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अपने पार्टनर के दिल में बनानी है फिर से जगह,तो अपनाएं ये खास टिप्स

पति-पत्नी के बीच अनबन या मनमुटाव होना स्वाभाविक है। लेकिन इसके बाद अगर स्थिति को संभाला न जाए तो रिश्ते में दरार पड़ जाती है। ऐसा न हो, इसलिए कुछ बातों को झगड़े के बाद अमल में लाना जरूरी है।

अपने पार्टनर के दिल में बनानी है फिर से जगह,तो अपनाएं ये खास टिप्स
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प्रविधि और विशाल की शादी को तीन साल हो चुके हैं। वैसे तो दोनों एक-दूसरे को खूब चाहते हैं। लेकिन जब भी इनके बीच किसी वजह से बहस होती है तो लंबे समय के लिए एक-दूसरे से बात नहीं करते हैं।

प्रविधि को लगता है कि विशाल उससे माफी मांगेगा और मनाएगा, जबकि विशाल को लगता है कि प्रविधि को पहल करनी चाहिए। इस इंतजार में उनके बीच अबोला और मनमुटाव लंबे समय तक बना रहता है।

इस तरह की समस्या का सामना कई दंपती करते हैं। इस वजह से रिश्ते में वक्त के साथ प्यार की बजाय दूरियां आने लगती हैं। समझदारी से काम लिया जाए तो स्थिति को संभाला जा सकता है, इसके लिए कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है।

सुलह की पहल

पति-पत्नी के बीच झगड़ा होने के बाद दोनों के बीच सिचुएशन को नॉर्मल होने में समय लगता है। लेकिन हमेशा इस इंतजार में रहना कि हर बार पार्टनर ही आकर आपको मनाएगा, ऐसा सोचना ठीक नहीं है। इसके बजाय दोनों में से कोई भी पहल करके झगड़े की वजह से हुए मनमुटाव को दूर कर सकता है।

कहने का मतलब है कि पति-पत्नी को एक-दूसरे से लंबे समय तक रूठ कर नहीं बैठना चाहिए। इससे जहां रिश्ते पर बुरा असर पड़ता है, वही पर्सनली भी स्ट्रेस होता है। इसलिए जितना जल्दी हो सके सुलह की पहल झगड़े या मनमुटाव के बाद करनी चाहिए।

गलती स्वीकारें

जब भी किसी दंपती के बीच झगड़ा होता है तो उसकी कोई न कोई वजह जरूर होती है। कोई ऐसा विषय है,जिस पर दोनों के विचार नहीं मिले और बातचीत ने बहस का रूप ले लिया। कई बार इस तरह की बातों में कोई एक पार्टनर ओवर रिएक्ट भी करता है।कई बार दोनों ही ओवर रिएक्ट करते हैं।

ऐसे में जरूरी है कि जिसकी भी गलती हो, वह पार्टनर के सामने अपनी गलती को एक्सेप्ट कर ले। यह कभी मत सोचिए कि गलती मानने से आपके मान-सम्मान को ठेस पहुंचेगी। गलती स्वीकार करके तो हम अपने बड़प्पन का परिचय देते हैं। ऐसा करने से पार्टनर भी आपकी रेस्पेक्ट करता है।

समीक्षा भी जरूरी

झगड़े को सुलझाने के बाद, अपनी गलती स्वीकार कर लेने के बाद, पार्टनर को मना लेने के बाद भी आपको सोच-विचार करने की जरूरत है। सोच-विचार इसलिए क्योंकि जिस बात पर आपके बीच झगड़ा हुआ, मनमुटाव की स्थिति बनी, उसकी वजह जानना बहुत जरूरी है।

जिससे आगे उस कारण या किसी और कारण से झगड़े की स्थिति पैदा न हो और आपके रिश्ते में खटास न पड़े। हो सके तो पति-पत्नी दोनों इस विषय पर बैठकर बात करें कि अकसर वे झगड़ते क्यों हैं?

दोनों खुलकर एक-दूसरे को मन की बातें कहें, जैसे किन बातों पर उन्हें बुरा लगता है? फिर आगे इसे इन बातों को या तो नजरअंदाज करें। इस तरह झगड़े कम होंगे और रिश्ते में मधुरता बढ़ेगी।

रखें ध्यान

1. कभी भी आपसी मनमुटाव के बाद सुलह के लिए तीसरे व्यक्ति यानी माता-पिता, नाते-रिश्तेदार या दोस्तों को शामिल न करें। इससे पार्टनर को हर्ट फील होता है। जब बात आप दोनों के बीच की है तो उसे हैंडल भी आपको ही करना चाहिए।

2. झगड़े के वक्त कभी भी अपनी लिमिट क्रॉस न करें, अपशब्दों का इस्तेमाल पार्टनर के लिए न करें। इस तरह की बातें पार्टनर बाद में भी याद रखता है, जिससे रिश्ते में सहजता खत्म हो जाती है।

3. मनमुटाव की स्थिति में पार्टनर को बहुत ज्यादा इग्नोर न करें, कहने का मतलब है कि उनके प्रति आपके जो दायित्व हैं, उनका निर्वाह जरूर करें।

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