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आ गए सिंघाड़े, जानिए कैसे बनता है इनका लजीज अचार

कैसे बनाऐे सिंघाड़े का अचार

आ गए सिंघाड़े, जानिए कैसे बनता है इनका लजीज अचार

सर्दियों का मौसम शुरु होते ही बाजार में सिंघाड़े दिखाई देने लगे हैं। सिंघाडे हम कच्चे, उबालकर या भूनकर ही खाते हैं। प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन बी व सी, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस जैसे मिनरल्स से भरपूर सिंघाडे को आयुर्वेद में बहुत सराहा गया है। हम आपकों बताऐंगे कैसे बनता है सिंघाड़े का स्वादिष्ट आचार, जो आपको पसंद आएगा।

आवश्यक सामग्री

कच्चे सिंघाड़े - 500 ग्राम

सरसों का तेल - आधा कप

हींग - 1/4 छोटी चम्मच से आधी

नमक - 2 छोटी चम्मच

सोंफ - 2 टेबल स्पून

सरसों का पाउडर - 2 टेबल स्पून

काली मिर्च पाउडर - आधा छोटी चम्मच

लाल मिर्च पाउडर - 1 छोटी चम्मच

हल्दी पाउडर - 1 छोटी चम्मच

क्या है तरीका

कच्चे व अच्छे सिंघाड़े अच्छी तरह घो कर साफ कर लीजिये। धुले सिंघाड़े छलनी बास्केट में रखिये ताकि उसका पानी निकल कर जल्दी सूख जाए। अगर धूप हैं तो धूप में 4-5 घंटे रख कर सुखा लीजिये, धूप नहीं हो तो रूम के अन्दर ही अच्छी तरह सूखने दें। जिससे सिघाड़े अचार के लिये तैयार हो जाऐं।

अब सिंघाड़े को दोंनो ओर से कांटे काटकर हटा दीजिये और बीच से ऊपर की ओर आधा करते हुए पूरी लम्बाई में सिंघाड़े को इस तरह काटिये कि सिंघाड़ा नीचे की ओर जुड़ा रहे। सारे सिघाड़े इसी तरह काट कर तैयार कर लें।

फिर तेल को कढ़ाई में डालकर गरम करने के लिए रख दे। तेल के अच्छी गरम होने के बाद गैस बन्द करके, किसी प्लेट में सारे मसाले डालकर मिक्स करें। गरम तेल से 2 टेबल स्पून तेल मसाले में डालकर, मिलाकर, मसाले को गीला कर लें । अब सिंघाड़े में भरने के लिये मसाला तैयार है।

एक सिंघाड़ा हाथ में उठाइये और कटे हुऐं स्थान से उसे खोलिये, ध्यान रहें सिंघाड़ा नीचे की ओर से जुड़ा रहे, खोली जगह पर चम्मच से मसाला डालकर अच्छी तरह दबाकर भर दें और दूसरे साफ सूखे प्याले में रखें, सारे सिंघाड़े इसी तरह से भरकर प्याले में रख लें। अगर थोड़ा मसाला बच जाये तो उसे भी भरे सिंघाड़े के ऊपर डाल दें। अचार को ढक्कर रखें। रोजाना अचार को सूखे चम्मच से चलाकर ऊपर नीचे करना जरूरी है। 3 दिन में अचार खाने के लिये तैयार हो जाऐंगा, जब तक सिंघाड़े के अन्दर सारे मसाले मिल जाऐंगे, सिंघाड़े खट्टे हो जायेंगे और सिघाड़े का छिलका भी थोड़ा नरम हो जाऐंगा। अब अचार में बचा हुआ तेल डालकर मिला दें।

अब बहुत ही अच्छा सिंघाड़े का अचार बनकर तैयार है। सिंघाड़े के अचार को 15-20 दिन तक खाया जा सकता है। लम्बें समय तक अचार चलाने के लिये अचार में सिरका या प्रिजरवेटिव या पिर इतना सरसों का तेल गरम करके ठंडा होने पर डाल दें ताकि अचार तेल में डूबा रहे।

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