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अगर पैरों को मजबूत बनाना है तो अपनाएं ईजी एक्सरसाइज के यूजफुल टिप्स

फुट एक्सरसाइज से पैर स्ट्रांग बने रहते हैं

अगर पैरों को मजबूत बनाना है तो अपनाएं ईजी एक्सरसाइज के यूजफुल टिप्स
फुट एक्सरसाइज
हम अपनी पर्सनलिटी संवारने के लिए हर संभव कोशिश करते हैं। इन कोशिशों में अधिकतर ध्यान शरीर के ऊपरी हिस्से पर होता है लेकिन निचले हिस्से यानी पैरों का ख्याल काफी कम लोग रखते हैं। हम यह भूल जाते हैं कि शरीर का यह ऊपरी हिस्सा इन्हीं पैरों पर टिका होता है। हमारे पैर ही हमारे व्यक्तित्व का आधार हैं, जिन्हें मजबूत और तंदुरुस्त बनाए रखना बेहद जरूरी है।
हेमस्ट्रिंग्स
पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के पैर ज्यादा नाजुक होते हैं। इसलिए इनमें चोट और खिंचाव जैसी समस्याओं की संभावनाएं भी अधिक होती है। इसके मुख्य कारणों में शामिल है पैरों को सख्ती से जमीन पर उतारना या फिर घुटने अंदर की तरफ रखना। साथ ही महिलाओं के पैरों की हेमस्ट्रिंग्स (घुटने की पीछे की नस) अकसर कमजोर पाई जाती है। इस असामान्यता से घुटनों में तकलीफ पैदा हो सकती है।
एक्सरसाइज के फायदे
अगर आप पैरों को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो बेहतर होगा हर सप्ताह कम से कम दो बार इनके लिए कुछ स्पेशल एक्सरसाइज जरूर करें। इनमें फ्री वेट शामिल होना चाहिए, जो आपके लिए हर एंगल में सही मूवमेंट सुनिश्चित करेगा। इससे हड्डियों में कमजोरी भी रोकी जा सकेगी। जब आप पैरों की एक्सरसाइज करते हैं तो इससे शरीर के महत्वपूर्ण हिस्सों यानी पीठ और शरीर की हरेक मांसपेशियों का उपयोग भी होता है, जिससे अच्छी खासी मात्रा में कैलोरी भी खर्च होगी।
एक्टिविटीज रहेंगी कारगर
मजबूत और लचीले पैरों के लिए, आपको दौड़ने, जंपिंग, स्विमिंग, किक बॉक्सिंग जैसी एक्सरसाइज को अनिवार्य रूप से अपने वर्कआउट में शामिल करना होगा। इन सबका टार्गेट आपके पैरों की लंबी मांसपेशियां होंगी। इसके अलावा आप स्ट्रेंथनिंग, स्क्ल्पटिंग, टोनिंग और स्ट्रेचिंग के लिए विशेष उपकरणों का भी उपयोग कर सकते हैं। मजबूत पैरों के लिए लेग रेज यानि पैरों को उठाने वाली एक्सरसाइज मशीन के साथ या फिर किसी पार्टनर के साथ करना अच्छा रहेगा।
वहीं, स्क्वैट्स, लंग और काफ (फेफड़ों और पिंडली) उठाने वाली एक्सरसाइज जैसा फायदेमंद कोई और वर्कआउट नहीं है, जो आप अपने ही शरीर के प्रतिरोध में करते हैं।
यूजफुल एक्सरसाइज
यहां आपके लिए कुछ बेहद उपयोगी एक्सरसाइज बताई जा रही हैं और साथ में उनके करने का सही तरीका भी।
स्क्वैट एंड लंग्स
अपनी पीठ को सीधा रखें। ध्यान रहे कि घुटने 90 डिग्री से अधिक के कोण पर ना मुड़े हों क्योंकि इससे चोट लग सकती है। लंग्स करने के लिए, सीधे नीचे की तरफ झुकें। पिछली एड़ी पूरे समय ऊपर ही होनी चाहिए। स्क्वैट्स एंड लंग्स को अधिक चुनौतीपूर्ण बनाने के लिए आप बोसु बॉल जैसी अस्थिर सतह का इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर स्क्वैट करते समय पीठ में दर्द होता है तो पीठ के पीछे दीवार के सहारे एक जिम बॉल रखें। फिर इस बताई गई प्रक्रिया को दोबारा करें। इस प्रक्रिया की संख्या रोजाना धीरे-धीरे बढ़ाएं। स्क्वैट्स एंड लंग्स को एक रैंप पर भी कर सकते हैं।
काफ रेज
एक ऊंचे प्लेटफॉर्म पर खड़े हो जाएं, जैसे एक बेंच या फिर कोई मोटी चबूतरा। अधिक प्रतिरोध के लिए आप डंबल्स या बार बेल्स जैसे भार उठा सकते हैं। अब पैर की एड़ियां ऊपर उठाएं और नीचे ले जाएं। पिंडलियों के लिए यह काफी अच्छी कसरत है।
साइड लेग एबडक्शन
यह प्रक्रिया एबडक्टर मशीन या फिर जांघों के किनारों पर होती है। आप चाहें तो इसे एक चटाई पर एक साइड में लेटे हुए करें या फिर बेंच या जिम बॉल पर। इसे करते समय पैरों पर वजन भी पहन सकते हैं।
एबडक्टर्स के साथ एक्सरसाइज करते वक्त रेसिस्टेंस बैंड पैरों और एबडक्टर पर बांधे जा सकते हैं। खासकर थेरा बैंड्स आपको पैरों की मांसपेशियां स्ट्रेच करने में मदद करते हैं। दौड़ने, जॉगिंग करने, स्विमिंग या साइकलिंग जैसी एक्सरसाइज के बाद अपनी दोनों क्वाड्राइसेप्स और हेमस्ट्रिंग्स को स्ट्रेच करना काफी महत्वपूर्ण होता है।
इन्हें करने से पहले किसी को भी पहले सही तकनीक समझना और सीखना जरूरी है, जिसके लिए एक प्रशिक्षित ट्रेनर की सहायता ली जानी चाहिए। आपका ट्रेनर ही आपका बॉडी पोश्चर सुधार सकता है और शरीर को सही टोन कर सकता है।
(फिटनेस ट्रेनर किरण साहनी से बातचीत पर आधारित)
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