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मदर्स डे से जुड़े इंटरेस्टिंग फैक्ट्स

मदर्स-डे को पूरी दुनिया में सेलिब्रेट किया जाता है। लेकिन इसका शुरुआती स्वरूप, मौजूदा स्वरूप से बिल्कुल भिन्न था। कुछ देशों में तो मदर्स-डे को फेस्टिवल की तरह सेलिब्रेट किया जाता है। इस दौरान हर कोई अपनी मां को गिफ्ट देने के लिए खूब खरीदारी भी करता है।

मदर्स डे से जुड़े इंटरेस्टिंग फैक्ट्स
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मदर्स-डे को पूरी दुनिया में सेलिब्रेट किया जाता है। लेकिन इसका शुरुआती स्वरूप, मौजूदा स्वरूप से बिल्कुल भिन्न था। मदर्स-डे की कैसे हुई शुरुआत और कैसे बदलता गया इसका रूप, कुछ रोचक जानकारियां। हर वर्ष पूरी दुनिया में मां को उनके प्यार, त्याग और समर्पण के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए मदर्स-डे को सेलिब्रेट किया जाता है।

लेकिन यह बहुत कम ही लोग जानते हैं कि इस खास दिन की शुरुआत कैसे, कब और क्यों हुई? इतना ही नहीं पूरी दुनिया में मदर्स-डे सेलिब्रेशन के तरीके भी अलग-अलग हैं।

कुछ देशों में तो मदर्स-डे को फेस्टिवल की तरह सेलिब्रेट किया जाता है। इस दौरान हर कोई अपनी मां को गिफ्ट देने के लिए खूब खरीदारी भी करता है। जानिए, मदर्स-डे से जुड़े कुछ रोचक जानकारियां।

ऐसे हुई शुरुआत

मदर्स-डे की शुरुआत, मदर्स-फ्रेंडशिप-डे के रूप में हुई थी। 1860 में अमेरिका के पश्चिमी वर्जीनिया की एक 13 वर्षीय किशोरी की मां एन. रीव्स जार्विस ने इसे बड़े और गहरे उद्देश्य के साथ शुरू किया था।

दरअसल, वह राज्य के सैनिकों और उनके शत्रुओं (जो संधि के बाद नहीं मित्र हो गए) के बीच वैमनस्य और शत्रुता के भाव को कम करना चाहती थीं।

इसलिए अमेरिका की सिविल वॉर के बाद इन सैनिकों के परिवारों और पड़ोसियों को एक साथ मिलने-जुलने के अवसर के रूप में मदर्स-फ्रेंडशिप-डे शुरू किया गया। इस दौरान सारी मांएं एक-साथ इकट्ठी होकर खाना बनातीं और एंज्वॉय करती थीं।

बढ़ा दायरा

1905 में एन. रीव्स की मृत्यु के बाद उनकी बेटी ऐना एम. जार्विस ने इसे और भी व्यापक रूप देते हुए इसे स्थानीय इवेंट से बढ़ाकर राष्ट्रीय रूप दे दिया।

ऐना खुद मां नहीं बन सकीं लेकिन कह सकते हैं कि ‘मदर्स-डे’ के वर्तमान स्वरूप की मां वे ही थीं। हालांकि उन्होंने इसके कमर्शियलाइजेशन का भरपूर विरोध किया था।

उनका कहना था, ‘अगर हम इसे भी कारोबार बना देंगे, तो इसका मूल उद्देश्य ही खत्म हो जाएगा।’ समय गुजरने के साथ धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ने लगा।

बना नेशनल हॉली-डे

अमेरिकी राष्ट्रपति थॉमस वुड्रोव विल्सन ने 1914 में मदर्स-डे को नेशनल हॉली-डे घोषित कर दिया। दरअसल, वह अपनी अपनी मां को बहुत चाहते थे।

उन्होंने अपनी पत्नी को चिट्ठी में लिखा भी था, ‘मुझे मम्माज बॉय बनना अच्छा लगता है और वूमेनहुड (नारीत्व) के प्रति प्यार मुझमें अपनी मां से ही आया है।’

इन्हें भी जानें

  • एक अनुमान के मुताबिक अमेरिका में वैलेंटाइन-डे के बाद मदर्स-डे ही रेस्टोरेंट्स का सबसे व्यस्त दिन होता है। नेशनल एसोसिएशन के अनुसार इस दिन अमेरिका में 92 मिलियन लोग अपनी मां के साथ खाना खाने आते हैं।
  • अमेरिका में बुके की खरीद बिक्री का सबसे बड़ा दिन बन गया है, मदर्स-डे। 2016 में एक ही दिन में फूलों पर 2.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च हुए। जबकि ग्रीटिंग कार्ड की खरीद पर 792 मिलियन डॉलर का खर्च किया गया।
  • मैक्सिको में लोग अपनी मां को खुश करने, उसका सत्कार करने और अभिवादन करने के लिए मदर्स-डे के महीने भर पहले से बैंड बुक कर देते हैं। बच्चे सुबह के समय मां को जगा कर उनके सामने पारंपरिक गाना ‘लास मन्ननिटास’गाते हैं। यहां मदर्स-डे हर साल 10 मई को ‘डाया डी लास मदर्स’ के नाम से मनाया जाता है।
  • मां को दुनिया की लगभग सभी मातृभाषाओं में एक ही तरह से बोला जाता है। सभी नवजात शिशु ‘मम्मा’ का उच्चारण करीब-करीब एक जैसा ही करते हैं।

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