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World Hepatitis Day : क्या होता है हेपेटाइटिस, जानें हेपेटाइटिस के प्रकार, कारण, लक्षण और रोकथाम के उपाय

World Hepatitis Day : 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस (World Hepatitis Day)है। हर साल 28 जुलाई को वैश्विक स्तर पर हेपेटाइटिस बीमारी के प्रति जागरुकता फैलाने और इससे बचने के उपायों के बारे में बताया जाता है। हेपेटाइटिस बीमारी के लक्षण पहचानना बेहद मुश्किल होते हैं हेपेटाइटिस के सामान्य लक्षण थकान,फ्लू, गहरा पीला मूत्र,पेट में दर्द,भूख में कमी आना,पीली त्वचा और आँखें, तेजी से वजन घटना आदि शामिल हैं। दुनिया की सबसे गंभीर और वायरल बीमारियों में से एक हेपेटाइटिस से हर साल लाखों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। इसलिए आज हम आपको हेपेटाइटिस के प्रकार, कारण, लक्षण, और इसके उपचार से जुड़ी जानकारी लेकर आएं हैं...

World Hepatitis Day : क्या होता है हेपेटाइटिस,  जानें हेपेटाइटिस के प्रकार, कारण, लक्षण और रोकथाम के उपाय

World Hepatitis Day हेपेटाइटिस नामक बीमारी को आम बोलचाल भाषा में लीवर की बीमारी यानि यकृत की बीमारी कहना गलत नहीं होगा। क्योंकि हेपेटाइटिस में सबसे ज्यादा लीवर ही प्रभावित होता है। ऐसे में आज हम आपको वायरल वायरल हेपेटाइटिस के प्रकार, कारण, लक्षण, बचाव और उपचार लेकर आए हैं। जिससे आप समय रहते इस बीमारी को पहचान सकें और उपयुक्त इलाज ले सकें।

World Hepatitis Day 2019 Theme / विश्व हेपेटाइटिस डे थीम

हर साल मनाया 28 जुलाई को मनाया जाने वाल विश्व हेपेटाइटिस दिवस WHO एक थीम रखी जाती है करता है। जिसके मुताबिक हेपेटाइटिस वायरस और इसको फैलने से रोकने के लिए उपाय और जागरुकता अभियान चलाए जाते हैं। WHO ने हेपेटाइटिस थीम 2019 को एक अभियान का रुप दे दिया है और उसमें हेपेटाइटिस को खत्म करने के लिए सभी देशों से भागीदारी देने का आग्रह (World Hepatitis Day 2019 campaign, WHO is urging all countries and partners to promote the theme "Invest in eliminating hepatitis") किया है।



What is Hepatitis / क्या होता है हेपेटाइटिस

WHO के मुताबिक, हेपेटाइटिस लीवर से जुड़ी एक गंभीर संक्रामक रोगों के समूह की वजह से होने वाली सूजन की बीमारी है। इसे लक्षणों के मुताबिक अलग-अलग A,B,C,D और E भागों में बांटा जाता है। हेपेटाइटिस वायरस, अत्याधिक शराब और ड्रग्स का सेवन करने के साथ ही ऑटोइम्यून रोग भी माना जाता है। इसके बढ़ने पर लीवर सिरोसिस या लीवर कैंसर होने की अशंका बढ़ जाती है। हैपेटाइटिस अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों ही रुप में लोगों के लीवर को प्रभावित करती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ो के मुताबिक, दुनिया में हेपेटाइटिस B यानि क्रोनिक हेपेटाइटिस बी से दुनिया में सबसे ज्यादा लगभग 257 करोड़ और क्रोनिक हेपेटाइटिस सी से करीब 71 करोड़ लोग पीड़ित है। हर साल लगभग 10 लाख लोग हेपेटाइटिस की वजह से अपनी जान गंवाते हैं। ये संख्या ये संख्या तपेदिक और Hiv से होने वाली मौते से बहुत ज्यादा है।

Type Of Hepatitis / हेपेटाइटिस के प्रकार

WHO के अनुसार, हेपेटाइटिस ए और ई दूषित भोजन या पानी की वजह से होता है। जबकि हेपेटाइटिस बी, सी और डी आनुवांशिक और अशुद्ध रक्त और दूषित उपकरणों के संपर्क,हेपेटाइटिस बी के पीड़ित के संपर्क में आने और यौन संपर्क से होता है। हेपेटाइटिस का इंफेक्शन तेजी से फैलता है और इसके लक्षण बेहद ही सामान्य होते हैं, जिन्हें पहचानना बेहद मुश्किल होता है। इसमें अत्यधिक थकान, पीलिया (त्वचा और आंखों का पीला होना), गहरे रंग का पेशाब, मितली, उल्टी और पेट दर्द जैसे लक्षण शामिल होते हैं।

