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वर्क फ्रॉम होम कल्चर में बढ़े रीढ़ की हड्डियों के मरीज, प्रोफेशनल युवाओं से लेकर बुजुर्ग भी हैं परेशान

वर्क फ्रॉक होम के दौरान घंटों एक ही जगह पर गलत पोश्चर में बैठने से रीढ़ की हड्डी से लेकर गर्दन और लोवर बैक की समस्याओं से ग्रसित लोगों की संख्या बढ़ी। खुद को ऐसे रख सकते हैं फिट।

वर्क फ्रॉम होम कल्चर से बढ़े रीढ़ की हड्डियों के मरीज, प्रोफेशनल युवाओं से लेकर बुजुर्ग भी हैं परेशान
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वर्क फ्रॉम होम कल्चर से बढ़े रीढ़ की हड्डियों के मरीज, प्रोफेशनल युवाओं से लेकर बुजुर्ग भी हैं परेशान

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते एक साल पहले अचानक लगे लॉकडाउन (Lockdown) के बीच ज्यादातर आईटी, अकाउंट से लेकर कटेंट राइटिंग कराने वाली कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) दे दिया। अपना रोजगार चलाने और घर से न निकल पाने की वजह से लोगों ने काम भी शुरू कर दिया, लेकिन बिना सही पॉजिशन और घंटों एक ही तरीके से बैठकर काम करने से युवाओं में भी रीढ़ की हड्डियों की समस्या बढ़ गई है। ज्यादातर लोग ऐसे हैं जिन्होंने घंटों बेड पर बैठकर एक ही पॉजिशन (Seating Position) में काम किया और अब कमर दर्द से परेशान है। इतना ही नहीं लोग रीढ़ ककी हड्डियों से जुड़ी बीमारियों से ग्रसित होने लगे हैं। ऐसे में एक बार फिर से कोरोना की दूसरी लहर उन्हें डराने लगी है। इस बार फिर से वर्क फ्रॉम होम के बीच कैसे बैठे, कितने घंटे एक जगह पर बैठकर काम करें। साथ ही रीढ़ से लेकर गर्दन के दर्द से कैसे बचें। इसको लेकर हम बताने जा रहे है एक्सपर्ट टिप्स।

रीढ़ की हड्डियों के विशषज्ञ (लेफ्टिनेंट कर्नल रिटायर्ड) डॉक्टर शिशिर कुमार की मानें तो वर्क फ्रॉम होम से न केवल रीढ़ की हड्डी, बल्कि गर्दन से भी संबंधित समस्याओं ने घंटों कप्यूटर पर बैठकर काम करने वाले युवाओं को घेरा है। इसकी वजह घंटों तक एक ही जगह पर गलत पोश्चर में न बैठकर काम करना भी है। इसमें न सिर्फ जवान लोग, बल्कि बूढ़े बुजुर्ग वो लोग जिन्हें चलने फिरने और व्यायाम की ज्यादा जरूरत है, लॉक डाउन के दौरान घरों में ज्यादा वर्कआउट नहीं कर पाए, उन्हें भी रीढ़ संबंधित बीमारियां बढ़ रही हैं।

डॉक्टर कुमार बताते हैं कि वर्क फ्रॉम होम के दौरान घंटों एक ही जगह पर बैठकर काम करने वाले लोगों को स्टैंडिंग डेस्क की व्यवस्था करनी चाहिए। जिससे की वो खड़े होकर भी अपने कम्प्यूटर और लैपटॉप पे काम कर सकें। स्टैंडिंग डेस्क से न सिर्फ पोस्चर ठीक होता है बल्कि ज्यादा कैलोरी बर्न होने से सेहत भी ठीक रहती है, लेकिन स्टैंडिंग डेस्क भी आरामदेह होना चाहिये। जिससे कंधो से लेकर गर्दन एक दम आरामदय स्थित में रहे। उस पर कोई असर न पड़े। साथ ही वर्क फ्रॉम होम के दौरान डेस्क बनाते समय यह ध्यान जरूर रखें कि आप को सीधे खड़े होकर, अपनी आँखों के सामने स्क्रीन रखकर, कंधे नॉर्मल स्थिति में रखकर काम करना है। इसके आलावा, काम के बीच में मौका निकाल कर स्ट्रेचिंग करने चाहिए। जिससे लोवर बैक और अपर बैक को आराम मिले। बिस्तर में पड़े रहकर ज्यादा देर तक काम न करें। डॉक्टर की मानें तो रीढ़ की हड्डियों संबंधित बीमारियों से सावधानी ही बचाव है और जिनको रीढ़ और गर्दन संबंधित दिक्क्त हो रही है वो तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर के पास जाये। ऐसी बीमारियों को ज्यादा समय तक अनदेखा भूलकर भी न करें।

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