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World Brain Tumor Day : कब है वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे 2019, जानें ब्रेन ट्यूमर के लक्षण, कारण और उपचार

हर साल 8 जून को वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे (World Brain Tumor Day) मनाया जाता है। इस दिन समाज को ब्रेन ट्यूमर (Brain Tumor) के बारे में जागरूकता बढ़ाने और सभी को इसके प्रति शिक्षित करने के लिए अभियान चलाया जाता है। यह दिन उन लोगों के लिए भी है जो इस बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें इस बीमारी से निपटने के लिए कुछ जरूरी दिशा निर्देश भी दिया जाता है। ब्रेन ट्यूमर मस्तिष्क की सेल्स में होता है। कई बार ऐसा ट्यूमर कैंसर रहित भी होता है।

World Brain Tumor Day : कब है वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे 2019, जानें ब्रेन ट्यूमर के लक्षण, कारण और उपचार

World Brain Tumor Day 2019 : हर साल 8 जून (8 June) को वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे (World Brain Tumor Day) मनाया जाता है। इस दिन समाज को ब्रेन ट्यूमर (Brain Tumor) के बारे में जागरूकता बढ़ाने और सभी को इसके प्रति शिक्षित करने के लिए अभियान चलाया जाता है। यह दिन उन लोगों के लिए भी है जो इस बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें इस बीमारी से निपटने के लिए कुछ जरूरी दिशा निर्देश भी दिया जाता है। ब्रेन ट्यूमर मस्तिष्क की सेल्स में होता है। कई बार ऐसा ट्यूमर कैंसर (Cancer) रहित भी होता है।

मस्तिष्क की कोशिकाओं का असामान्य रूप से बढ़ जाने से जो गांठ बन जाती है उसी को हम ब्रेन ट्यूमर कहते हैं। गांठ बन जाने के बाद कोशिकाएं डैमेज (Damage Cells) होने लगते हैं। यह दो प्रकार का होता है- कैंसर रहित व कैंसर युक्त। ब्रेन ट्यूमर को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह किसी को भी हो सकता है। आज वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर दिवस (World Brain Tumor Day 2019) पर हम बताने जा रहे हैं इनसे जुड़ी कुछ जरूरी बातें जिनसे आप भी इसके प्रति जागरूक हो सकते हैं।

मस्तिष्क में गांठ का मतलब कैंसर?

मस्ति्क में गांठ बन जाने पर आमतौर पर कहा जाता है कि कैंसर बन गया है लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। लेकिन कई बार यह घातक हो जाता है। यह सिर्फ ब्रेन को ही प्रभावित नहीं करता बल्कि पूरे शरीर को अपने जकड़ में ले लेता है क्योंकि मस्तिष्क ही पूरे शरीर का संचालन करती है। इलाज के तौर पर इन दिनों माइक्रो एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी के द्वारा इसे खत्म किया जा रहा है। इस सर्जरी में हर असंभव जगहों पर पहुंचना संभव होता है।

आइए जानते हैं कि ब्रेन ट्यूमर का लक्षण क्या है और इससे कैसे बचा जा सकता है और इसका इलाज क्या है...

ब्रेन ट्यूमर के लक्षण - (Symptoms Of Brain Tumor)

  • सिर का धीरे-धीरे भारी हो जाना।
  • जी मिचलाना और बार-बार उल्टी होना।
  • देखने-सुनने और बोलने में परेशानी होना या आंखों की रोशनी कम हो जाना।
  • दो चीजें दिखाई देना।
  • शरीर का संतुलन बनाने में परेशानी होना।
  • बार-बार चक्कर आना।
  • ठीक से सुनाई न देना।

ब्रेन ट्यूमर के कारण (Cause of Brain Tumor in Hindi)