हेपेटाइटिस के प्रकार

WHO के मुताबिक, हेपेटाइटिस को 7 प्रकार में बांटा जाता है। जिसमें हेपेटाइटिस A,B,C,D,E,एल्कोहोलिक हेपेटाइटिस और ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस।

1. हेपेटाइटिस A वायरस (HAV) - हेपेटाइटिस A, वायरस की वजह से होने वाली लीवर इंफेक्शन की एक बीमारी है। इसे (HAV) वैक्सीन के जरिए रोका

जा सकता है। ये वायरस दूषित पानी और भोजन का सेवन करने से फैलता है। इसके अलावा कई मामलों में सेक्स की वजह से भी हेपेटाइटिस A वायरस (HAV)फैल सकता है। ये वायरस जानलेवा भी साबित हो सकता है। इसे वैक्सीन के माध्यम से रोका जा सकता है।

2. हेपेटाइटिस B वायरस (HBV) - हेपेटाइटिस B,वायरस से होने वाली एक गंभीर लीवर इंफेक्शन की बीमारी है। इसमें रक्त, वीर्य और शरीर के अन्य तरल पदार्थ में इंफेक्शन होने से फैलता है। हेपेटाइटिस B वायरस (HBV) माताओं से शिशुओं में या बचपन में परिवार के संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने और दूषित रक्त,दूषित इंजेक्शन, इंजेक्शन दवा के उपयोग के जरिए भी फैल सकता है। हेपेटाइटिस B सबसे गंभीर रोगों में से एक है। इसका खतरा स्वास्थ्यकर्मियों को सबसे ज्यादा होता है। वैसे हेपेटाइटिस B वायरस (HBV) को रोकने के लिए सुरक्षित वैक्सीन यानि टीकाकरण उपलब्ध है।

3. हेपेटाइटिस C वायरस (HCV)- हेपेटाइटिस C वायरस (HCV) अधिकतर इंफेक्टिड ब्लड यानि संक्रामक रक्त के संपर्क में जाने से फैलता है। इसके अलावा यौन संबंध भी एक कारण होता है। इसमें वायरस की वजह से लीवर में सूजन आ जाती है। हेपेटाइटिस C वायरस (HCV) के लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।

4.हेपेटाइटिस D वायरस (HDV)- हेपेटाइटिस D वायरस (HDV),ये इंफेक्शन सिर्फ उन लोगों को होता है। जो हेपेटाइटिस B वायरस (HBV) से पीड़ित होते हैं। इस वजह से पीड़ित व्यक्ति के लिए स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है। लेकिन इसमें हेपेटाइटिस B का वैक्सीन सुरक्षा देने में कारग साबित होता है।

5. हेपेटाइटिस E वायरस (HEV)- हेपेटाइटिस E वायरस (HEV), ये ज्यादातर दूषित पानी या भोजन के सेवन से फैलता है। हेपेटाइटिस E का वायरस (HEV) दुनिया के विकासशील देशों में सबसे ज्यादा और तेजी से फैलने वाला वायरस है। इसे महामारी कहना गलत नहीं होगा। HEV इंफेक्शन (संक्रमण) को रोकने के लिए सुरक्षित टीके (वैक्सीन) विकसित किए गए हैं, लेकिन उनकी उपलब्धता बेहद कम है।




Hepatitis Symptoms / हेपेटाइटिस के लक्षण :

मायोक्लीनिक डॉट ओरजी के मुताबिक, हेपेटाइटिस रोग के लक्षण कुछ हफ्तों के लिए रहकर गायब हो जाते हैं। जबकि कभी-कभी हेपेटाइटिस A एक गंभीर इंफेक्शन वाली बीमारी है। जो कई महीनों तक चल सकती है। ये हैं हेपेटाइटिस रोग के लक्षण...

1. थकान होना

2. पेट दर्द और बेचैनी होना, इसके अलावा पसलियों के नीचे या ऊपरी दाहिनी ओर लीवर के पास दर्द होना

3. भूख में कमी होना

4. हल्का बुखार रहना

5. गहरे पीले रंग का पेशाब आना

6. जोड़ों में दर्द होना

7. त्वचा और आंखों का सफेद या पीला होना (पीलिया)

8. शरीर में तेज खुदली होना

9. मिट्टी के रंग का मल आना



Hepatitis Causes / हेपेटाइटिस के कारण

मायोक्लीनिक डॉट ओरजी के अनुसार हेपेटाइटिस के कारण...

