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होली 2018: होली का जिक्र करते हुए भावुक हुईं रवीना टंडन, कही ये बात

उल्लास-उमंग का पर्व है होली। इस पर्व की सार्थकता तभी है, जब हम अपने ही नहीं, दूसरों के जीवन में भी खुशियों के रंग भरें।

होली 2018: होली का जिक्र करते हुए भावुक हुईं रवीना टंडन, कही ये बात
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उल्लास-उमंग का पर्व है होली। इस पर्व की सार्थकता तभी है, जब हम अपने ही नहीं, दूसरों के जीवन में भी खुशियों के रंग भरें। अलग-अलग क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियों के लिए यह पर्व क्या मायने रखता है? ये होली कैसे मनाती हैं? हरिभूमि के साथ होली से जुड़ी और भी बातें साझा कर रही हैं ये हस्तियां।

शोवना नारायण, कथक नृत्यांगना

रंगों का त्योहार होली वसंत के मौसम में आता है। इस ऋतु में प्रकृति भी रंगमय हो जाती है। हर तरफ रंग-बिरंगे फूल खिले होते हैं, जो मन को मोह लेते हैं। रंगों की यही निराली छटा होली के त्योहार में भी देखने को मिलती है।

होली का पर्व हमें उत्साह-उमंग से भरने के साथ एक गहन संदेश भी देता है, जिसे हम सभी को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। जब हम एक-दूसरे पर रंग लगाते हैं, तो महज एक परंपरा का निर्वाह ही नहीं करते हैं, इसके जरिए कटुता और भेदभाव को भी दूर करते हैं।

हम सब एक ही रंग में रंग जाते हैं, इससे अपनत्व, प्रेम जैसी भावनाएं बढ़ती हैं, हमारे संबंध मजबूत बनते हैं, जीवन खुशहाल होता है। यह तो हुई अपने जीवन को रंगमय बनाने की बात।

इसके अलावा होली के अवसर पर हम सभी को चाहिए कि अपनी क्षमतानुसार ऐसे प्रयास करें, जिससे दीन-दुखी, असहाय लोगों का बेरंग जीवन भी रंगमय हो। ऐसा करने से उनका जीवन तो खुशियों से भर जाएगा ही, हमारे मन को भी अनोखी खुशी का अहसास होगा।

यही सही मायने में इस पर्व की सार्थकता है, क्योंकि इसका असल उद्देश्य सबके जीवन को रंगमय बनाना, खुशहाल बनाना है। जहां तक बात होली को मनाने की है, तो एक कलाकार होने के नाते इसे मनाने का मेरा अंदाज निराला है।

हम होली के दिन रंग खेलते ही हैं। इससे पहले अपनी नृत्य प्रस्तुतियों में होली की निराली छटा भी बिखेरते हैं। इस तरह हमारा मन पूरी तरह होली के रंग में रंग जाता है। सहेली की पाठिकाओं को मेरी तरफ से होली की ढेर सारी शुभकामनाएं।

रवीना टंडन, फिल्म अभिनेत्री

होली हमारी धर्म-संस्कृति से जुड़ा एक अनोखा पर्व है। इसके जरिए ही हम अपनी सांस्कृतिक विरासत को अपनी भावी पीढ़ी को दे पाते हैं। यही बातें मैं अपने बच्चों को भी होली के त्योहार के जरिए बताती हूं। मुझे बचपन से ही यह त्योहार बहुत पसंद है।

आज भी याद है कि जब पापा (निर्देशक रवि टंडन) हम भाई-बहनों के लिए होली पर पिचकारी, रंग लेकर आते थे, तो हम सबके चेहरे खिल उठते थे। हम सब मिलकर खूब रंग खेलते थे। इस मौके पर मम्मी-पापा हमें बताते थे कि त्योहार तभी सार्थक होता है, जब सबके जीवन में खुशियां हों, रंग हों।

यह बात मेरे मन में बैठ गई थी। यही वजह है कि जब हमारे फॉर्म हाउस में नौकरी करने वाले एक कर्मचारी की पत्नी का देहांत हुआ और उनकी दो बेटियां अकेली हो गईं, तो मैं पापा से पूछकर उन्हें अपने जुहू वाले घर पर ले आई।

हमारे घर में वो दोनों बहनें रहने लगीं, मैंने उनकी परवरिश की पूरी जिम्मेदारी संभाली, उन्हें पढ़ाया-लिखाया। इन बच्चियों का नाम पूजा और छाया था, अब तो दोनों की शादी भी हो गई है।

जब भी पूजा और छाया को देखती हूं, उनके चेहरे पर मुस्कुराहट देखती हूं, तो बहुत खुशी होती है कि इनके जीवन में खुशियों के रंग भर पाई। जिस दिन मैं इन्हें पहली बार अपने घर लाई थी, वह होली के आस-पास का ही समय था। जहां तक होली मनाने का सवाल है, तो इसे अपने बच्चों-परिवार के साथ ही मनाती हूं।

पाठकों से भी कहना चाहूंगी कि सेफ होली खेलें। मौज-मस्ती में किसी का दिल न दुखाएं। मेरी तरफ से सबको हैप्पी होली।

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अनामिका, लेखिका

होली महज एक पर्व नहीं है, यह सामाजिकता का प्रतीक है। एक-दूसरे से मिलने का सुनहरा अवसर देता है। हम सभी कटुता, मतभेद भूलकर, एक-दूसरे को रंग लगाकर रिश्तों में नई शुरुआत करते हैं। त्योहार की यह सकारात्मकता मुझे बहुत अच्छी लगती है।

