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World Food Day 2019 : विश्व खाद्य दिवस की थीम, इतिहास और स्वास्थ्य पर प्रभाव

World Food Day 2019 (विश्व खाद्य दिवस 2019) 16 अक्टूबर को पूरी दुनिया में वैश्विक खाद्य दिवस मनाया जाएगा। इस दिन लोगों को भोजन की बर्बादी से रोकना, भोजन के महत्व के साथ हेल्दी फूड को बढ़ावा देना और दुनिया में शून्य भूख लक्ष्य (Zero Hunger World)के प्रति लोगों में जागरुकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। इसके साथ आज हम आपको वर्ल्ड फू़ड डे 2019 (World Food Day 2019) के अवसर पर आपको इसकी थीम, इतिहास और भोजन का स्वास्थ्य पर प्रभाव के बारे में बतायेगें।

World Food Day 2019 : विश्व खाद्य दिवस की थीम, इतिहास और स्वास्थ्य पर प्रभावWorld Food Day 2019 Theme History and Health Effects In Hindi

World Food Day 2019 : संयुक्त राष्ट्र (UN) ने साल 2019 में वर्ल्ड फू़ड डे की थीम (World Food Day Theme 2019) शून्य भूख लक्ष्य : हमारे कार्य हमारे भविष्य (Zero Hunger: "Our Actions are our Future) रखी है। इस थीम का उद्देश्य दुनिया में सभी भूखे लोगों तक भोजन पहुंचाना है। इसके साथ लोगों को पौष्टिक भोजन के बारे में जानकारी देना, बीमारियों को रोकने में भोजन की भूमिका और जंक फूड के प्रभाव को कम करने के साथ कृषि संगठन (FAO) के सहयोग से विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साथ मिलकर बनाए गए लक्ष्यों की प्राप्ति करना है। ऐसे में आइए जानते हैं विश्व खाद्य दिवस ( World Food Day) को मनाने का कारण और इसकी आवश्यकता...

वर्ल्ड फू़ड डे की थीम (World Food Day 2019 Theme)

हर साल वर्ल्ड फू़ड डे अलग-अलग थीम और लक्ष्य के तहत मनाया जाता है। साल 2019 वर्ल्ड फू़ड डे की थीम (World Food Day 2019 Theme) शून्य भूख लक्ष्य : हमारे कार्य हमारे भविष्य (Zero Hunger: "Our Actions are our Future) बनाई गई है। World Food Day 2019 : World Food Day History / विश्व खाद्य दिवस का इतिहास

वर्ल्ड फू़ड डे यानि विश्व खाद्य दिवस (World Food Day) हर साल 16 अक्टूबर को पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इस दिन संयुक्त राष्ट्र (UN) ने अतंर्राष्ट्रीय स्तर पर खाद्य व कृषि संगठन की स्थापना साल 1945 में की थी। जिसमें खाद्य और कृषि संगठन (FAO) सदस्य देशों को शामिल किया गया था। विश्व खाद्य दिवस को वर्तमान में खाद्य इंजीनियरिंग दिवस के नाम से भी जाना जाता है।

संयुक्त राष्ट्र (UN)विश्व खाद्य दिवस के अलावा हर साल 7 जून को विश्व खाद्य दिवस सुरक्षा दिवस भी मनाता है। जिसका उद्देश्य लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन खाने के लाभ, उसकी उपलब्धता को सुनिश्चित करना और खेतो में कीटनाशकों के उपयोग को कम करना है।डब्ल्यूएचओ (WHO) के आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया में 10 में से लगभग 1 लोग दूषित भोजन खाने से बीमार होते हैं, जिसमें 5 साल से कम उम्र के बच्चों की लगभग 1,25,000 मौत हो जाती है। इसलिए संयुक्त राष्ट्र (UN) ने जहरीले भोजन से होने वाली बीमारियों के प्रति जागरुकता, सस्ती और उपयोगी कृषि सुधार करने जैसे लक्ष्यों को स्थापित किया है। जिससे दुनिया में सभी लोगों को स्वच्छ और समान मात्रा में पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो सके।




World Food Day 2019 : स्वस्थ आहार क्या है (What is Healthy Diet)

स्वस्थ आहार यानि वो आहार, जो आपके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जरुरी पौषक तत्वों कैल्शियम, प्रोटीन, फाइबर, जिंक, आयरन, मैग्नीशियम और फोलिक एसिड, अमीनो एसिड की कमी को पूरा किया जा सके। इसमें आप फल, मेवे, बीज,सब्जियां, फलियां, और साबुत अनाज जैसे खाद्य पदार्थ शामिल कर सकते हैं। इसके साथ चीनी और नमक का कम मात्रा में सेवन करना।




World Food Day 2019: पौष्टिक आहार न खाने का सेहत पर प्रभाव (Effect of Not Eating Nutritious Food on Health)

1. कुपोषण

आज के समय में बढ़ते जंक फूड के प्रभाव की वजह से लोगों में पौष्टिक आहार खाना बेहद कम हो गया है। जिससे समय से पहले ही बच्चे और मध्यम आयु के लोग गंभीर बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। ऐसे में अगर उन्हें बीमारियों से बचाना है, तो पौष्टिक आहार यानि बैलेंस्ड डाइट लेने की आदत को अपनाना पड़ेगा।

2. कमजोर हड्डियां

आज के दौर में बड़े ही नहीं बच्चों में भी कमजोर हड्डियां और हड्डियों से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसके लिए खान-पान की गलत आदतों के साथ खाने की कम गुणवता जिम्मेदार है। जिसे दूर करने के लिए डेयरी प्रोडक्ट्स के साथ मौसमी फलों का सेवन करना बेहद जरुरी है।

3. खून की कमी

महिलाओं और लड़कियों में खून की कमी होना अब बेहद सामान्य होता जा रहा है। ऐसे में अगर आप खून की कमी से होने वाली बीमारियों से बचना चाहते हैं, तो आप आयरन से भरपूर डाइट के साथ आयरन रिच फ्रूट्स का सेवन करें।

4. शरीर में कमजोरी

खून की कमी, कुपोषण के साथ शरीर में कमजोरी रहना, थकान रहना और बार-बार चक्कर आने की समस्या। शरीर में पौषक तत्वों की भारी कमी को दर्शाता है। ऐसे में आयरन, मैग्नीशियम, फोलिक एसिड आदि से भरपूर डाइट का सेवन करना चाहिए।

5. मानसिक विकास में बाधा

पौष्टिक आहार न खाने से शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक विकास पर भी गहरा असर पड़ता है। इससे लोगों की निर्णय क्षमता में कमी, चीजों को याद रखने में परेशानी, बातों और चीजों को समझने में समय लगना आदि समस्याएं बढ़ जाती हैँ।

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