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मोटापा कम करने के लिए जिम नें नहीं बहाना पड़ेगा पसीना, अपनाएं ये तरीके

आजकल हमारी जीवनशैली ऐसी हो गई है, जिसमें ज्‍यादातर काम मशीनों से ही करना होता है इससे हमारी शारीरिक गतिविधयां काफी कम हो गईं हैं। खासकर जिन लोगों का काम सारा दिन बैठने का होता है उन्‍हें ज्‍यादा स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है जिनमें मोटापा, उच्‍च रक्‍तचाप, डायबिटीज और हृदय संबंधी बीमारियां प्रमुख हैं।

मोटापा कम करने के लिए जिम नें नहीं बहाना पड़ेगा पसीना, अपनाएं ये तरीके

आजकल हमारी जीवनशैली ऐसी हो गई है, जिसमें ज्‍यादातर काम मशीनों से ही करना होता है इससे हमारी शारीरिक गतिविधयां काफी कम हो गईं हैं। खासकर जिन लोगों का काम सारा दिन बैठने का होता है उन्‍हें ज्‍यादा स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है जिनमें मोटापा, उच्‍च रक्‍तचाप, डायबिटीज और हृदय संबंधी बीमारियां प्रमुख हैं।

नियमित रूप से वर्कआउट करने से ना सिर्फ आप स्‍वस्‍थ रहेंगे बल्‍कि युवा और आकर्षक भी नजर आएंगे। अध्‍ययनों में यह बात सामने आई है कि वर्कआउट करने के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ अत्‍यधिक हैं, इससे सर्दी से लेकर कैंसर तक की आशंका कम हो जाती है।

घर पर ही लें जिम का आनंद

घर पर आपके पास जिम जैसी सुविधाएं तो नहीं होंगी लेकिन आप इंटरनेट से एक्‍सरसाइज करने के ऐसे यंत्रों का पता लगा सकते हैं जो आपके बजट में हों और जिन्‍हें रखने के लिये आपके घर में स्‍थान भी उपलब्‍ध हो।

नये-नये वर्कआउट्स को देखने के लिये फिटनेस मैग्‍जीन्‍स खरीदिए ताकि आप यह सुनिश्‍चित कर सकें कि आप ठीक प्रकार से एक्‍सरसाइज कर रहे हैं। यह आपको विभिन्‍न प्रकार की एक्‍सरसाइज के दौरान शरीर का सही पॉस्चर रखने में भी सहायता करेंगी।

उनमें छपी तस्‍वीरों के अनुसार सही तकनीकों का उपयोग करें। आजकल बहुत सारी फिटनेस डीवीडी बाजार में हैं यह भी आपके वर्कआउट के लिये बहुत उपयोगी हो सकती हैं।

एक्‍सरसाइज करना पसंद नहीं तो इन्‍हें आजमाएं

अधिकतर लोग यह समझते हैं कि वर्क आउट का अर्थ जिम में जाकर पसीना बहाना है। जबकि सच्‍चाई यह है कि हर वह कार्य वर्कआउट के अंतर्गत आता है जिसमें आपके दिल की धड़कनें, सांस की गति और रक्‍त का संचरण बढ़ जाता है और यह कार्य आप 20 मिनिट में कर सकते हैं। अगर आपको एक्‍सरसाइज करने में बोरियत होती है तो आप फिटनेस प्राप्‍त करने के लिये इन्‍हें आजमा सकते हैं।

टहलना और जॉगिंग

चलना एक्‍सरसाइज के सबसे बहतरीन रूपों में से एक है क्‍योंकि इसे हम बिना पैसा खर्च किये आसानी से कर सकते हैं। चलना कार्डियोवॉस्‍क्‍युलर सिस्‍टम (हृदय, फेफड़े और संचरण) को स्‍टिम्‍युलेट करता है।

यह शरीर के निचले भाग की मांसपेशियों (जिसमें पैरों और कुल्‍हों की मांसपेशियां सम्‍मिलित हैं) को मजबूत करता है। एक औसत व्‍यक्‍ति एक दिन में 10,000 कदम चलकर लगभग 400 कैलोरी जला सकता है।

अगर आप 20 मिनिट तक लगातार तेज चल सकते हैं, तब आपको ‘वॉक-जॉग’ का प्रयास करना चाहिए। एक मिनिट चलो और एक मिनिट के लिये जॉगिंग करो। जॉगिंग करने से कार्डियोवॉस्‍क्‍युलर सिस्‍टम और शरीर के निचले भाग की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।

दौड़ना

दौड़ने के लिए आपको टहलने की तुलना में अधिक फिट होना पड़ेगा। दौड़ने के साथ सबसे अच्‍छी बात यह है कि आप इसे लगभग कहीं भी कर सकते हैं। दौड़ना एक बहतरीन एक्‍सरसाइज है।

