ले जाएं तथा धीरे-धीरे सांस लें।
  • फिर अपने कूल्हों को पीछे की ओर धकेलते हुए आगे की ओर झुकें जब तक आपकी हथेलियां जमीन की ओर आपका माथा आपके घुटनों को न छूने लगे।
  • यदि आप पूर्ण रूप से झुकने में असमर्थ हैं या आपके घुटने के पीछे की नस खिंच रही है तो अपने घुटनों को थोड़ा मोड़ लें।
  • इस स्थिति में तब तक रहें जब तक कि आपको असुविधा न हो।
  • ऐसा करने से रक्त आपके सिर में तेजी से पहुंचता है जिससे आपके शरीर का तंत्रिका तंत्र अनुकंपी से सहानुकंपी प्रणाली की स्थिति में आ जाता है जिससे आपको आराम मिलता है।
  • फिर से खड़े होने के लिए सांस लेते हुए अपने हाथों को अपने सिर के ऊपर ले जाएं और अपने शरीर के ऊपर के भाग का उठाएं।
  • फिर जैसे ही आप सांस छोड़ें अपने हाथों को चेहरे के सामने से नीचे की ओर लाएं।
  • झटका न दें। याद रखें कि मांसपेशियों को तनाव दिए बिना कूल्हों को ऊपर उठाएं।

अपनासना

आपकी पीठ, गर्दन और जांघ की मांसपेशियों को आरम दिलाने के लिए यह उत्तम आसन है।

विधि

  • इस आसन को करने के लिए आप अपनी पीठ पर लेट जाएं और अपनी हथेलियों को अपने घुटनों पर रखें।
  • जैसे ही आप सांस छोड़ें अपने पैरों को धीरे-धीरे छाती की ओर ले जाएं।
  • अपनी जांघों पर जोर देकर पैरों का उठाएं न कि अपने हाथों पर जोर देकर।
  • जब आप सांस लेते हैं तो अपनी पकड़ ढीली रखें जिससे आपके पैर आसानी से आपके पेट से दूर हो सकें।
  • कुछ समय के लिए इसे अपनी गति से करें। अपनी सांसों के अनुसार ही हलचल करें।
  • कुछ समय के लिए इस स्थिति में रहें। अपनी आंखें बंद करें और यदि आपका दिमाग शांत नहीं है तो अपनी सांसों को गिनना शुरू करें।
  • इससे दिमाग पर जोर पड़ता है और दिमाग शांत भी होता है।
  • जब आप शांत महसूस करें तब अपने पैरों को धीरे-धीरे जमीन पर रखें और आराम करें।

सुप्त बड्डकोनासना

इस आसन से आपके दिमाग और शरीर को आराम मिलता है। इससे पीठ और पैर की मांसपेशियों में खिंचाव भी होता है।

विधि

  • इस आसन को करने के लिए जमीन पर सीधे लेट जाएं।
  • फिर धीरे-धीरे अपने घुटनों को मोड़ें तथा अपनी एड़ियों को अपने कूल्हों के पास लाएं।
  • धीरे-धीरे सांस लेते हुए अपने घुटनों को खोलें और उन्हें जमीन की ओर लें जाएं।
  • अपने हाथों को ऊपर उठाते हुए उन्हें जमीन पर टिका दें।
  • इस स्थिति में आप कुछ लंबी सांसें ले सकते हैं।
  • पुनः प्रारम्भिक स्थिति में आने के लिए अपने हाथों को सामान्य अवस्था में लाएं, साथ में घुटनों को भी खींचें और पैरों को फैलाकर लेटी हुई स्थिति में आ जाएं।
  • खड़े होने के लिए अपनी बायीं करवट पर जाएं और अपने हाथों का उपयोग करते हुए उठें।

शवासन

मन को तनावमुक्त और शांत करने के लिए यह सबसे बेहतरीन आसन है। इस आसन को करना सबसे आसान है क्योंकि इस आसन में केवल आपको लेटना होता है।

विधि

  • इसे करने के लिए सबसे पहले तो चटाई बिछा कर उसके ऊपर पीठ के बल लेट जाएं और हाथ-पांव को थोड़ा बाहर की तरफ सीधा रखें।
  • आपको अपने शरीर को पूरी तरह स्थिर रखना है।
  • शवासन में आपको शरीर के हर अंग को रिलैक्स करना है।
  • इस आसन को आप दिन में कभी भी 5 से 10 मिनट के लिए कर सकते हैं।

मार्चरीआसन

यह आसन रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन के उत्तम खिंचाव देता है। यह पाचन अंगों की मालिश करने में सहायक है। इस आसन को करने से पाचन में सुधार होता है जिससे अच्छी नींद आती है। इससे रक्त परिसंचरण में सुधार होता है और मन को विश्राम मिलता है।

नींद के विशेषज्ञ अक्सर आदर्श नींद की दिनचर्या के प्रभाव के बारे में बताते हैं जिससे आपके शरीर को संकेत मिल सके कि यह सोने का समय है और आप सोने की तैयारी कर सकें। आप अपनी दिनचर्या में नाड़ी शोधन प्राणायाम भी शामिल कर सकते हैं जिससे आप तनाव मुक्त होकर शांति से सो सकें।

अच्छी नींद के लिये अन्य सुझाव

  • भस्रिका प्राणायाम को देर रात करने से बचें। उससे आप में बहुत ऊर्जा भर जायेगी और आप को नींद आने में बाधा उत्पन्न करेगी।
  • देर रात डरावनी फिल्म देखने से बचे क्योंकि उसका विचार आपके मन में पूरी रात आता रहेगा। सोने से पहले कोमल वाद्य संगीत जैसे वीणा वादन, मंत्रोचारण या ज्ञान को सुनना अच्छा होता है।
  • अपने खुद के नींद का एक आदर्श तरीका बनाएं। दिन के समय सोने का सुझाव नहीं दिया जाता। इससे जैविक घड़ी बाधित होती है। आदर्श के रूप में दोपहर में आधे घंटे सोना और रात में 6-8 घंटे सोना अच्छी बात है।
  • आपने दिन भर क्या किया इसका आत्म चिंतन करें। संतोष रखें और प्रार्थना करके आनंदमय और आरामदायक मन के साथ सोने जायें। अपने बिस्तर को सोने से पहले साफ कर लें।
  • अपने रात्रि का भोजन रात में 8:30 तक कर लें। अपने अंतिम भोजन और सोने के समय के मध्य में करीब 2 घंटे का अंतराल रखें।
  • यदि आपके जीवन साथी या प्रियजनों के साथ आपका झगड़ा हुआ है तो यह सुनिश्चित कर लें कि वह सुलझ जाए। उसे मन में रखने से आपकी नींद खराब तो होगी ही बल्कि अगला दिन भी खराब हो जायेगा।
  • रात्रि में उत्तेजक चीजों का सेवन करने से बचे विशेष रूप से यदि आप अनिद्रा से पीड़ित है।

ये रिपोर्ट मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान, नई दिल्ली के योगाचार्य उदय जी से बातचीत के आधार पर तैयार की गई है।

Share it
Top