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मामूली नहीं है ''हेपेटाइटिस बी'', इसके वायरस से हो सकती हैं ये जानलेवा बीमारी

हेपेटाइटिस बी को लोग ज्यादा गंभीरता से नहीं लेते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि दुनियाभर में हेपेटाइटिस बी के कारण 6 लाख लोगों की मौत हो जाती है। हेपेटाइटिस बी से ग्रसित लोगों की संख्या तकरीबन 30 करोड़ है, लेकिन 20 में से सिर्फ 1 व्यक्ति को ही इसका इलाज मिल पाता है।

मामूली नहीं है

हेपेटाइटिस बी को लोग ज्यादा गंभीरता से नहीं लेते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि दुनियाभर में हेपेटाइटिस बी के कारण 6 लाख लोगों की मौत हो जाती है। हेपेटाइटिस बी से ग्रसित लोगों की संख्या तकरीबन 30 करोड़ है, लेकिन 20 में से सिर्फ 1 व्यक्ति को ही इसका इलाज मिल पाता है।

द लेंसेट गेस्ट्रोएन्ट्रोलॉजी और हेप्टोलॉजी की रिपोर्ट के मुताबिक हेपेटाइटिस बी के वायरस से ग्रसित मां से बच्चों को भी फैलने का खतरा रहता है। हर 100 में से 1 बच्चा अपनी मां के कारण हेपेटाइटिस बी से ग्रस्त है। हेपेटाइटिस बी का इलाज न होने से लिवर की बीमारी और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है।

होती हैं 6 लाख मौतें

हेपेटाइटिस बी वायरस का सबसे ज्यादा असर लिवर पर पड़ता है और दुनियाभर में लिवर की बीमारी से मरने वालों की संख्या 6 लाख है। हेपेटाइटिस बी की जांच का विकल्प 1970 से मौजूद है इसके बावजूद 10 में 1 व्यक्ति में ही इस बीमारी के बारे में पता चल पाता है।

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हेपेटाइटिस बी ऐसे करता है असर

हेपेटाइटिस बी का वायरस दूषित खून से फैलता है और यह बहुत जल्दी फैलता है। ज्यादातर यह मां से बच्चों में फैलता है। इस वायरस के लिए कोई इलाज तो नहीं है, लेकिन इसे फैलने से रोका जा सकता है।

ऐसे करें बचाव

हेपेटाइटिस बी से बचाव के लिए हेपेटाइटिस बी का टीका लगवाना बहुत जरूरी है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के निर्देश (1992) के अनुसार बच्चे के जन्म के 24 घंटे के अंदर हेपेटाइटिस बी टीका लगवाना अनिवार्य है।

जागरूकता न होने के कारण आधे बच्चे हेपेटाइटिस बी के टीके से वंचित रह जाते है। यह वायरस ईस्ट एशिया, सब सहारन अफ्रीका में काफी आम है। साथ ही चीन, भारत, नाइजीरिया, इंडोनेशिया और फिलीपीन्स में करीब 60 फीसदी लोग हेपेटाइटिस बी से पीड़ित है।

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