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बच्चों में बढ़ रहा कैंसर का खतरा, ये हैं लक्षण

दुनियाभर में चाइल्डहुड कैंसर से प्रतिवर्ष 1 लाख 75 हजार बच्चे ग्रस्त हो जाते हैं।

बच्चों में बढ़ रहा कैंसर का खतरा, ये हैं लक्षण
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नई दिल्ली. दुनियाभर में चाइल्डहुड कैंसर की चपेट में प्रतिवर्ष लगभग 1 लाख 75 हजार बच्चे आते हैं। इसके प्रति अवेयरनेस को बढ़ाने के लिए ही सितंबर माह को चाइल्डहुड कैंसर अवेयरनेस मंथ के रूप में मनाया जाता है। हालांकि कुछ समय पहले तक कैंसर जैसी बीमारी के लक्षण वयस्कों में ही देखने को मिलते थे। लेकिन इस बीमारी की चपेट में अब बच्चे भी आने लगे हैं। कैंसर शरीर के विभिन्न भागों में सामान्य कोशिकाओं (सेल्स) के अनियंत्रित वृद्धि के कारण पैदा होता है। सामान्य परिस्थितियों में सेल्स का एक नियंत्रित तंत्र होता है। कभी-कभी नॉर्मल सेल्स के अंदर डीएनए मॉलिक्यूल्स में अपरिवर्तनीय क्षति के कारण कर्सिनोजन हमला कर देते हैं। यही कैंसर जैसी बीमारी को पैदा करते हैं। यह कंडीशन अब बच्चों में भी देखने को मिलने लगी है। बचपन में कैंसर होना चाइल्डहुड कैंसर कहलाता है। एक अनुमान के मुताबिक दुनियाभर में चाइल्डहुड कैंसर से प्रतिवर्ष 1 लाख 75 हजार बच्चे ग्रस्त हो जाते हैं। एक अध्ययन से पता चलता है कि चाइल्डहुड कैंसर से मरने वाले बच्चों की मृत्यु दर लगभग 20% थी, जिसमें हाल ही में 0.6% की वृद्धि हुई है। हम आपको बता रहे हैं, इससे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी।
चाइल्डहुड कैंसर के प्रकार
बच्चों में होने वाले कैंसर के प्रकार वयस्कों की तुलना में अलग तरह के होते हैं। जैसे ल्यूकेमिया, ब्रेन एंड अदर सेंट्रल नर्वस सिस्टम ट्यूमर, न्यूरोबलास्टोमा, विल्मस ट्रयूमर, लिंफोमा, राबडोमयोसरकोमा, रेटिनोबस्टोमा, बोन कैंसर आदि। आमतौर पर इसके अलावा अन्य प्रकार के कैंसर बच्चो में नहीं देखे जाते हैं, लेकिन इसका यह बिल्कुल भी मतलब नहीं कि ये उन्हें हो नहीं सकते हैं।
ल्यूकेमिया
बोन मैरो और ब्लड कैंसर को ल्यूकेमिया कहते है। बच्चों में पाए जाने वाले कैंसर में ल्यूकेमिया 30% होता है। इसके लक्षण कुछ इस प्रकार है जैसे हड्डी के जोड़ो में दर्द, थकान, कमजोरी, और त्वचा का पीला पड़ जाना। कीमोथैरेपी से इसका इलाज किया जाता है।
ब्रेन-सेंट्रल नर्वस सिस्टम ट्यूमर
यह चाइल्ड कैंसर का दूसरा प्रकार है। ब्रेन ट्यूमर कई प्रकार के होते हैं। उन सभी के उपचार और लक्षण अलग हैं। इसमें सिरदर्द, वॉमिटिंग, धुंधला या डबल दिखना, चक्कर आना, चलते समय सहारे की जरूरत पड़ना जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं।
न्यूरोब्लास्टोमा
कैंसर का यह प्रकार शिशुओं और छोटे बच्चों को होता है। यह शायद ही कभी 10 वर्ष से ज्यादा आयु के बच्चों में देखा गया हो। पेट में सूजन, हड्डी में दर्द और बुखार इसके प्रमुख लक्षण ।
विल्मस ट्यूमर
विल्मस ट्यूमर अधिकांश तौर पर 4-5 साल तक के बच्चों को होता है। पेट में गांठ पड़ना, भूख ना लगना, लगातार बुखार आदि इसके लक्षण ।
लिंफोमा
लिंफोमा टॉन्सिल तथा अन्य भागों को प्रभावित करता है। इसके प्रमुख लक्षण के तौर पर वजन घटना, बुखार, पसीना, थकान आदि देखने को मिलता है।
राबडोमायोसरकोमा
कैंसर का यह प्रकार सिर, गर्दन, कमर, पेट, हाथ पैर सहित शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है। दर्द और संबंधित अंग में सूजन इसके लक्षण हैं।
रेटिनोबस्टोमा
यह आंखों का कैंसर होता है। आमतौर पर यह 2 साल की उम्र के आस पास ही होता है। लक्षण के तौर पर आंखों में लाल रंग दिखता है तथा आंखों की पुतली अकसर सफेद या लाल लगती है।
बोन कैंसर
बोन कैंसर हड्डियों का कैंसर होता है, यह शरीर के किसी भी अंग से शुरू होकर हड्डियों में फैलता रहता है। यह हड्डियों में सूजन और दर्द पैदा करता है।
केयर है जरूरी
पेशेंट का चिकित्सक कई तरह के लक्षणों के आधार पर इस बात का निर्णय करते हैं कि उसको किस प्रकार के देखभाल की आवश्यकता है? कैंसर का प्रकार, कैंसर कितनी तेजी से बढ़ रहा है, क्या कैंसर शरीर के अन्य अंगों में फैल गया है, पेशेंट की आयु और उसकी हेल्थ के आधार पर ट्रीटमेंट और केयर के बारे में डॉक्टर बताते हैं।
लक्षण
कैंसर के सटीक लक्षणों को पहचानना थोड़ा मुश्किल होता है। क्योंकि इसके सारे लक्षण किसी सामान्य बीमारी जैसे ही होते । जैसे सुस्ती, कमजोरी, चक्कर आना, पीठ, पैर, जोड़ों के दर्द, सिर दर्द, असामान्य ब्लीडिंग, मसूढ़ों से खून बहना, संक्रमण की वजह से कई दिनों तक बुखार का रहना, भूख न लगना, वजन घटना, पेट में सूजन, साँस लेने में कठिनाई, लगातार खांसी, हड्डियों में दर्द, पीठ दर्द, चिड़चिड़ापन, जी मिचलाना, वॉमिटिंग, कब्ज, भूख में कमी, नजरों की समस्या, चेहरे की सूजन ये सभी चाइल्डहुड कैंसर के लक्षण हो सकते । बच्चे में ऐसे लक्षण लंबे समय तक दिखें तो तुरंत डॉक्टर से कंस्ल्ट करना चाहिए।
कॉमन ट्रीटमेंट
ट्यूमर और इसके पास के ऊतक को हटाने के लिए शल्य चिकित्सा (सर्जरी), ट्यूमर और कैंसर की कोशिकाओं को सिकोड़ने या नष्ट करने के लिए नियंत्रित मात्राओं में विकिरण (रेडिएशन), कैंसर की कोशिकाओं की वृद्धि को धीमा करने या नष्ट करने के लिए रसायन चिकित्सा (कीमोथैरेपी) दवा ही कैंसर की कॉमन ट्रीटमेंट टाइप्स ।
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