Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
Breaking

आठवें अजूबे से कम नहीं रामोजी फिल्म सिटी, जानिए यहां की संस्कृति

यहां 15 से 25 फिल्मों की शूटिंग एक साथ हो सकती है।

आठवें अजूबे से कम नहीं रामोजी फिल्म सिटी, जानिए यहां की संस्कृति
नई दिल्ली. दुनिया का सबसे बड़ा फिल्म निर्माण केंद्र बन चुके रामोजी फिल्म सिटी गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्डस में दर्ज है, जो मानव-निर्मित आश्चर्य की श्रेणी में शामिल होने की राह पर है। मसलन देश-विदेश के सैलानियों के लिए बहुआयामी पर्यटन स्थल के साथ अब यह जगह आध्यात्मिक दर्शन के मुकाम की ओर बढ़ रहा है, जहां समूची दुनिया सिमटी नजर आने से यह फिल्म सिटी किसी आठवें अजूबे से कम नहीं है। कारण है कि देश-विदेश के पर्यटकों को यहां बॉलीवुड और हॉलीवुड के फिल्मी दृश्यों के साथ नियमित जॉय राइड, फन इवेंट, म्यूजिक आधारित प्रोग्राम, गेम शो और डांस जैसे मनोरंजनों के साधनों की ओर आकर्षित करने लगा है। मसलन यहां एक साथ 15 से 25 फिल्मों की शूटिंग हो सकती है। यानि फिल्म की प्री-प्रोडक्शन से पोस्ट प्रोडक्शन तक की फिल्म निर्माण की तमाम नवीनतम तकनीकों और उपकरणों और किसी भी तरह के दृश्य, दिशा और दशा की विकसित ऐसी व्यवस्था के कारण फिल्म निर्माता फिल्म का आइडिया यानि केवल स्क्रीप्ट लेकर आते और तैयार फिल्म लेकर वापस जाते हैंं। रामोजी फिल्म सिटी के नजरिये पर हैदराबाद से लौटकर विशेष रिपोर्ट प्रस्तुत कर रहें हैं हरिभूमि के वरिष्ठ संवाददाता
ओ.पी. पाल
-
फिल्मों की पटकथा पर बदलता है सबकुछ
दक्षिण भारत के मशहूर फिल्म निर्माता और पद्मविभूषित रामोजी राव द्वारा वर्ष 1996 में दो हजार एकड़ से ज्यादा जगह में स्थापित किये गये रामोजी फिल्म सिटी में पर्यटक को फिल्मों के जो सेट देखने को मिलते हैं, उनमें जहां कुछ स्थायी तौर पर हैं तो कहीं नई फिल्मों के आधार पर बदलाव करके पर्यटकों के लिए कौतूहल का कारण बन रहे हैं।
कुछ अनूठे स्थल
यहीं नहीं फिल्मों में हरेक दृश्य को यहां दिशा और दशा देने की तकनीकों को विकसित किया गया है, चाहे रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, मंदिर, महल, पोश कालोनी, शहर, गांव, वन, समुद्र, नदियां, बाजार, पशु-पक्षी, अस्पताल, कोर्ट, चर्च, गुरुद्वारा, मस्जिद, सेंट्रल जेल, हर तरह के वाहन, बिल्डिंग, पुस्तकालय, कालेज, खेल के मैदान, ट्रैकिंग की व्यवस्था यानि फिल्म की पटकथा के आधार पर सबकुछ इनमें बदलाव होता रहता है। मसलन रामोजी फिल्मसिटी का रेलवे स्टेशन भी अनूठा है, जिसका नाम जरूरत के आधार पर बदलता रहता है और प्लेटफार्म व रेल इंजन भी। यहां बने ग्रामीण परिवेश, व्यस्त बाजार, हाइवे के ढाबे, सेंट्रल जेल आदि के सेट भी अत्यंत स्वाभाविक से दिखते हैं। सब कुछ बनावटी होते हुए भी यह सब पर्यटकों को इतना भाता है।
बॉलीवुड के साथ हॉलीवुड भी प्रभावित
ऐसे ही मंदिर में भगवान भी बदलते हैं, जिसका माहौल दोतरफा है। एक तरफ से यह शहर की भव्य सड़क पर स्थित नजर आता है तो दूसरी ओर किसी वीरान जगह का मंदिर लगता है। ऐसे ही खूबसूरत आधुनिक विला और बंगलों के बीच पहुंचकर किसी पश्चिमी देश के नगर में खड़े होने का भ्रम होता है। रामोजी फिल्मसिटी ने बॉलीवुड के साथ हॉलीवुड के कई निमार्ताओं को भी प्रभावित किया। इसमें 500 से ज्यादा सेट लोकेशन हैं। सैंकड़ों उद्यान, पचास के करीब स्टूडियो फ्लोर, अधिकृत सेट्स, डिजिटल फिल्म निर्माण की सुविधाएं, आउटडोर लोकेशन, उच्च-तकनीक के लैस प्रयोगशालाएं, तकनीकी सहायता सभी मौजूद है। फिल्म की आधारभूत संरचना में कॉस्ट्यूम, लोकेशन, मैकअप, सेट-निर्माण, कैमरा, उपकरण, आॅडियो प्रोडक्शन, डिजीटल पोस्ट प्रोडक्शन और फिल्म प्रोसेसिंग की व्यवस्था के बीच यहां एक साथ बीस विदेशी फिल्म और चालीस देशी फिल्में बनाई जा सकती हैं।
आगे की स्लाइड्स में पढ़िए, खबर से जुड़ी अन्य जानकारियां-
खबरों की अपडेट पाने के लिए लाइक करें हमारे इस फेसबुक पेज को फेसबुक हरिभूमि, हमें फॉलोकरें ट्विटर और पिंटरेस्‍ट पर-
Share it
Top