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फूड प्वाइजनिंग होने पर कारगर हैं ये घरेलू उपचार

यह ऐसी बीमारी है जिसका इलाज आप एक या दो दिन में या फिर हफ्ते में खुद ही कर सकते हैं।

फूड प्वाइजनिंग होने पर कारगर हैं ये घरेलू उपचार
नई दिल्ली. हम में से अधिकांश लोग ऐसे होते हैं जिन्हे फूड प्वाइजनिंग की परेशानी होते रहती है। फूड प्वाइजनिंग दूषित भोजन से होने वाली एक बीमारी है। यह ऐसी बीमारी है, जिसका इलाज आप एक या दो दिन में या फिर हफ्ते में खुद ही कर सकते हैं। मितली, वॉमिटिंग, दस्त, ऐंठन फूड प्वाइजनिंग के सामान्य लक्षण हैं। लेकिन अगर इस बीमारी का सही तरीके से इलाज न किया गया तो यह सेहत के लिए खतरा भी बन सकता है। फूड प्वाइजनिंग के अधिकांश मामले कुछ ही दिनों में ठीक हो जाते हैं लेकिन शिशुओं, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों में फूड प्वाइजनिंग को लेकर कॉन्शस रहना चाहिए क्योंकि इससे इनको काफी नुकसान पहुंचता है। फूड प्वाइजनिंग से बचने के लिए कुछ बातें अमल में लाना कारगर हो सकता है।
- अगर आपको फूड प्वाइजनिंग के लक्षण दिखें तो जितना हो सके पेय पदार्थ पीजिए। पानी, डिकैफिनेटेड चाय या जूस जो भी आप पी सकते हैं उसे पिएं। इससे आप तरल पदार्थ की कमी को दूर कर सकते हैं। ये निर्जलीकरण को रोकने में भी मदद करेगा।
-फूड प्वाइजनिंग होने पर शराब, दूध या कैफीनयुक्त पेय पदार्थों का सेवन ना करें।
-नरम और सुपाच्य खाद्य पदार्थ खाएं जैसे-चावल, केला, टोस्ट आदि।
-मसालेदार भोजन, तले हुए खाद्य पदार्थ, डेयरी और हाई फैट खाद्य पदार्थों से बचें।
-खाने में प्रोबायोटिक्स लेना शुरू करें, प्रोबायोटिक्स आंतों में गुड बैक्टीरिया को फिर से लाने में मददगार होते हैं और सेहत को जल्दी सुधारने में सहायता करते हैं। इस लिहाज से योगर्ट और रॉ चीज का सेवन फायदेमंद रहेगा।
-हर्बल मेडिसिनल प्लांट्स जैसे तुलसी, जीरा, सौंफ, धनिया, अदरक, हल्दी का सेवन करें।
-फूड प्वाइजनिंग होने पर जितना संभव हो सके, आराम करें क्योंकि प्वाइजनिंग की वजह से थकान बढ़ती है।
-फूड प्वाइजनिंग में अगर इन उपायों को अपनाने पर भी जल्द आराम न मिले तो डॉक्टर को दिखाकर दवा लें और नियमित सेवन करें, जिससे स्थिति बिगड़ने ना पाए।
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