यह फिट रहने के सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। आप दौड़ने में कितनी कैलोरी जला लेते हैं यह आपकी दौड़ने की गति और आपके भार पर निर्भर करता है।

आप जितनी तेज गति से दौड़ेंगे, आपकी मेटाबॉलिक दर उतनी ही अधिक होगी और उतनी ही अधिक कैलोरी जलेगी। वैसे एक मील चलने की तुलना में दौड़ने में लगभग दुगनी कैलोरी जलती है।

अगर आप अपना भार कम करना चाहते हैं तो दौड़ना सबसे प्रभावी उपायों में से एक हो सकता है। यह आपके शरीर से वसा की परते ही कम नहीं करता भूख को कम करके अतिरिक्‍त कैलोरी के इनटैक को भी रोकता है।

ब्रिटेन में हुए एक अध्‍ययन में यह बात सामने आई है कि जो लोग बीस साल की उम्र में दौड़ना प्रारंभ कर देते हैं उनके उम्र बढ़ने के साथ मानसिक बीमारियों की चपेट में आने की आशंका 30 प्रतिशत तक कम हो जाती है। याददाश्‍त भी अच्‍छी रहती है।

एक मील दौड़ने में एक औसत भार का व्‍यक्‍ति 100 कैलोरी जला लेता है। मेटाबॉलिज्‍म की दर बढ़ जाती है। अधिक लाभ के लिये एक-दो मिनिट तेज दौड़े फिर एक-दो मिनिट के लिये अपनी गति धीमी कर लें। ऐसा कम से कम दस राउंड करें।

साइकलिंग

यह एक एअरोबिक एक्‍सरसाइज है और इससे भी कार्डियोवॉस्‍क्‍युलर तंत्र और शरीर का निचला भाग मजबूत होता है। आप अपने घर के पास बनें किसी मैदान या सुनसान स्‍थान पर साइकिल चलाने का आनंद ले सकते हैं।

विदेशों में राष्‍ट्रपति और प्रधानमंत्री भी साइकिल चलाने में बिल्‍कुल नहीं शर्माते हैं लेकिन भारत में लोग साइकिल चलाने में संकोच करते हैं। आप किसी अच्‍छी ब्रांड की साइकिल खरीदें और यह नियम बना लें कि हर रविवार को साइकिल पर जाकर ही सब्‍जी खरीदें।

इससे तीन फायदें होंगे; वर्क आउट भी हो जाएगा, पेट्रोल भी खर्च नहीं होगा और पर्यावरण भी प्रदूषित होने से बच जाएगा।

तैरना

चलने और दौड़ने के बाद स्‍विमिंग सबसे लोकप्रिय प्रकार की एक्‍सरसाइजों में से है। तैरने से पूरे शरीर की एक्‍सरसाइज हो जाती है यह वजन कम करने और शरीर को टोन अप करने के लिये एक अच्‍छी एक्‍सरसाइज मानी जाती है। अपने घर या कार्यालय के पास स्‍थित किसी स्‍विमिंग पूल के सदस्‍य बन जाएं।

नाचना

नाचने का शौक लगभग हर किसी को होता है। नृत्‍य एक एरोबिक एक्‍सरसाइज है जो आपके संतुलन, कोआर्डिनेशन, स्‍टैमिना और शक्‍ति को बढ़ाता है। नृत्‍य सभी उम्र, आकार के लोगों के लिये उपयुक्‍त है। आप कोई डांस इंस्‍टीट्यूट ज्‍वॉइन कर सकते हैं या बाज़ार में उपलब्‍ध डीवीडी की सहायता से घर पर ही अभ्‍यास कर सकते हैं।

इन बातों का भी रखें ध्‍यान

  • वर्कआउट करते समय बोरियत अनुभव ना करें; दिल से करेंगे तो अच्‍छे परिणाम प्राप्‍त होंगे।
  • अच्‍छे स्‍वास्‍थ के लिये खाने और सोने की तरह वर्कआउट को भी अपने जीवन का हिस्‍सा बना लें।
  • अपनी जीवनशैली में छोटे-छोटे परिवर्तन कीजिए, अल्‍कोहल का सेवन बिल्‍कुल कम कर दें।
  • अगर किसी दिन आपके पास समय की कमी हो तो आप वर्कआउट की तीव्रता बढ़ा दें।
  • रोज वर्कआउट करना जरूरी नहीं है; अगर आपके घर के पास कोई पहाड़ी क्षेत्र हो तो कभी-कभी उसपर चढ़ाई करें, स्‍विमिंग पूल चले जाएं या अपने दोस्‍तों के साथ कोई आउटडोर खेल खेलें।

ये रिपोर्ट सोनिया बजाज, फिटनेस एक्सपर्ट, नई दिल्ली से बातचीत के आधार पर तैयार की गई है।

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