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काजू- बादाम कैसे खाने चाहिए कच्चे या रोस्टेड, जानें यहां...

काजू, बादाम, अखरोट, मूंगफली और पिस्ता आदि नट्स हमारे सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। अक्सर लोग इन नट्स को कच्चा खाने के बजाय रोस्टेड यानी भूनकर खाते हैं। रोस्टेड नट्स का स्वाद कच्चे नट्स से ज्यादा टेस्टी लगता है। मगर क्या रोस्ट करने के बाद भी ये नट्स पौष्टिक रह जाते हैं? ज्यादातर लोग मानते हैं कि अगर नट्स को तेल या बटर में फ्राई न किया जाए, तो ये पौष्टिक होते हैं।

काजू- बादाम कैसे खाने चाहिए कच्चे या रोस्टेड, जानें यहां...
काजू, बादाम, अखरोट, मूंगफली और पिस्ता आदि नट्स हमारे सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। अक्सर लोग इन नट्स को कच्चा खाने के बजाय रोस्टेड यानी भूनकर खाते हैं। रोस्टेड नट्स का स्वाद कच्चे नट्स से ज्यादा टेस्टी लगता है। मगर क्या रोस्ट करने के बाद भी ये नट्स पौष्टिक रह जाते हैं? ज्यादातर लोग मानते हैं कि अगर नट्स को तेल या बटर में फ्राई न किया जाए, तो ये पौष्टिक होते हैं। आइए आपको बताते हैं एक्सपर्ट्स इस बारे में क्या राय रखते हैं।

नहीं कम होते पोषक तत्व

फूड न्यूट्रिश्निस्ट के अनुसार, अगर आपको भूनकर नट्स खाना पसंद है, तो इसमें कोई नुकसान नहीं है। नट्स को भूने जाने के बाद उसके मौजूदा स्वरूप बदल जाता है। यहां तक कि उसके स्वाद में भी बदला आता है। लेकिन जहां तक बात उसके पौष्टिक तत्व में बदलाव की है, तो ऐसा नहीं होता। विशेषज्ञों का मानना है कि नट्स भुनने के बाद उनके केमिकल कंपोजिशन में ही बदलाव होता है।
इससे उनके रंग और स्वाद में फर्क नजर आने लगता है। चूंकि भूने जाने के बाद नट्स अपना पानी खो देता है, जिस वजह से ये खाने में क्रंची हो जाते हैं। इसके अलावा इसके फैट में कोई कमी नहीं आती। हां अगर आप इन्हें तेल या बटर में फ्राई करते हैं, तो नट्स में वसा की मात्रा बढ़ जाती है।

ज्यादा भूनने से कम हो जाते हैं पोषक तत्व

अगर आप नट्स को बहुत ज्यादा भूनते हैं, तो उनमें पोषक तत्वों की कमी आ जाती है। दरअसल सभी तरह के नट्स में पॉलीअनसैचुरेटेड फैट होता है। ज्यादा तलने या भूनने से नट्स में ये फैट नष्ट हो जाते हैं। ये फैट आपको दिल की बीमारियों से बचाने के लिए फायदेमंद माना जाता है।
इतना ही नहीं ज्यादा भूनने से ये फैट हानिकारक रेडिकल्स में बदल जाता है जो कि हमारे सेल्स को डैमेज कर सकता है। मतलब ये कि अगर आप नट्स को भून रहे हैं और इस दौरान इसमें से महक आने लगी है, तो बेहतर है इसे न खाएं। असल में से इसमें से आ रही महक इस बात की ओर इशारा कर रही है कि अब ये खाने लायक नहीं है।

बहुत कम समय के लिए भूनें नट्स

नट्स को बहुत धीमी आंच पर थोड़े समय के लिए भूनना चाहिए, ताकि उनका पानी जल जाए और वो कुरकुरे हो जाएं। ज्यादा तापमान पर नट्स को भूनना भी खतरनाक होता है। इसका कारण यह है कि नट्स में अमिनो एसिड एस्पेरेजिन और प्राकृतिक शुगर के बीच केमिकल रिएक्शन होने लगता है। इसे केमिकल रिएक्शन मेलार्ड रिएक्शन कहा जाता है।
ऐसा तब होता है जब नट्स बहुत ज्यादा हीट में पकाया जाता है और इससे नट्स का रंग ब्राउन होने लगता है। ये रिएक्शन हमारे शरीर के नुकसानदायक है। अध्ययनों के मुताबिक रोस्टेड नट्स खाना हानिकारक नहीं है बशर्ते इसे कभी-कभी और कम मात्रा में खाया जाए।

सबसे बेहतर हैं कच्चे नट्स

आप नट्स खाने के शौकीन हैं और इसके सभी फायदों को चाहते हैं, तो आप इन्हें कच्चा ही खाएं। मूंगफली के अलावा सभी नट्स को आसानी से कच्चा खाया जा सकता है। मूंगफली को भी हल्की आंच में भूनकर ही खाना चाहिए। नट्स का सेवन करने से दिल की बीमारियां दूर रहती हैं और शरीर स्वस्थ रहता है।
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