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गधे जैसा हो जा रहा है मोबाइल एडिक्ट बच्चों का दिमाग

आज के बच्चे दिन भर में तीन घंटे मोबाइल फोन्स के साथ बिताते हैं, जिसका असर उनकी पढ़ाई पर पड़ता है।

गधे जैसा हो जा रहा है मोबाइल एडिक्ट बच्चों का दिमाग

आज कल मोबाइल हमारी लाइफ का एक अहम पार्ट बन गया है। इससे हमारे कई सारे काम आसानी से हो जाते हैं। आज के बच्चे दिन भर का तीन घंटा मोबाइल फोन्स के साथ बिताते हैं, जिसका असर उनकी पढ़ाई पर पड़ता है।

यह स्मार्ट फोन बच्चों को स्मार्ट नहीं बल्कि बेवकूफ बना रहे हैं। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक स्टेलेनबॉश यूनिवर्सिटी के रिसर्चर डॉ. डेनियल और डॉगलस ने कहा कि आजकल स्मार्ट दुनिया में डिजिटल डिवाइस ने हमारी लाइफ को इजी बना दी है।

लेकिन डिजिटल डिवाइस के साथ बच्चों का बढ़ना उनकी एकाग्रता को कम करता है, जिसका असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है।

मोबाइल और बच्चों को लेकर हुई रिसर्च

रिसर्च ग्रुप के हेड डॉ. डेनियल और डॉक्टोरल कैंडिडेट डॉगलस की रिसर्च डिजिटल मीडिया के प्रभीव पर आधारित है। इसमें उन्होंने बच्चों की एबिलिटी और मोबाइल फोन को लेकर रिसर्च किया। उनका कहना है कि आज की जेनरेशन का रिलेशन सिर्फ डिजिटल से ही रह गया है।

टीचर्स और पेरेंट्स रखें ध्यान

जर्नल कम्प्यूटर्स इन ह्यूमन बिहेवियर में प्रकाशित स्टडी के मुताबिक स्कूल में और पेरेंट्स को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बच्चे टेक्नोलॉजी से दूरी बनाकर रखें। ज्यादा देर टेक्नोलॉजी और डिजिटल मीडिया के बीच रहना उनकी एकाग्रता तो कम कर ही रहा है। साथ ही उन्हें मेंटली नुकसान भी पहुंचा सकता है।

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