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अगर आप भी ट्रेडमिल पर करते हैं वर्कआउट, तो ये गलती भूलकर भी न करें

हेल्थ-फिटनेस कॉन्शस कई लोग जिम में ट्रेडमिल पर वॉकिंग या जॉगिंग करते हैं। लेकिन इस दौरान आपसे कोई गलती न हो, इसके लिए कॉन्शस रहना जरूरी है।

अगर आप भी ट्रेडमिल पर करते हैं वर्कआउट, तो ये गलती भूलकर भी न करें

हेल्थ-फिटनेस कॉन्शस कई लोग जिम में ट्रेडमिल पर वॉकिंग या जॉगिंग करते हैं। लेकिन इस दौरान आपसे कोई गलती न हो, इसके लिए कॉन्शस रहना जरूरी है।

आप ट्रेडमिल पर वॉकिंग-जॉगिंग करते हैं, यह अच्छी बात है। लेकिन कुछ ऐसी गलतियां हैं, जिससे फायदे की जगह नुकसान होने लगता है। कहीं आप भी तो नहीं करते ये गलतियां।

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रॉन्ग शूज पहनना

शूज चुनते समय स्टाइल से पहले फंक्शन और बनावट को प्राथमिकता दें। ऐसे शूज चुनें जो अच्छी आर्च सपोर्ट दे और पैरों को आराम दे। एड़ी और पैर की हड्डियों को सुरक्षित रखने वाले एक्स्ट्रा पैडिंग वाले शूज चुनें, रंग-बिरंगे, सस्ते और इंफीरियर क्वालिटी के शूज खरीदने से बचें। इनको वॉकिंग या रनिंग के लिए ही सुरक्षित रखें, अन्य कार्यों में ना पहनें।

पैरों पर नजर रखना

कई लोग ट्रेडमिल पर वॉक करते हैं तो पैरों को देखते रहते हैं। इससे संतुलन बिगड़ सकता है, गर्दन के पिछले हिस्से में दर्द हो सकता है और शरीर के बाकी हिस्सों पर भी गलत प्रभाव पड़ सकता है। सही तरीका है सीधी नजर, कंधे अपने सामान्य लेवल पर और छाती चौड़ी। हिप्स, घुटने और लोवर बैक सही पोजिशन यानी स्ट्रेट लाइन में रखते हुए कदम बढ़ाएं।

एड़ियों के बल रनिंग करना

मेडिसिन एंड साइंस इन स्पोर्ट्स एंड एक्सरसाइज जर्नल में प्रकाशित अध्ययन से पता चला है कि जो लोग अपने पांव के अगले हिस्से को जमीन पर रखकर चलते हैं, उनमें एड़ी के बल चलने वालों की तुलना में घुटनों की इंजरी कम होती है। सही तरीका यह है कि अपने पैर को बिल्कुल सीधा (मिड फुट) जमीन पर टिकाएं, इससे किसी एक जगह दबाव नहीं पड़ेगा और इंजरी नहीं होगी।

रिपीट वर्कआउट

महीनों तक लगातार एक ही जैसी ट्रेडमिल वर्कआउट रिपीट करना आसान जरूर हो सकता है, लेकिन इसका प्रभाव कम होने लगता है। एक निश्चित समय के बाद कैलोरी कम बर्न होती है क्योंकि शरीर उसका अभ्यस्त हो जाता है। इसलिए किसी कुशल ट्रेनर से इसकी जानकारी लें और वर्कआउट रूटीन में बदलाव भी करें।

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कैलोरी बर्न नापना

अगर आप मशीन द्वारा बताई गई कैलोरी बर्न के आधार पर वर्कआउट का समय निर्धारित करते हैं, तो संभव है कि आप कुछ सौ कैलोरी बर्न के लक्ष्य से दूर रह जाएं। क्योंकि ट्रेडमिल आपकी उम्र, लिंग और शारीरिक बनावट से परिचित नहीं होता, इसलिए यह एक मोटा अनुमान मात्र होता है। बेहतर होगा कि आप अपना वर्कआउट, टाइम और तय की गई दूरी के आधार पर प्लान करें।

ट्रेडमिल बार को पकड़ना

ट्रेडमिल पर वॉकिंग या जॉगिंग करते वक्त बार को पकड़ने से शरीर का पोश्चर सामान्य नहीं रह पाता और इससे आपकी स्पाइन पर दबाव पड़ सकता है, जिससे इंजरी की आशंका रहती है। इतना ही नहीं इससे आपको वर्कआउट का पर्याप्त फायदा भी नहीं मिल पाता।

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