ब्रेन ट्यूमर तब बनता है जब मस्तिष्क की कोशिकाओं के डीएनए में कोई गड़बड़ी होने लगती है। इसके बाद कोशिकाएं तेजी से बनती हैं और टूटती हैं। इनके बनने के कारण ही स्वस्थ कोशिकाएं डैमेज होने लगती हैं। इसके बाद एक गांठ बन जाता है, जो ट्यूमर कहलाता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 10 साल से भी ज्यादा समय तक मोबाइल का प्रयोग करने से ब्रेन ट्यूमर का खतरा 33 प्रतिशत बढ़ जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि मोबाइल से निकलने वाले रेडिएशन से बच्चों में ब्रेन ट्यूमर का खतरा रहता है। कई बार अनुवांशिक कारणों से भी ब्रेन ट्यूमर का कारण पाया गया है। जिनके परिवार में कभी किसी को ब्रेन ट्यूमर रहा हो उसके साथ इसका खतरा बना रहता है।

ब्रेन ट्यूमर का इलाज (Treatment Of Brain Tumor)

ब्रेन ट्यूमर के आकार, उसकी स्थिति के आधार पर डॉक्टर्स इलाज करते हैं।

सर्जरी के द्वारा-

सर्जरी से पूरे ट्यूमर को या डैमेज भाग को सर्जरी के द्वारा बाहर निकाल दिया जाता है। इस सर्जरी में मरिज को कई तरह के जोखिम का सामना करना पड़ता है। जैसे- इनफेक्शन, ब्लीडिंग। अगर ट्यूमर ऐसे स्थान पर है जहां पारंपरिक सर्जरी से नहीं निकाला जा सकता तो अत्याधुनिक सर्जरी का सहारा लेते हैं।

माइक्रो एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी कहा जाता है। इस सर्जरी में आसानी से ट्यूमर को निकाला जा सकता है। इसमें असंभव जगहों पर पहुंचना आसान होता है। इसमें एंडोस्कोप का प्रयोग किया जाता है। इस सर्जरी के साइड इफेक्ट्स भी कम हैं।

रेडिएशन थेरेपी के द्वारा

इस थैरेपी में डैमेज कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है। इसमें हाई एनर्जी बीम का प्रयोग किया जाता है। एक्सरे या प्रोटान्स रे के जरिए ट्यूमर को जला दिया जाता है।

कीमोथैरेपी के द्वारा

इस थैरेपी में कैंसरजनित कोशिकाओं को मारने के लिए दवाईयों का इस्तेमाल करेत हैं। इसमें दवा के रूप में गोली या इंजेक्शन दिया जाता है। इस इलाज के दौरान उल्टी , बाल झड़ना व जी मचलाने की समस्या आती है।

रेडियो सर्जरी के द्वारा

रेडियो थैरेपी में कैंसरजनित कोशिकाओं को खत्म करने के लिए रेडिएशन बीम का प्रयोग किया जाता है। यह सर्जरी एक ही बार में हो जाती है।

कैसे बचा जा सकता है इस भयानक बीमारी से? (How to protect from brain tumor In Hindi)

  1. इस बीमारी से बचने के लिए हमें रेडियोफ्रीक्वेंसी एनर्जी से बचना चाहिए। मोबाइल फोन का कम से कम इस्तेमाल करें तो ज्यादा बेहतर होगा। बात करने के दौरान स्पीकर मोड कर लें तो रेडिएशन से बचा जा सकता है। वहीं अपने वजन पर भी नियंत्रण रखना जरूरी है। कद के हिसाब से वजन होना चाहिेए।
  2. अधिक वसा युक्त भोजन व मीठे पेय पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए। ज्यादातर हरी सब्जियों व फलों का जूस इस्तेमाल करना चाहिए, जिसमें विटामिन सी युक्त खट्टे फलों को प्राथमिकता दें। नियमति रूप से योग व ध्यान करें।
  3. अगर पास्ट में माता-पिता में से किसी को भी कैंसर की शिकायत रही हो तो अपना जांच करा लें, उपर्युक्त लक्षणों में से किसी भी लक्षण से लंबे समय से परेशानी हो तो जरूर किसी न्यूरो सर्जन को दिखा लें।
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