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WOW! पढ़ाई के मामले में चीन और अमेरिका से भी आगे हैं भारत के लोग, जानें कैसे

भारत में लगभग सभी स्कूलों में बच्चों को होमवर्क मिलता है। साथ ही होमवर्क पूरा न होने पर उन्हें पनिशमेंट भी दी जाती है और साथ ही पेरेंट्स को नोटिस भी भेजी जाती है कि आपके बच्चे ने होमवर्क नहीं किया। यही कारण है कि बच्चों को इस बात का डर रहता है और उन्हें होमवर्क करने की टेंशन भी रहती है।

WOW! पढ़ाई के मामले में चीन और अमेरिका से भी आगे हैं भारत के लोग, जानें कैसे
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भारत में लगभग सभी स्कूलों में बच्चों को होमवर्क मिलता है। साथ ही होमवर्क पूरा न होने पर उन्हें पनिशमेंट भी दी जाती है और साथ ही पेरेंट्स को नोटिस भी भेजी जाती है कि आपके बच्चे ने होमवर्क नहीं किया। यही कारण है कि बच्चों को इस बात का डर रहता है और उन्हें होमवर्क करने की टेंशन भी रहती है।

लेकिन बच्चों के अलावा पेरेंट्स को भी उनके होमवर्क की ज्यादा टेंशनर होती है। माता-पिता यही सोचते हैं कि अगर बच्चे का होमवर्क नहीं कराया तो स्कूल में बदनामी होगी। यही कारण है कि पेरेंट्स अपने बच्चों की पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दे पाते हैं।

भारत के माता-पिता सबसे अच्छी तरह से अपने बच्चे की पढ़ाई पर ध्यान देते हैं। हाल ही में आई एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया कि भारतीय माता-पिता बच्चों की पढ़ाई में सबसे ज्यादा मदद करते हैं।

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ऐसे किया गया सर्वे

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक इस बात की पुष्टि एजुकेशन चैरिटी वर्की फाउंडेशन ने की है। इस फाउंडेशन ने 29 देशों में बच्चों की पढ़ाई में पेरेंट्स की भागीदारी को लेकर सर्वे किया।

लगभग डेढ महीने किए गए इस सर्वे में 27,380 लोगों को शामिल किया गया। सर्वे में तकरीबन 1000 भारतीय शामिल थे, बाकी 17 हजार 380 लोग अन्य देशों के थे।

ऑनलाइन हुए इस सर्वे में यह निष्कर्ष निकला कि बच्चों की पढ़ाई में मदद करने वालों में सबसे आगे भारतीय माता-पिता हैं।

भारत और अन्य देश की तुलना

72% भारतीय पेरेंट्स ने यह स्वीकार किया कि बीते 10 साल में शिक्षा के स्तर में काफी सुधार हुआ है। जबकि बाकी देशों के लोगों ने माना कि एजुकेशन स्टेंडर्ड उतना अच्छा नहीं रहा है।

बच्चों के होमवर्क में मदद पर हुए सर्वे के मुताबिक भारत, चीन और अमेरिका से काफी आगे रहा। एक हफ्ते में जहां भारतीय पेरेंट्स बच्चों को होमवर्क करवाने में 12 घंटे देते हैं, वहीं चीन के लोग 7 घंटे और अमेरिका के लोग सिर्फ 6 घंटे का ही समय देते हैं।

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