मेरे मन में बचपन से ऐसी ही सकारात्मक छवियां होली को लेकर बसी हुई हैं। पिताजी का रंग लाना, नाते-रिश्तेदारों का घर पर आना, मां का ढेर सारे व्यंजन बनाना, यह सब मुझे बहुत पसंद था। होली पर आस-पास के हर समुदाय के लोग मिलकर रंग खेलते थे, सबके चेहरे पर मुस्कान होती थी।

फिर एक होली ऐसी भी आई, जब पिता जी हमारे साथ नहीं रहे, हमें लगा कि हमारे जीवन के सारे रंग उड़ गए। लेकिन कुछ परिचित उस दिन भी घर आए थे, होली खेलने नहीं, पिता जी से जुड़ी यादें साझा करने।

उन लोगों से पिता जी के बारे में सुनकर अच्छा लगा, मन का दुख कम हुआ। इस तरह घर आए परिचितों ने पिता जी की यादों के जरिए हमारे जीवन को फिर से रंगमय बना दिया। अपने स्तर पर मेरी कोशिश रहती है कि दूसरों के बेरंग जीवन को हंसी के, खुशी के रंग से भर दूं।

इसके लिए होली के त्योहार पर वृद्धाश्रम जरूर जाती हूं। वहां बुजुर्ग लोगों से मिलती हूं, रंग लगाती हूं, उनके साथ ढेर सारी बातें करती हूं। जब उनके चेहरे पर मेरी बातों की वजह से मुस्कान आती है, तो बहुत खुशी मिलती है।

मैं पाठिकाओं से भी यही कहना चाहूंगी कि अपने-अपने स्तर पर दूसरों के जीवन को बदलने की कोशिश जरूर करें, जिससे उनका जीवन भी रंगों से भर जाए।

प्रियानी वानी, गायिका

होली को अगर मैं एक शब्द में परिभाषित करूं, तो वह शब्द है मस्ती। मेरे लिए रंगों के इस त्योहार का मतलब है, अपनों संग हंसना-मुस्कुराना, स्वादिष्ट पकवान खाना और मीठे-मीठे होली गीत गाना। मेरा मानना है कि यही बातें त्योहारों को खास बनाती हैं।

हमारे भीतर सकारात्मकता लाती है। मेरा मानना है कि अगर किसी से कोई गिला-शिकवा है, तो उसे भूलकर, मिलकर होली मनाएं, रिश्तों में नए रंग भरें। मैं सिंगर हूं, तो गीतों के जरिए अपने ऑडियंस की जिंदगी में खुशी के रंग भरने की कोशिश करती हूं।

होली के मौके पर भी होली स्पेशल प्रोग्राम्स में बिजी रहती हूं, वहां लोग फोक सॉन्ग पर झूमते-नाचते हैं। ऑडियंस के चेहरे पर खुशी देखकर मुझे भी बहुत खुशी होती है।

आखिरी में सहेली की पाठिकाओं को होली पर मैं यही संदेश देना चाहूंगी कि त्योहार के रंग में रंग जाइए, अपनों संग हंसी-मुस्कुराइए। लेकिन जबरन किसी पर रंग न लगाएं। मेरी ओर से सबको हैप्पी होली।

अदिति राठौड़, टीवी अभिनेत्री

इन दिनों मैं स्टार प्लस के सीरियल ‘नामकरण’ में अवनी का किरदार निभा रही हूं। टीवी सीरियल की शूटिंग का शेड्यूल काफी टाइट होता है, हम एक्टर्स को आसानी से अपने लिए समय नहीं मिलता है। इसके बावजूद मैं होली का त्योहार कभी मिस नहीं करती हूं।

मुझे यह त्योहार बहुत पसंद है। मैं गुलाल और ईको फ्रेंडली कलर से होली खेलती हूं। पिछले साल अपने शूटिंग सेट पर हमने चार-पांच दिन तक होली सीक्वेंस की शूटिंग की थी, होली की इस शूटिंग को भी मैंने खूब एंज्वॉय किया था।

इस तरह मैं होली खेलने का कोई मौका हाथ से जाने नहीं देती हूं, क्योंकि मेरा मानना है कि इसके जरिए हम अपने जीवन को खुशियों के रंग से भर देते हैं। मैं होली पर अनाथ बच्चों के साथ रंग जरूर खेलती हूं, उनके लिए रंग, पिचकारी खरीदकर ले जाती हूं, जिससे उनके सूने जीवन में रंग बिखर जाएं।

इस साल भी मैं अनाथाश्रम जाकर बच्चों को गुलाल और गुझिया दूंगी, जिससे वह भी होली को जोश के साथ मनाएं। जहां तक इस साल होली सेलिब्रेशन की बात है, तो अपने सीरियल के सेट पर ही सेलिब्रेट करूंगी, सभी को-एक्टर फैमिली मेंबर्स की तरह हैं, उनके साथ फेस्टिवल को एंज्वॉय करूंगी। सहेली की पाठिकाओं को भी यही कहना चाहूंगी कि होली पर खूब मस्ती करें, सबके संग खुशियों के रंग बिखेरें, होली एंज्वॉय करें। हैप्पी होली।

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