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हर किसी को होता है फोबिया, लेकिन लाइलाज नहीं

आमतौर पर फोबिया को एक गंभीर मेंटल डिजीज माना जाता है।

हर किसी को होता है फोबिया, लेकिन लाइलाज नहीं

फोबिया यानी किसी भी चीज या कंडीशन को लेकर मन में गहरा डर। आमतौर पर फोबिया को एक गंभीर मेंटल डिजीज माना जाता है। लेकिन यह भी पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। हालांकि लगभग हर व्यक्ति के मन में किसी न किसी चीज या कंडीशन को लेकर एक तरह का डर होता है।

इससे वह लगातार बचने की कोशिश करता है, लेकिन जब यह डर इस हद तक बढ़ जाए कि उस पर उसका नियंत्रण न रहे या फिर उससे उसकी सामान्य जीवनचर्या प्रभावित होने लगे, तो उसे फोबिया कहा जाता है। यह भी एक तरह का एंजाइटी डिसऑर्डर है, यानी मेंटल डिजीज है, जो किसी को भी किसी भी उम्र में हो सकती है।

सर गंगाराम हॉस्पिटल के क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. आरती आनंद के अनुसार, इसका भी इलाज संभव है। क्या है, इसके प्रमुख प्रकार, लक्षण और उपचार के तरीके, जानिए।

फोबिया कई तरह के होते हैं। इनमें से कुछ कॉमन फोबिया है-

सोशल फोबिया-

इस फोबिया से ग्रस्त व्यक्ति किसी भी अंजान व्यक्ति या समूह के सामने आने से, उनसे बात करने से घबराता है। उसके भीतर हमेशा यह डर रहता है कि कहीं वह कुछ गलत न बोल दे। कहीं उसकी इमेज न खराब हो जाए। ऐसे लोग बहुत संकोची और अपने आप में ही सिमटे रहते हैं। लोग उसके बारे में क्या सोच रहे होंगे? इस डर से वह अकेले हीं रहना पसंद करता है। इस तरह उसकी सोशल और प्रोफेशनल लाइफ प्रभावित होने लगती है।

एगोराफोबिया-

कुछ लोग भीड़-भाड़ भरे स्थानों, बाजारों या बस-ट्रेन में सफर करने से घबराते हैं। इसलिए वह ऐसी जगहों पर जाने से कतराते हैं और अकेले रहना और सफर करना पसंद करते हैं।

क्लस्ट्रोफोबिया-

इस फोबिया से ग्रस्त व्यक्ति बंद कमरे में रहने से घबराते हैं। लिफ्ट में चढ़ने से भी बचते हैं, उन्हें लगता है कि कहीं बीच में लिफ्ट बंद हो जाएगी तो क्या होगा? ऐसे लोग बहुत टाइट ड्रेस भी नहीं पहन पाते हैं। इसे फीयर आॅफ सफोकेशन भी कहते हैं।

इसके अलावा कुछ लोग फ्लाइट में सफर करने से, कुछ लोग अंधेरे से और कुछ लोग जानवरों से बहुत अधिक डरते हैं।

फोबिया के कारण

फोबिया होने का कारण केमिकल इमबैलेंस हो सकता है। इसके अलावा पास्ट लाइफ में इससे जुड़ी किसी दुर्घटना या एक्सपीरियंस के असर से भी यह उत्पन्न हो सकता है। बहुत ज्यादा स्ट्रेस लेने या डिपे्रस रहने से भी यह उत्पन्न हो सकता है।

लक्षण

फोबिया से ग्रस्त व्यक्ति जिस चीज से डरता है, उसको लेकर बहुत गहराई तक सोचने लगता है। इसके लक्षण उसके फिजिकल और मेंटल बिहेवियर से प्रकट होने लगते हैं। हालांकि हर तरह के फोबिया में अलग लक्षण भी हो सकते हैं लेकिन घबराहट होना, पैनिक अटैक होना, पसीना आना, हाथ-पैर ठंडे होना, अपनी सुरक्षा के लिए ओवर रिएक्शन करना भी इसके लक्षण हो सकते हैं।

ट्रीटमेंट

फोबिया का शुरुआत में अकसर पता नहीं चलता है। लेकिन जब व्यक्ति के मन में किसी चीज या कंडीशन को लेकर असामान्य डर बैठ जाए तो तुरंत इलाज कराना चाहिए। इसमें कॉग्निटिव बिहेवियर थैरेपी काफी इफेक्टिव होती है। कंडीशन ज्यादा सीरियस होने पर दवाएं भी देनी पड़ सकती हैं।

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