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योग से बीपी कंट्रोल करने के यूजफुल टिप्स

हाइपरटेंशन का प्रमुख कारण तनाव होता है।

योग से बीपी कंट्रोल करने के यूजफुल टिप्स
नई दिल्ली. हाइपरटेंशन होने का प्रमुख कारण हाई बीपी है बीपी। बीपी को नियंत्रित करने में डाइट, लाइफस्टाइल में बदलाव के साथ ही योगाभ्यास भी बड़ी भूमिका निभा सकता है। जानिए बीपी कंट्रोल करने के कुछ प्रमुख लाभकारी योग के बारे में...
तनाव बीमारी का रूप
आज की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में लोगों को अकसर तनाव का सामना करना पड़ता है। यही तनाव बीमारी का रूप धारण कर लेती है। हाइपरटेंशन का प्रमुख कारण भी यही तनाव बनता है। तनाव के कारण होने वाली हाइपरटेंशन की बीमारी में योग एक कारगर उपचार साबित होता है। सही मायने में कहें तो योग ब्लड प्रेशर के प्रबंधन और नियंत्रण में पूरी तरह से कारगर भूमिका निभाता है। योग हमारे शरीर, मस्तिष्क और आत्मा को पूर्ण आराम प्रदान करता है। यह न सिर्फ हाइपरटेंशन बल्कि लो ब्लड प्रेशर में भी बेहद लाभकारी साबित होता है। हाइपरटेंशन को नियंत्रित करने में योग कई रूपों में लाभकारी होता है।
योगाभ्यास के लाभ
* योग हमारे शरीर, मस्तिष्क ओर मन को आराम पहुंचाता है।
* ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है।
* डिप्रेशन, तनाव और चिंता से मुक्त करने में अहम भूमिका निभाता है।
* शरीर में रक्त संचारण को बढ़ाता है।
* हृदय संबंधी समस्याओं जैसे हार्ट अटैक और स्ट्रोक को कम करता है।
* मस्तिष्क के सार्मथ्य को मजबूत करता है।
* शरीर में मौजूद टॉक्सिन को हटाने में मदद करता है।
* शरीर को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
* क्रोध को नियंत्रित करने में मददगार होता है।
* शरीर के कई अंगों को अधिक ऑक्सीजन और रक्त की आपूर्ति करता है।
* इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत करता है।
* जीवनशैली के प्रबंधन में योग प्रभावी भूमिका निभाता है।
प्राणायाम है कारगर
हाइपरटेंशन में प्राणायाम शक्तिदायक का काम करता है। श्वांस को लेना पूरक, श्वांस को छोड़ना रेचक और श्वांस को रोकना कुंभक कहलाता है। इन क्रियाओं को एक रूप देना ही प्राणायाम है। प्राणायाम का अभ्यास करने से हृदय मजबूत होता है। इसको करने से ब्लड प्रेशर,चक्कर आना, लो ब्लड प्रेशर, हार्ट प्रॉब्लम, अनिद्रा, क्रोध, चिड़चिड़ापन आदि को काबू में किया जा सकता है। प्राणायाम के द्वारा समस्त धमनियों का बैलेंस बना रहता है और शरीर को ऊर्जा और शक्ति प्राप्त होती है। इससे शरीर को इतनी शक्ति मिलती है, जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती है। धमनियों की मजबूती से हार्ट की समस्या का समाधान अपने आप हो जाता है। ऐसे में हाइपरटेंशन की स्थिति में प्राणायाम एक प्रभावी उपचार साबित होता है। प्राणायाम से शरीर के सभी अंगों में रक्त संचालन सुचारू रूप से होता है। विभिन्न आसनों के बाद शवासन द्वारा शरीर की मांस-पेशियां शिथिल हो जाती हैं। इसके अलावा मानसिक तनाव कम होने से रक्त में नारएड्रिलेनिन और एड्रिलेनिन की मात्रा कम होती है, जिससे हाइपरटेंशन को कम करने में मदद मिलती है। हां, यह भी बहुत जरूरी है कि प्राणायाम किसी कुशल योगाचार्य के संरक्षण में ही करना चाहिए।
प्राणायाम के प्रकार
हाइपरटेंशन को दूर करने में प्राणायाम बेहद लाभदायक साबित होता है। प्राणायाम के सात रूप सांस के अभ्यास के लिए लाभकारी हैं। योग के ये रूप शरीर की नकारात्मक ऊर्जा को हटाकर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। प्राणायाम शरीर, मस्तिष्क में स्थायित्व लाता है।
(मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान, नई दिल्ली के योगाचार्य उदयजी से बातचीत पर आधारित)
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