logo
Breaking

world Thalassemia Day 2019 : थैलीसिमिया क्या है, जानें थैलीसिमिया के लक्षण, कारण और उपचार

world Thalassemia Day 2019 : हर साल 8 मई को पूरी दुनिया विश्व थैलीसीमिया दिवस (world Thalassemia Day) मनाया जाता है। इस दिन लोगों को रक्त संबंधी गंभीर बीमारी यानि थैलीसीमिया के प्रति लोगों को जागरुक किया जाता है। थैलीसीमिया से देश में पांच करोड़ से ज्यादा लोग पीड़ित हैं और हर साल 10 से 12 हजार थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चे जन्म लेते हैं। इसके बावजूद लोगों में थैलेसीमिया रोग की जानकारी का अभाव रहता है। इसलिए आज हम आपको विश्व थैलीसीमिया दिवस (world Thalassemia Day)पर थैलीसिमिया क्या है, थैलीसिमिया के लक्षण, कारण और उपचार के बारे में बता रहे हैं। जिससे आप समय रहते इस बीमारी के लक्षणों को पहचान कर उपयुक्त उपचार करवा सकें।

world Thalassemia Day 2019 : थैलीसिमिया क्या है, जानें थैलीसिमिया के लक्षण, कारण और उपचार

World Thalassemia Day 2019 : हर साल 8 मई को पूरी दुनिया विश्व थैलीसीमिया दिवस (world Thalassemia Day) मनाया जाता है। इस दिन लोगों को रक्त संबंधी गंभीर बीमारी यानि थैलीसीमिया के प्रति लोगों को जागरुक किया जाता है। थैलीसीमिया से देश में पांच करोड़ से ज्यादा लोग पीड़ित हैं और हर साल 10 से 12 हजार थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चे जन्म लेते हैं। इसके बावजूद लोगों में थैलेसीमिया रोग की जानकारी का अभाव रहता है। इसलिए आज हम आपको विश्व थैलीसीमिया दिवस (world Thalassemia Day)पर थैलीसिमिया क्या है, थैलीसिमिया के लक्षण, कारण और उपचार के बारे में बता रहे हैं। जिससे आप समय रहते इस बीमारी के लक्षणों को पहचान कर उपयुक्त उपचार करवा सकें।

थैलीसिमिया क्या है

थैलीसिमिया एक आनुवांशिक रक्त संबंधी जानलेवा बीमारी है। आमतौर पर एक स्वस्थ शरीर में लाल रक्त कणों की उम्र करीब 120 दिनों की होती है। जबकि थैलीसिमिया से पीड़ित व्यक्ति के शरीर में इनकी उम्र सिमटकर मात्र 20 दिनों की हो जाती है। जिसका असर शरीर के हिमोग्लोबिन यानि रक्त बनने की गति पर होता है।

जिसके फलस्वरूप शरीर में रक्त की मात्रा कम हो जाती है और शरीर दुर्बल होने लगता है और धीरे-धीरे अन्य बीमारियों का शिकार होने लगता है। थैलेसीमिया के पीड़ित व्यक्ति को महीने में एक बार रक्त को बदलवाना बेहद जरूरी हो जाता है। थैलेसीमिया की बीमारी का उचित समय पर उपचार न मिलने पर पीड़ित की मृत्यु तक हो सकती है।

थैलीसीमिया के लक्षण :

1.थकान रहना

2. शरीर में कमजोरी रहना

3.त्वचा का पीला रंग (पीलिया)

4.चेहरे की हड्डी की विकृति

5.धीमी गति से विकास

6.पेट की सूजन

7.गहरा व गाढ़ा मूत्र आदि

थैलीसीमिया का उपचार

थैलेसीमिया का उपचार रोग की गंभीरता पर निर्भर होता है। सामान्य तौर पर थैलीसीमिया के पीड़ित व्यक्ति को विटामिन, आयरन, सप्लीमेंट्स और संतुलित आहार का निर्देश दिया जाता है। जबकि थैलीसीमिया की गंभीर स्थिति में रक्त को बदलने, अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण (बोनमैरो ट्रांसप्लांट) और पित्ताशय की थैली को हटाने के लिए सर्जरी का सहारा लिया जाता है।

Share it
Top