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जानें क्यों समय से पहले नाबालिग हो रही हैं युवा

जब हम छोटे होते हैं, तो हमें बड़े होने की चाह होती है, और जब हम बड़े हो जाते हैं, तो हम सभी फिर से बच्चा बनना की ख्वाहिश रखते हैं। दरअसल, आज हम आपको लड़कियों के उम्र से पहले ही बड़े यानि सयाने होने के कारणों के बारे में बता रहे हैं। हाल ही में अमेरिका में हुए एक सर्वे में बेहद चौंकानें वाले खुलासे हुए हैं, आइए जानते हैं कि आखिर क्यों समय से पहले बड़ी हो रहीं हैं लड़कियां...

जानें क्यों समय से पहले लड़कियां हो रही हैं युवाwhy girls are getting young in early age in hindi

आज के बदलते दौर में खानपान की आदतों, रहन-सहन और काम करने के तरीकों में बहुत तेजी से बदलाव आ रहा है, जिसका असर हमारी सेहत पर ही नहीं बल्कि गर्भ में पल रहे शिशुओं पर भी साफ देखा जा सकता है। ऐसा ही एक असर है छोटी बच्चियों यानि 10-12 साल की आयु में ही पीरियड्स होने की समस्या होना। जो बेहद एक चिंता का विषय बनता जा रहा है। क्योंकि लड़कियां लड़कों की तुलना में बेहद कम समय में परिपक्वता हासिल कर रही हैं। जिससे उनमें समय से पहले ही बचपन खत्म हो जाता है, जो उनके शारीरिक और मानसिक विकास पर भी बुरा असर डालती हैं। ऐसे में आज हम आपको लडकियों के समय से पहले किशोरावास्था को पाने के कारण, नुकसान के बारे में बता रहे हैं।






कम उम्र में लड़कियों युवा होने की वजह (Reasons For Girls Young in Early Age)

अमेरिका की कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने हाल ही में हुए यूएस सेंटर फॉर दी हेल्थ एसेसमेंट ऑफ मदर्स एंड चिल्ड्रेन ऑफ सलीनास (सीएचएएमएसीओएस) के शोध में कुल 338 बच्चियों को शामिल किया गया। ये सर्वे बच्चियों में उम्र से पहले आने वाली परिपक्वता और किशोरावास्था के कारणों को जानने के लिए किया गया था।

शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन बच्चियों की मांओं के शरीर में गर्भावास्था के दौरान डाईइथाइल थैलेट और ट्राईक्लोसन नामक रसायन की मात्रा का स्तर अधिक था, वो कम उम्र में ही किशोरावास्था में प्रवेश कर गई यानि युवा हो गईं।




ब्यूटी प्रोडक्ट्स के हानिकारक कैमिकल (Harmful Chemicals of Beauty Products)

शोध के मुताबिक, गर्भावास्था में मां के द्धारा उपयोग की गई वस्तुओं (टूथपेस्ट, मेकअप, साबुन) और ब्यूटी प्रोडक्ट्स में मौजूद कैमिकल्स के उच्च स्तर होने पर शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास पर बुरा प्रभाव डालता है। जिसकी वजह से खासतौर पर लड़कियां समय से पूर्व ही युवावास्था में कदम रख लेती हैं।

जरूरत से ज्यादा ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल नुकसानदायक (Over Use of Beauty Products)

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोसेसर किम हर्ले के मुताबिक, हम शरीर पर जो भी लगाते हैं वो हमारे शरीर में सांस या त्वचा के संपर्क के माध्यम से प्रवेश कर जाती हैं। ऐसे में लंबे समय तक उनका अधिक मात्रा में उपयोग करना बेहद खतरनाक साबित होता है। खासकर गर्भावास्था के दौरान इसका असर मां के साथ शिशु के लिए बेहद घातक होता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को कम से कम ब्यूटी प्रोडक्टस का इस्तेमाल करना चाहिए।

अन्य कारण




मोटापा (Obesity)

साल 2009 में बाल रोग में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक लड़कियों में समय से पूर्व मासिक धर्म का आना और युवा होने में उनके बढ़ते वजन, मोटापा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शोधकर्ताओं ने लंबे समय तक किए एक सर्वे में पाया कि मोटापे की वजह से शरीर में सामान्य रुप से अंतःस्रावी रसायनों के अवरोधों के रूप जाना जाने वाले कुछ यौगिकों यानि कीटनाशक, पॉलीक्लोराइनेटेड बाइफिनाइल्स और बिसफेनोल ए के संपर्क में आने से शरीर में तेजी से एस्ट्रोजेन नामक रसायन बनने लगता है, जिससे स्तनों में वृद्धि को बढ़ावा मिलता है।




तनाव (Stress)

बच्चियों में उम्र से पहले युवा होने के लिए उनके बचपन में कोई गंभीर सदमा या बुरे अनुभव से गुजरने की वजह के अलावा माता-पिता की अनुपस्थिति में जीवन संघर्ष की वजह से भी वक्त से पहले चीजों और रिश्तों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाती है जिससे परिपक्वता का एक प्रतीक माना जाता है।

लड़कियों के समय से पहले युवा होने के नुकसान (Disadvantages of Girls are Young in Early Age)



यौन शोषण का ख़तरा बढ़ना (Increased Risk of Sexual Abuse)

कम उम्र में लड़कियों के शरीर का तेजी से विकास होने की वजह से उनके साथ यौन शोषण का खतरा बढ़ जाता है। क्योंकि इससे उनकी समान आयु के लड़कों के अलावा बड़े बयस्कों की बुरी नजरें उन्हें अपना शिकार बनाने लगती हैं। बीबीसी की एक रिसर्च के मुताबिक, भारत, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे कई देशों 6 साल तक की उम्र की बच्चियों को स्टेशनों और रेल गाड़ियों में यौन उत्पीड़न शिकार बनाया जाता है।

मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर (Bad Effect on Mental Health)

अमरीका की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी में मनोविज्ञान की प्रोफ़ेसर जेन मेंडल ने महिलाओं के पीरियड्स के समय होने वाले मानसिक बदलावों पर लंबा शोध किया है। प्रोफ़ेसर मेंडल के मुताबिक, समय से पूर्व बच्चियों के युवा होने यानि पीरियड्स की शुरुआत होना मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर होने का एक संकेत होता है, ये बात दुनिया के तमाम देशों में रिसर्च से सामने आई।

प्रोफ़ेसर मेंडल आगे कहती हैं, लड़कियों के उम्र से पहले बढ़े होने के लिए पुरुषों की अनचाही और घूरती नजरें होती हैं। इसके अलावा शारीरिक बनावट पर मिलने वाले भद्दे कमेंट मस्तिष्क पर बुरा असर डालती हैं। जबकि कुछ देशों में मासिक धर्म और शारीरिक विकास को ही बच्चियों के परिपक्व होने का प्रतीक मान लिया जाता है और उनकी शादी कर दी जाती है। जो कि बेहद खतरनाक होता है।

यूनीसेफ की रिपोर्ट के मुताबिक़ दुनिया भर में क़रीब 25 करोड़ लड़कियों की शादी 15 साल की उम्र से पहले कर दी जाती है। ये समस्या विकासशील देशों के साथ अमरीका जैसे विकसित देश में भी देखने को मिलती है। अधिकांश अमरीकी राज्यों में नाबालिग की शादी कुछ ख़ास हालात में करने के क़ानून हैं, तो कई राज्यों में 13 साल से भी कम उम्र में शादी की इजाज़त है।

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