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अगर आप हैं सिंगल पेरेंट्स तो भूलकर भी न करें ये गलती, वरना बच्चा हो सकता है दूर

आज के समय में जब पति-पत्नी दोनों ही वर्किग हैं तो ऐसे में कई बार छोटी-छोटी बातें या गलितयां इतनी बढ़ जाती हैं कि अक्सर कपल्स आपसी सहमति से अलग होने का फैसला ले लेते हैं, लेकिन वो ये भूल जाते हैं कि इस फैसले का सबसे ज्यादा असर उनके बच्चों पर पड़ता है।

अगर आप हैं सिंगल पेरेंट्स तो भूलकर भी न करें ये गलती, वरना बच्चा हो सकता है दूर
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आज के समय में जब पति-पत्नी दोनों ही वर्किग हैं तो ऐसे में कई बार छोटी-छोटी बातें या गलितयां इतनी बढ़ जाती हैं कि अक्सर कपल्स आपसी सहमति से अलग होने का फैसला ले लेते हैं, लेकिन वो ये भूल जाते हैं कि इस फैसले का सबसे ज्यादा असर उनके बच्चों पर पड़ता है।

वैसे तो सिंगल पेरेंट्स होना अब एक आम बात हो गई है,फिर भी बच्चों की पेरेटिंग में कई ऐसी चीजे होती हैं जिन्हें अकेला पूरा करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है और कभी-कभी सिंगल पेरेंट और बच्चे में दूरियां आने लगती हैं।

इसलिए आज हम आपको कुछ ऐसे पेरेंटिंग टिप्स बता रहे हैं जिससे आप सिंगल पेरेंट्स होते हुए भी बच्चों से अपना रिश्ता मजबूत बना सकते हैं।

सिंगल पेरेंट्स बच्चों से रिश्ते मजबूत करने के टिप्स :

1. क्वालिटी टाइम बिताएं - अक्सर अकेले रहने पर बच्चों में गलत आदतें और अकेलेपन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अगर आप एक सिंगल पेरेंट्स हैं तो आपके लिए जरूरी है कि आप अपने बच्चे के साथ ज्यादा से ज्यादा क्वालिटी टाइम बिताएं।

क्योंकि इससे आप बच्चे को अच्छे से समझ सकते हैं साथ ही उसकी अच्छी और बुरी आदतों पर नजर भी रख सकते हैं जिससे वक्त रहते ही उनमें बदलाव ला सकते हैं।

2. गलती पर प्यार से समझाएं - पेरेंट्स की अनुपस्थिति में दिन का बहुत सारा समय अक्सर बच्चे अकेले या दोस्तों के साथ बिताते हैं जिससे उनमें कई सारी गलत आदतें पड़ जाती हैं।

उन आदतों में बदलाव के लिए कभी भी बच्चों को डांटे या फटकारें नहीं, बल्कि प्यार से समझाएं और उन्हें अपनी गलती का एहसास भी दिलाएं, ताकि वो दोबारा गलती से पहले सोचें।

3. इंडिपेडेंट बनाएं - अगर आप सिंगल पेरेंट्स हैं तो धीरे-धीरे बच्चे को इंडिपेडेंट बनाएं। इसके लिए आप वीक एंड पर अपने साथ घर के छोटे-छोटे कामों में उसे अपनी मदद करने को कहें। इससे जहां उसे काम करना आएगा साथ ही वो दूसरों की हेल्प करना सीख जाएगा।

4. अनुशासन सिखाएं- बच्चा जब बड़ा होने लगता है तब ही से उसे अनुशासन में रहने की आदत डालें। 'अभी छोटा है बाद में सीख जाएगा' यह रवैया खराब है। उन्हें शुरू से अनुशासित बनाएं।

कुछ पेरेंट्स बच्चों को छोटी-छोटी बातों पर निर्देश देने लगते हैं और उनके ना समझने पर डांटने लगते हैं, कुछ माता-पिता उन्हे मारते भी हैं। यह तरीका भी गलत है। वे अभी छोटे हैं, आपका यह तरीका उन्हें जिद्दी और विद्रोही बना सकता है।

5. पैसों का महत्व बताएं - बच्चों को शुरू से ही अपने घर की स्थिति बताएं, इसके साथ ही एक उदाहरण के जरिए पैसों का कब और कहां यूज करना है ये भी बताएं। जिससे वो कभी भी कोई गैर जरूरी डिमांड न करें।

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