1.हेपेटाइटिस A का वायरस लीवर की कोशिकाओं में जाकर उनमें सूजन पैदा करता है। हेपेटाइटिस A का विषाणु (वायरस) सबसे ज्यादा दूषित खाने-पीने की चीजों के माध्यम से फैलता है।

2. टॉयलेट का उपयोग के बाद सफाई से हाथ न धोना।

3. सीवेज या दूषित पानी वाले मांसाहार का सेवन करना

4. हेपेटाइटिस संबंधी बीमारी वाले व्यक्ति के संपर्क में आना या सेक्स करना।

5. हेपेटाइटिस के वायरस वाले क्षेत्रों की यात्रा या काम करने पर।

6. किसी भी प्रकार की अवैध दवाओं यानि गैरकानूनी ड्रग्स का उपयोग करने पर (इंजेक्शन का इस्तेमाल करने पर)


Hepatitis Treatment / हेपेटाइटिस का उपचार

आमतौर पर हेपेटाइटिस A के असर को रोकने के लिए वैक्सीन यानि टीकाकरण का उपयोग किया जाता है। पीड़ित को टीका 2 बार दिया जाता है। जो पहले बीमारी की शुरुआत में लगाया जाता है जबकि दूसरा वैक्सीन 6 महीने बाद दिया जाता है। हेपेटाइटिस ए को रोकने वाली वैक्सीन आमतौर पर इन स्थिति में लगाया जाता है...

1. 1 साल या उससे बड़े बच्चे जिन्हें बचपन में हेपेटाइटिस वैक्सीन नहीं लगा हो।

2. 1 साल या उससे ज्यादा की आयु का व्यक्ति जो बेघर हो।

3. हेपेटाइटिस ए की बीमारी की अधिकता वाले देशों में परिवार और गोद लेने वालों के सदस्यों को।

4. हेपेटाइटिस ए के पीड़ितों के संपर्क में आने वाले लोगों को।

5. टेस्ट लैब के कर्मचारियों को।

6. जो पुरुष अन्य पुरुष के साथ शारीरिक संबंध बनाते हों।

7. अवैध दवाओं या ड्रग्स का सेवन करने वाले लोगों को।

8. क्रोनिक लीवर डिसीज वाले पीड़ित या हेपेटाइटिस बी या हेपेटाइटिस सी वाले लोगों को भी वैक्सीन लगवानी चाहिए।

9. अगर आपको हेपेटाइटिस के लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर टेस्ट करवाएं और वैक्सीन लगवाने के लिए सलाह लें।




These people should avoid taking hepatitis vaccine / इन लोगों को हेपेटाइटिस की वैक्सीन लेने से बचना चाहिए...

वेबमेडी के मुताबिक, कुछ लोगों को हेपेटाइटिस का वैक्सीन लगवाना किसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। इसलिए इन लोगों को हेपेटाइटिस की वैक्सीन से बचना चाहिए :

1.अगर आप किसी एलर्जी से पीड़ित हैं, तो ऐसे में हेपेटाइटिस ए वैक्सीन से बचना चाहिए। क्योंकि वैक्सीन में फिटकरी और फेनोक्सीथेनॉल रसायन की उपयोग किया जाता है

2. प्रेग्नेंसी के दौरान भी हेपेटाइटिस वैक्सीन नहीं लगवाना चाहिए।

3. किसी गंभीर बीमारी के होने पर भी हेपेटाइटिस वैक्सीन लगवाने से बचना चाहिए।

Hepatitis vaccine when and how to apply / हेपेटाइटिस वैक्सीन (टीका) कब और कैसे लगवाएं :

1. हेपेटाइटिस वैक्सीन अन्य वैक्सीन की तरह बाएं हाथ के ऊपरी भाग में में इंजेक्शन लगवाएं।

2. हेपेटाइटिस वैक्सीन को इंफेक्शन का खतरा होने पर या किसी अनहाईजीनिक जगह पर लंबे समय तक यात्रा पर जाने से कम से कम एक महीने पहले वैक्सीन लगवा सकते हैं। याद रखें कि हेपेटाइटिस वैक्सीन 6 महीने में 2 बार जरुर लगवाएं। हेपेटाइटिस वैक्सीन आपको हेपेटाइटिस A हेपेटाइटिस B से सुरक्षा प्रदान करते हैं।

Hepatitis Precautions / हेपेटाइटिस से बचाव :

1. हमेशा ताजे फलों और सब्जियों को अच्छे से धोकर और छीलकर ही सेवन करें।

2. कभी भी कच्चा या अधपका मांस या मछली का सेवन न करें।

3. बाजार की बर्फ का सेवन करने से बचें।

4. हमेशा पानी को उबालकर ठंडा करके ही पीएं।

5. सफाई यानि हाईजीन से रहने की आदत बनाएं।

6. हमेशा खाना खाने से पहले साबुन से हाथ जरुर धोएं।

7. टॉयलेट या बच्चों के डायपर बदलने के बाद साबुन से हाथ जरुर साफ करें।

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